समाज, संस्था और सरकार मिल कर करें नए भारत का निर्माण – गिरीश भाई शाह

केवल सरकार देश की सारी समस्याओं का समाधान नहीं कर सकती। उसमें समाज को भी अपना योगदान देना होगा। इसलिए सरकार और सामाजिक संस्थाओं का समन्वय जरूरी है। इसके लिए गिरीश भाई लगातार प्रयासरत हैं।

समस्त महाजन संस्था के अध्यक्ष एवं भारतीय जीव – जंतु कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) के सदस्य श्री गिरीश भाई शाह सच्चे अर्थों में समाज रत्न हैं, जो सदा ही भारत को फिर से विश्वगुरु बनाने, पर्यावरण व प्राणी मात्र की रक्षा करने के लिए तत्पर रहते हैं। भारत सहित विश्व के कल्याण की कामना के साथ वर्ष 2002 में उन्होंने समस्त महाजन संस्था की स्थापना की। ‘सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय’ तथा संस्था का नारा ‘जीव मात्र का कल्याण’ इस ध्येय वाक्य को लेकर एक तपस्वी सा जीवन यापन करते हुए गिरीश भाई शाह भारत के गांव – गांव में घूमते रहते हैं और ग्राम विकास के सपने को साकार करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। संस्था को 18 वर्ष हो गए हैं। आगामी दो वर्षो में संस्था 20 वर्ष की हो जाएगी, यानी अपने पूर्ण युवा अवस्था में आ जाएगी।

स्वच्छ व स्वस्थ रखने का मिशन

गिरीश भाई का कहना है कि इन 18 वर्षों के कार्यकाल में पूरे भारत भर में बहुत ही व्यापक रूप से संस्था द्वारा कार्य किया गया। इससे व्यापक रूप से समाज में जागरूकता आई। जीव दया, गो सेवा और पर्यावरण के प्रति लोग जागृत हो रहे हैं और हमारे साथ जुड़ कर कार्य कर रहे हैं। आगे उनकी योजना है कि ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देकर रसायन मुक्त अनाज का उत्पादन किया जाए। ताकि धरती को बंजर होने से बचाया जा सके और बिना किसी मिलावट के अनाज, दूध, दही, घी, मक्खन, पनीर, फल, सब्जियां आदि खाद्य पदार्थ लोगों को सुलभ रूप से उपलब्ध हो सके। हमें दवाओं की जरूरत ही न पड़े, ऐसा स्वस्थ जीवन बनाने एवं सभी को स्वच्छ और स्वस्थ रखने के लिए वे एक मिशन पर काम कर रहे हैं। उस दिशा में वे आगे बढ़ रहे हैं। इस कार्य से प्रेरित होकर हजारों लोग इस मुहीम से जुड़े हुए हैं। अपने कार्य का अधिक विस्तार करने के लिए वह मुंबई के अलावा अहमदाबाद और दिल्ली में संस्था का कार्यालय खोलना चाहते हैं। इन तीन कार्यालयों को केंद्र बना कर भारत की सवा सौ करोड़ जनता और विश्व की 7 अरब जनता को स्वच्छ, स्वस्थ एवं सुरक्षित बनाने के लक्ष्य पर वह काम करने के इच्छुक हैं।

समाज, संस्था और सरकार का समन्वय जरूरी 

केवल सरकार देश की सारी समस्याओं का समाधान नहीं कर सकती। उसमें समाज को भी अपना योगदान देना होगा। इसलिए सरकार और सामाजिक संस्थाओं का समन्वय जरूरी है। इसके लिए गिरीश भाई लगातार प्रयासरत हैं। उनका मानना है कि समाज, संस्था और सरकार का तिकोन बना कर किसी भी कार्य को सफलतापूर्वक पूरा कर सकते हैं और किसी भी चुनौतियों का सामना कर सकते हैं। जब यह व्यवस्था साकार हो जाएगी तभी पूरी तरह से समाज इस कार्य से जुड़ जाएगा। यदि सरकार स्वच्छता अभियान चलाएगी और हम सड़कों पर कचरा फेंकते रहेंगे तो स्वच्छता मुहिम कभी सफल नहीं होगी। स्वयंशासित समाज और सकारात्मक सोच वाली सरकार होगी तो हम सब मिल कर नया भारत बना सकते है।

