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मुंबई में सरकारी और सेवाभावी संस्थाओं द्वारा संचालितकई बड़े-बड़े अस्पताल हैं। इन अस्पतालों में सभी प्रकार की सुविधाएं हैं, जिनका लाभ मध्यमवर्गीय तथा गरीब मरीजों को मिलता है। किन्तु मुंबई और आस-पास के उपनगरों की बडी जनसंख्या और दिनों-दिन बढ़ती मरीजों की संख्या के आगे ये अस्पताल कम लगने लगे हैं। इन अस्पतालों में लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ती है। बहुत सी बीमारियां ऐसी होती हैं, जिनके लिए तुरन्त उपचार की जरूरत होती है। ऐसी स्थिति में मरीजों को महंगें निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है। वहां का खर्च ज्यादा महंगा होने के कारण सभी मरीज वहां नहीं पहुंच पाते हैं, तब वे भगवान के भरोसे रहकर इधर-उधर से दवा की व्यवस्था करते हैं। ऐसे गरीब मरीजों की चिकित्सा के लिए मुंबई में बहुत सी संस्थायें सहायता के लिए हाथ बढ़ाती हैं। किडनी के मरीजों के लिए कार्य करनेवाली ऐसी ही एक संस्था है- ‘श्री नमिनाथजी जैन फाऊंडेशन। मालाड स्थित यह संस्था किडनी मरीजों को पिछले बारा वर्षों से डायलेसिस की सुविधा केवल सौ रुपये में उपलब्ध करा रही है। संस्था के अध्यक्ष निरूपभाई कोठारी के नेतृत्व में डायलेसिस के साथ ही अनेक प्रकार की अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध करा यी जा रही है। इस संस्था द्वारा डायलेसिस सेन्टर की स्थापना के साथ ही देश के विभिन्न स्थानों के निजी अस्पतालों में १८४ मशीनें प्रदान की गयी हैं, जहां किडनी के मरीजों का इलाज किया जाता है।
गरीब मरीजों की सहायता- श्री नमिनाथजी जैन फाऊंडेशन की स्थापना आज से एक दशक पूर्व मालाड में की गयी। इससे पहले यहां पर श्री निरुप भाई कोठारी के दादा जी द्वारा एक जैन मन्दिर की स्थापना करके सामाजिक सेवा का काम शुरू किया गया था। उसी काम को फाऊंडेशन द्वारा आगे बढ़ाते हुए गरीबों को अन्न वितरण, वस्त्र वितरण जैसे छोटे-मोटे कार्य किये जाने लगे। आगे चलकर जब संस्था के अध्यक्ष श्री निरूपभाई कोठारी को किडनी की बीमारी, उसके लिए डायलेसिस की जरूरत और महंगी चिकित्सा की जानकारी हुई तो उन्होंने ऐसे गरीब मरीजों की सहायता करने का संकल्प लिया, जिनके लिए निजी अस्पतालों का खर्च उडाना मुश्किल था। उनके सद्प्रयासों से पहली डायलेसिस मशीन मालाड़ के ‘सूचक अस्पताल’ को दी गयी। किन्तु इतने से गरीबों की समस्या हल नहीं होने वाली थी। श्री कोडारी जी ने समाज के भामाशाहों से सतत सत्पर्क जारी रखा। उन्हें मुंबई में कई होटलों के मालिक दानवीर श्री गोपीचंद गुप्ता से काफी सहायता मिली संस्था के कार्य को देखकर उन्होंने संस्था की जरुरतों को पूर्ण न्याय देनेवाली आर्थिक मदद की और समाज के दानदाताओं से धन प्राप्त होता है। जबकि बोरीवली सेन्टर के मरीजों के लिए संस्था द्वारा प्रतिवर्ष कार्यक्रम आयोजित करके दानदाताओं से धन प्राप्त किया जाता है।
अन्य विशेषताएं- श्री नमिनाथजी जैन फाऊंडेशन द्वारा वर्तमान समय में चार डेंटल क्लीनिक, तीन एक्स-रे सेंटर, पैथालोजी लैब का संचालन कम से कम शुल्क लेकर किया जा रहा है। इसके साथ ही संस्था द्वारा देश की पहली डायलेसिस मोबाइल वैन सेवा शुरू की गई है। ऐसे मरीज जो बिस्तर से ३६ नहीं सकते और अस्पताल जा नहीं सकते, उनके लिए यह सेवा उपलब्ध है। दूसरी डायलेसिस वैन भी है, जो एच आई वी पीड़ित मरीजों का डायलेसिस मुफ्त में करने के लिए उनके घर पर भेजी जाती है। डायलेसिस सेवा के अलावा भी फाऊंडेशन द्वारा कई कार्य किये जा रहे हैं। जैसे कि हार्ट का आपरेशन, एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, किमो थिरेपी इत्यादि।
चिकित्सा सेवा के साथ श्रीनमिनाथ जी जैन फाऊंडेशन द्वारा बेसहारा लोगों को मुफ्त राशन प्रदान किया जाता हैं। संस्था द्वारा लगभग ३४० गरीब परिवारों को निःशुल्क दवाइयां दी जाती हैं। प. पू. मुरारीबापूजी के आरोग्य केंद्र में ६ डायलेसिस मशीन और गुजरात सरकार द्वारा संचालित आरोग्य केंद्रो में संस्था के माध्यम से २३ डायलेसिस मशीन दी गयी है।
अपने नौ वर्षोके सेवा कार्य में संस्था को समाज के अनेक दानवीरों की नियमित सहायता मिलती रही है। सांसद गोपाल शेट्टी के माध्यम से पोइसर जिमखाना के द्वारा संस्था को २८०० वर्ग फीट की जगह मिली है, जहां पर २५ मशीनें लगायी गयी हैं। संस्था के अध्यक्ष निरुपभाई कोठारी, विपिन भाई संघवी और उनकी टीम के सत्प्रयासों से जो सेवा कार्य चल रहा है, उसकी हर वर्ग और हर क्षेत्र के लोगों द्वारा सराहना की जा रही है।
सेवा कार्य को ध्यान मे रखकर अनेक संस्थाओं के द्वारा श्रीनमीनाथजी जैन फाऊंडेशन ट्रस्ट के कार्यों का सन्मान किया गया है। हालांकि श्रीनमिनाथ जी जैन फाऊंडेशन का उद्देश्य सन्मान पाना नही वरन दीन दलीतों के जीवन मे खुशहाली लाना है। निरुपभाई कोडारी के अनुसार संस्था अपने कार्यों का विस्तार छोटे-मोटे कस्बों तक करना चाहती है, ताकि वहां के मरीजों को भी सस्ती और अच्छी चिकित्सा सेवा मिल सके।

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