विश्वगुरु बनाने हेतु मातृशक्ति का योगदान महत्वपूर्ण

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  संघ प्रमुख मोहन भागवत ने महिलाओं के सशक्तिकरण और सम्मान की सुरक्षा के लिए समय समय पर जो बहुमूल्य सुझाव दिए हैं उनकी सर्वकालिक प्रासंगिकता से इंकार नहीं किया जा सकता। भागवत ने राष्ट्र सेविका समिति के अखिल भारतीय कार्यकर्ता प्रेरणा शिविर में कहा था कि भारत को परमवैभव संपन्न बनाना है तो भारत की मातृशक्ति का जागरण, सशक्तिकरण और समाज में पुरुषों के समकक्ष योगदान को सभी अनिवार्य मानते हैं ।इस बात पर भी सभी सहमत हैं कि मातृशक्ति का सशक्तिकरण और मातृशक्ति को उनकी वास्तविक भूमिका में खड़ा करने का कार्य देश के सनातन मूल्यों के आधार पर ही संभव है क्योंकि इन सब विषयों में बाकी दुनिया का अनुभव हमारी तुलना में बहुत कम है। शिविर में दिए गए उद्बोधन में संघ प्रमुख का स्पष्ट मत  था कि   सनातन एकात्म मानव दृष्टि के आधार पर देखने पर अंदर की पवित्रता ध्यान में आती है। फिर संयम , त्याग, कृतज्ञता, सारे मूल्य,ध्यान में आते हैं। उसके आधार पर हम महिला को माता कह सकते हैं । इसके अलावा कोई दूसरा उपाय नहीं है।

अमृत महोत्सव: संघ प्रमुख के विचारों की प्रासंगिकता

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सरसंघचालक चालक मोहन भागवत ने 1931 की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा था कि' तिरंगे के जन्म से उसके सम्मान के साथ संघ का स्वयंसेवक जुड़ा है। मैं आपको सत्य घटना बता रहा हूं। निश्चित होने के बाद,उस समय चक्र तो नहीं था, चरखा था,ध्वज परर।पहली बार फैजपुर के कांग्रेस अधिवेशन में उस ध्वज  को फहराया गया था। अस्सी फीट ऊंचा ध्वज स्तंभ लगाया था। नेहरू जी उनके अध्यक्ष थे। झंडा बीच में लटक गया। ऊपर पूरा नहीं जा सका और इतना ऊंचा चढ़कर उसको सुलझाने का साहस किसी का न था।एक तरुण भीड़ में से दौड़ा और सटासट उस खंभे पर चढ़ गया। उसने रस्सियों की गुत्थी सुलझाने, ध्वज को ऊपर पहुंचा कर नीचे आ गया।तो स्वाभाविक लोगों ने उसको कंधों पर उठा लिया और नेहरू जी के पास लेकर गए , नेहरू जी ने उसकी पीठ थपथपाई और कहा कि तुम शाम को खुले अधिवेशन में आओ,तुम्हारा अभिनंदन करेंगे लेकिन फिर कुछ नेता आए और कहा कि उसको मत बुलाओ,वह शाखा में जाता है। जलगांव में फैजपुर के रहने वाले श्री किशन सिंह राजपूत वह स्वयं सेवक थे। डा हेडगेवार को पता चला तो वे प्रवास करके गए । उन्होंने उनको एक छोटा सा चांदी का लोटा पुरस्कार के रूप में भेंटकर उसका अभिनंदन किया।'

सबसे मजबूत राष्ट्रपति होंगी द्रौपदी मुर्मू

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श्रीमती मुर्मू को राष्ट्रपति बनाए जाने से भाजपा की ओर महिलाओं का झुकाव भी और बढ़गा । केंद्र में संप्रग के शासनकाल में राष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष पद पर महिलाएं आसीन हुईं थीं । भाजपा ने भी पहले लोकसभा अध्यक्ष पद और अब राष्ट्रपति पद से महिलाओं को नवाज़ कर यह संदेश दिया है कि वह किसी भी मामले में कांग्रेस से पीछे नहीं है। भाजपा के धुर विरोधी राजनीतिक दलों के सामने अब यह दुविधा स्वाभाविक है कि केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा को चुनौती देने के लिए आखिर कौन सी रणनीति कारगर साबित होगी।