फिर से विश्व गुरु बनेगा भारत

महाजन संस्था सम्पूर् विश्व के लिए है। पूरे विश्व के प्राणियों को ध्यान में रख कर और विश्व के सभी जीव जंतुओं के कल्याण की कामना के साथ किसी पर कोई अत्याचार न हो, कोई भेदभाव न हो, पक्षपात न हो, पशु – पक्षियों पर अत्याचार न हो, प्रकृति और मानव सह अस्तित्व के सिद्धांत पर चले तो यह संसार स्वर्ग से भी सुंदर हो जाएगा। इस संसार को सुंदर बनाने के लिए भारत के लोग इस मुहिम में साथ दे तो हमें सफलता जरूर मिलेगी। भारत को फिर से विश्व गुरु बनाने के लिए समस्त महाजन संस्था प्रतिबद्ध है।

भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड का कार्य

भारतीय जीव – जंतु कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) के सदस्य होने के नाते गिरीश भाई शाह पशु – पक्षियों सहित सभी जीव जंतुओं के संवर्धन, सुरक्षा और उन पर किसी भी प्रकार का अत्याचार न हो, इसके लिए भी सराहनीय भूमिका अदा कर रहे हैं। गत 3 वर्षों से इस बोर्ड के सदस्य के रूप में वे उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। भारत सरकार ने 1960 में उक्त बोर्ड की स्थापना की और पशु हिंसा रोकथाम अधिनियम को लागू किया। बोर्ड का मुख्य कार्य यह है कि निरंतर अध्ययन के तहत पशुओं के विरुद्ध हिंसा रोकने के लिए भारत में प्रवृत्त कानूनों से अद्यतन रहना और समय – समय पर इनमें संशोधन करने का सरकार को सुझाव देना। केंद्र सरकार को पशुओं की अनावश्यक पीड़ा या परेशानी रोकने के संदर्भ में नियम बनाने का परामर्श करना। भार ढोने वाले पशुओं के बोझ को कम करने के लिए केंद्र सरकार या स्थानीय प्राधिकरण या अन्य व्यक्ति को पशुओं द्वारा चालित वाहनों के डिजाइन में सुधार करना आदि पशुओं पर अत्याचार न हो, इसका ख्याल रखने की जिम्मेदारी बोर्ड की होती है। कुछ समय पूर्व तक बोर्ड का मुख्य कार्यालय चेन्नई में था, जो व्यवस्था की दृष्टि से तकलीफदेह और उपयुक्त नहीं था। सरकार दिल्ली में और कार्यालय चेन्नई में यह कुछ ठीक नहीं लग रहा था। गिरीश भाई के अथक प्रयास से दिल्ली के समीप हरियाणा के वल्लभगढ़ में कार्यालय शुरू किया गया। पूर्व के कानूनों में सुधार किया गया और पशुओं के हित में नए कानून – नियम बनाए गए। 2015 से 2020 तक कुल 10 बार संशोधन किए गए।

पशु धन को बचाने हेतु कानूनों में सुधार की आवश्यकता

बोर्ड के सदस्य गिरीश भाई के अनुसार किसी भी देश को संपन्न व सुखी बनाने में पशु धन की अहम् भूमिका होती है। मानव और पशुओं का सबंध पुरातन काल से चला आ रहा है। लेकिन वर्तमान समय में मानव संवेदनहीन होता जा रहा है। देश में पशु – पक्षियों एवं अन्य जीव जंतुओं पर अनेक प्रकार के अत्याचार हो रहे हैं। कोई सड़क पर कुत्तों को मार देता है, तो कोई उन पर एसिड फेंक देता है, कोई जानवरों के खाने में जहर मिला देता है। जानवरों को ऐसी घटनाओं से बचाना बेहद जरूरी है। इसके लिए व्यापक रूप से जन जागरण करना होगा। यह आश्चर्य की बात है कि यदि जानवरों को मारा-पीटा जाए या चाबुक से पीटा जाए तो अपराधी को दंड का प्रावधान है और यदि जानवरों को काट दिया जाए तो सरकार उसे 500 रूपये की सब्सिडी देती है। इस तरह के उटपटांग कानूनों में सुधार करना अति आवश्यक है। गिरीश भाई का व्यक्तिगत रूप से मानना है कि किसी को कुछ खाना है तो वह अपनी व्यवस्था कर के खाए लेकिन सरकार प्रायोजित व्यवस्थाएं नहीं होनी चाहिए।

