क्या आपको पीना चाहिए कच्चा दूध?

दूध, जिसके बिना हमारी सुबह की शुरुआत नहीं होती। गर्मागर्म दूध पीना हो या चाय की चुस्कियां हो भारतीय किचन में दूध का एक महत्वपूर्ण स्थान है। जैसा कि सभी जानते हैं, दूध को प्रोटीन और विटामिन का एक अच्छा स्त्रोत माना जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि शरीर में विटामिन डी की 20 प्रतिशत मात्रा दूध पूरा कर देता है। वैसे तो रोज़ाना दो ग्लास दूध आपके लिए काफी माना जाता है, लेकिन दूध की मात्रा आपकी उम्र और पाचन शक्ति के अनुसार बदलती है। ये तो हुई दूध से मिलनेवाले फायदों की बात, लेकिन ये फायदे हमें तब मिलते हैं, जब हम सही रूप में इसका सेवन करते हैं। आपने अक्सर लोगों को इस बात पर बहस करते हुए देखा होगा कि क्या कच्चा दूध हमारे लिए सेहतमंद है या इसे उबाल कर ही पिया जाना चाहिए। यदि आप भी इस बात को लेकर उलझन में हैं, तो ये खबर आपके लिए ही है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि क्या आपको कच्चे दूध का सेवन करना चाहिए? या नहीं!
जब बात हो कच्चा दूध पीने की, तो इसे लेकर लोगों में अलग-अलग मान्यताएं प्रचलित हैं। जहां एक ओर कच्चे दूध के फायदे बताने वाले आपको कई लोग मिलेंगे, वहीं इसके नुकसान से भी लोग आपको अवगत करवाएंगे। लोगों का मानना है कि कच्चे दूध में कई ऐसे हानिकारक बैक्टेरिया और माइक्रोऑर्गेनिज़्म होते हैं, जो उबालने के बाद खत्म हो जाते हैं। साथ ही इसमें फायदेमंद कम्पाउंड भरपूर मात्रा होते हैं, जो इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाते हैं। लेकिन वहीं कच्चे दूध पीने के नुकसान भी हैं। कच्चा दूध पीना आपके शरीर के लिए जितना फायदेमंद होता है, उससे कई ज्यादा नुकसानदेह साबित हो सकता है। दूध पीने से आपको बैक्टीरियल इनफेक्शन की समस्या हो सकती है। दरअसल, कच्चे दूध में मौजूद बैक्टीरिया और माइक्रोऑर्गेनाइज़्म को पॉश्चराइज़ करने की प्रक्रिया के दौरान निष्क्रिय कर दिया जाता है, जिसकी वजह से यह सारे बैक्टीरिया मर जाते हैं।
पॉश्चराइज़ करने की प्रक्रिया के दौरान दूध को 150 डिग्री फारेनहाइट तक उबाला जाता है और इसके बाद तुरंत 55 डिग्री तक ठंडा कर दिया जाता है। जिससे इसमें मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और माइक्रोऑर्गेनिज़म मर जाते हैं। क्यों कच्चा दूध आपके लिए हानिकारक होता है, आइये जानते हैं।
गाय और भैंस की आंत और इंटेस्टाइन में मौजूद बैक्टेरिया दूध के ज़रिये शरीर में पहुंचकर आपको बेहद नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे दूध को पीने से आपको डिहाइड्रेशन के साथ-साथ दस्त की समस्या भी हो सकती हैं। कच्चा दूध पीने से होने वाली पाचन संबंधी समस्याओं में उल्टी, दस्त और पेट में दर्द आम है। यह परेशानियां कच्चे दूध में मौजूद लिस्टीरिया नामक बैक्टीरिया से होता है, इसलिए कच्चे दूध को उबालकर पीना आप के लिए बेहतर साबित होगा। वहीं यदि आप पाश्चराइज़ दूध खरीद रहे हैं, तो इसे बिना उबाले पीने से आपको नुकसान नहीं होगा।

This Post Has One Comment

  1. Sandeep mane

    Acchhi salah hai.dudh ubalkar piye swasth rahe.

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