संघ की विचारधारा को गांव गांव तक पहुंचाएंगे शताब्दी विस्तारक

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मां भारती के अनन्य उपासक और महान देशभक्त डॉ केशव बलिराम हेडगेवार ने 1925 में विजयादशमी की पावन तिथि के शुभ अवसर पर मुट्ठी भर नवयुवकों के साथ मिलकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नामक जिस संगठन की नींव रखी थी वह इन 97 वर्षों में विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुका है जिसकी वर्तमान में देश के विभिन्न भागों में 57000 से अधिक शाखाएं संचालित हो रही हैं।

श्रीलंका को मजबूत राजनीतिक नेतृत्व ही दिला सकता है वर्तमान संकट से निजात

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  श्रीलंका इस समय  अपने इतिहास में जिस अभूतपूर्व आर्थिक संकट का सामना कर रहा है उसकी अनेक वजहें हैं परंतु मुख्य वजह तो सरकार के मनमाने गलत आर्थिक फैसले हैं जिनके कारण सरकार और  जनता के बीच दूरियां लगातार बढ़ती गई हैं । जनता का सरकार से जो मोहभंग ‌‌‌‌‌हुआ उसे भांपने में सरकार से चूक हो गई।

संघ प्रमुख की दो टूक नसीहत में छिपे मर्म को पहचाने

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इस समय देश में ज्ञानवापी मस्जिद का मुद्दा गरमाया हुआ है परंतु इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने गत दिवस नागपुर स्थित संघ मुख्यालय में संघ कार्यकर्ताओं  के तृतीय वर्ष शिक्षा वर्ग के समापन समारोह में जो भाषण  दिया है उसकी चर्चा कहीं अधिक हो…

मां पीतांबरा रथयात्रा ने बढ़ाया नरोत्तम मिश्र का कद

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मध्यप्रदेश की जनता गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र को एक सफल राजनेता के रूप में तो कई दशकों से जानती हैं परंतु उनके स्वयं के लिए धर्म और अध्यात्म हमेशा राजनीति से ऊपर रहे हैं। अध्यात्म में उनकी अटूट आस्था है ‌‌।उनकी रोजाना की दिनचर्या पूजा अर्चना से ही प्रारंभ होती…

पंजाब में आप की सुनामी से हतप्रभ हैं सभी दल

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विगत दिनों देश के जिन पांच राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव हेतु मतदान संपन्न हुआ था उनमें पंजाब एक ऐसा राज्य था जहां शुरू से ही आम आदमी पार्टी के पक्ष में माहौल दिखाई दे रहा था और मतदान की तिथि नजदीक आते आते तो ऐसा प्रतीत होने लगा था कि पंजाब में बाकी राजनीतिक दल पहले से ही हारी हुई लड़ाई लड रहे हैं।

शीतकालीन ओलम्पिक खेलों में भी राजनीति से बाज नहीं आया चीन

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चीन ने एक बार फिर भारत के सामने अपनी कुटिल राजनीति का उदाहरण पेश किया है और आश्चर्य की बात यह है कि इस बार उसने अपनी कुटिल  राजनीति के लिए खेलकूद का क्षेत्र चुना है  लेकिन उसे शायद यह याद नहीं रहा कि अपने पड़ोसी देशों के साथ हमेशा…

चुनाव आयोग सख्ती करे तो निरापद हो सकते हैं चुनाव

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देश में कोरोना की तीसरी लहर लहर आ चुकी है और वैज्ञानिक एवं चिकित्सा विशेषज्ञ यह आशंका जता रहे हैं कि  इस लहर का प्रकोप अगले दो महीनों तक बना रह सकता है । इसी बीच चुनाव आयोग ने पांच राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर की विधानसभाओं…

सतर्क रहें तो तीसरी लहर नहीं बरपा सकेगी कहर

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भारत में कोरोना संक्रमण की रफ्तार एक बार फिर भयावह गति से बढ़ने लगी है और एक दिन में 1लाख 80000 से अधिक मामले सामने आने के बाद अब यह माना जा रहा है  कि देश में कोरोना की तीसरी लहर दस्तक दे चुकी है। दक्षिण अफ्रीका में मिला कोरोना…

प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक से क्षुब्ध है सारा देश

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लगभग एक माह पूर्व जब तीनों  नए कृषि कानून वापस लेने की घोषणा की थी तब यह उम्मीद की जा रही थी कि उक्त कृषि कानूनों के विरोध में लंबे समय से आंदोलन रत किसान भी प्रधानमंत्री ‌‌‌‌‌‌‌‌की विनम्रता, विशाल हृदयता और संवेदनशीलता का सम्मान करते…

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