पशुओं के संरक्षण हेतु करोड़ों का बजट

गिरीश भाई ने बताया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में अनेक राज्यों के मुख्यमंत्री, राज्यपाल और पशुपालन मंत्री से भेंट की। कुल 6 राज्यों के प्रतिनिधियों से वे मिल चुके हैं। इनमें यूपी के आदित्यनाथ योगी जी, गुजरात के विजय रुपानी जी, राजस्थान के मंत्री प्रमोद भाया जैन और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ जी से बहुत ही सार्थक बात हुई। इसके अलावा झारखण्ड सहित अन्य राज्यों के साथ भी पशुओं को क्रूरता से बचाने को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई। इसका बहुत ही उपयोगी परिणाम सामने आया। योगी आदित्यनाथ जी ने पशुओं के संरक्षण के लिए कुल 600 करोड़ का बजट बनाया और कमलनाथ जी ने 1 हजार गोशालाएं बनाने का आश्वासन दिया। जिनमें 10 एकड़ जमीन पर गोशाला का निर्माण किया जाएगा और प्रत्येक गोशाला के निर्माण के लिए 3 करोड़ की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस तरह उन्होंने कुल 3 हजार करोड़ का बजट बनाया है। अधिकतर राज्य पशुपालन और पशु क्रूरता निवारण की पहल का स्वागत कर रहे हैं और इसका समर्थन कर रहे हैं।

कोरोना वायरस से कैसे बचे?

श्री गिरीश भाई ने कहा कि आज पूरे विश्व में कोरोना वायरस की चर्चा हो रही है। यह वायरस हमारे बिगड़े भोजनशैली का ही परिणाम है। हम कैसे किसी जिंदा जीव को मुंह से फाड़ कर खा सकते हैं? मैं तो चाइनीज वीडियो देख कर ही विचलित हो गया। बहुत ही भयावह दृश्य था वह। हमारे अंदर यह संवेदना ही नहीं रही कि वह भी एक प्राणी है, उसे भी जीवन जीने का अधिकार है। उसे फाड़ – फाड़ कर जिंदा ही खाए जा रहे हैं। यदि उस प्राणी के जो जीवाणु हैं जो मानव शरीर के प्रतिकूल हैं, वे केवल चमगादड़ के ही अनुकूल हैं, उसे ही खा लेंगे तो उसके जरिये कोरोना जैसे वायरस फैलेंगे ही। उन्होंने आगे कहा कि हम सदियों से मानते आ रहे हैं तथा हमारे धर्म ग्रंथों में भी लिखा हुआ है कि मांसाहार करना पूर्णत: वर्जित है। मैं पूरे विश्व को यह संदेश देना चाहता हूं कि आने वाली भयंकर बीमारियों से बचना है तो मांसाहार का पूरी तरह से त्याग कर दें। मानवों के लिए आहार व्यवस्था में मांसाहार उपयुक्त भोजन नहीं है। सब आहारों में सर्वश्रेष्ठ भोजन अन्न ही है। हमारे शरीर का जो पाचन तंत्र है वह केवल शाकाहारी भोजन के ही अनुकूल है, मांसाहारी भोजन के लिए नहीं। हर प्राणी की अपनी आहार व्यवस्था है।

समस्त महाजन संस्था ने कोरोना वायरस के संदर्भ में एक बहुत बड़ी मुहीम जन जागरण के लिए चलाई है। प्रिंट मीडिया और सोशल मीडिया पर आर्टिकल प्रकाशित किए गए हैं, जिसका समाज से हमें अच्छा प्रतिसाद मिला है। इस समय हमें पानी को गर्म कर उपयोग करना चाहिए और पानी उबाल कर ही पीना चाहिए। बाहर के भोजन को बंद करना चाहिए और घर के भोजन को प्राथमिकता देनी चाहिए। इसके अलावा हमें होटल के भोजन को भी त्यागना चाहिए, ताकि हमें किसी भी प्रकार का संक्रमण न हो।

समस्त महाजन के कार्य, उपलब्धियां एवं गतिविधियां

समस्त महाजन संस्था ने अपने कार्यों की शुरुआत पांजरापोल के विकास से की। अब तक संस्था द्वारा 3215 संस्थाओं को आर्थिक मदद दी गई है और इसके साथ ही उनका मार्गदर्शन भी किया गया है। आदर्श ग्राम विकास के साथ ही संस्था ने वर्षा जल संग्रह, जल संरक्षण, वृक्षारोपण और आधुनिक गोशालाओं का निर्माण, गोचर भूमि के लिए विशेष रूप से कार्य किया है। 400 से अधिक गांवों में आदर्श ग्राम योजना का कार्य पूरा हो चुका है। इस वर्ष संस्था को उम्मीद है कि 200 से अधिक आदर्श गांव बनाने का लक्ष्य पूरा करेंगे। कार्य का शुभारंभ हो गया है। इसके अलावा संस्था द्वारा अब तक 1 लाख से अधिक वृक्षारोपण व संरक्षण किया गया है। वृक्षारोपण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए वर्ष 2005 में ही संस्था को भारत सरकार द्वारा ‘इंदिरा प्रियदर्शिनी वृक्ष मित्र पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है। इसके साथ ही अलग-अलग राज्य सरकारों के साथ मिलकर संस्था अपने कार्यों का विस्तार भी कर रही हैं।

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