संघ ने फिर दिखाया देश प्रेम, विद्या भारती ने 100 स्कूलों को बनाया आईसोलेशन सेंटर

देश पर जब भी संकट आया है तब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) किसी ना किसी रूप में लोगों की सेवा के लिए हमेशा तैयार रहा है। कोरोना वायरस के कहर से परेशान लोगों की मदद के लिए प्रशासन के साथ साथ संघ के कार्यकर्ता अलग-अलग क्षेत्रों में अपना योगदान दे रहे हैं। कोई अपने आसपास के क्षेत्रों में लोगों को खाना खिला रहा है तो कोई जरूरतमंदों के लिए छत और पैसे का प्रबंध कर रहा है।
मध्यप्रदेश में संघ परिवार की तरफ से एक बड़ा ऐलान किया गया है विद्या भारती स्कूल ने करीब 100 से अधिक स्कूलों को आइसोलेशन सेंटर बनाने के लिए कहा है ताकि लोगों की ज्यादा से ज्यादा मदद हो सके। विद्या भारती स्कूल की तरफ से 16 जिलों के कलेक्टर को यह प्रस्ताव भेजा गया है कि प्रशासन उनके 100 से ज्यादा स्कूलों, करीब 50 बसों की सहायता ले सकता है। इसके साथ ही संस्थान के वॉलिंटियर्स भी इस काम में प्रशासन की मदद करेंगे। संघ द्वारा संचालित विद्या भारती के कुछ स्कूलों को पहले ही आइसोलेशन सेंटर में तब्दील कर दिया गया है और यहां लोगों का इलाज भी जारी है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ का विद्या भारती स्कूल इनमें से एक है।
विद्या भारती मध्य भारत प्रांत सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान के संगठन मंत्री हितानंद शर्मा ने कहा कि जिस समाज ने उन्हें खड़ा किया है उस पर वह कोई आंच नहीं आने देंगे। उन्होंने कहा कि हमारे पास जो कुछ भी है हम उसको बेसहारा और असहाय लोगों के लिए न्यौछावर कर देंगे। हम प्रशासन की हर तरह से मदद करने के लिए तैयार हैं। विद्या भारती मध्य भारत प्रांत सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान की तरफ से लोगों को भोजन कराने का कार्य जारी है जिसकी राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पहले ही तारीफ की थी।
संघ देश सेवा के लिए हमेशा तैयार रहता है और इतिहास इसका गवाह भी है। वर्तमान में भी अब लोग संघ कार्यों को लेकर उसकी इज्जत करने लगे है लेकिन संघ अपने कार्यों का प्रचार नहीं करता इसलिए राजनीतिक पार्टियों द्वारा उसका नकारात्मक प्रचार ही लोगों तक पहुंच पाता है। 1948 में जम्मू कश्मीर के कबाइली हमले के दौरान श्रीनगर हवाई पट्टी की मरम्मत कार्यों में संघ ने सेना का साथ दिया था। चीनी हमले और गोवा मुक्ति आंदोलन जैसे तमाम आंदोलनो में संघ का कार्य सराहनीय रहा है। हालांकि राजनीतिक कारणों से संघ ने बहुत विपत्तियां झेली है लेकिन फिर भी संघ ना कभी झुका और ना पीछे गया।

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