परोपकार संस्था की पीएम केयर फंड में एक करोड़ देने की घोषणा

परोपकार नामक संस्था के अध्यक्ष श्री शंकर केजरीवाल ने पीएम केयर फंड में एक करोड़ की सहायता राशि देने का निश्चय किया है। उक्त संस्था की स्थापना वर्ष 1998 में हुई थी। संस्था ने 2 वर्ष पूर्व ही 20 साल पूर्ण किए हैं। संस्था मुख्य रूप से शिक्षा, चिकित्सा, कन्या विवाह, गौसेवा आदि क्षेत्रों में विशेष कार्य करती है। संस्था के पूरे भारत वर्ष में 1200 सदस्य हैं। देश पर जब – जब राष्ट्रीय आपदा आन पड़ी है तब – तब संस्था ने राहत कार्यों में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया है। कुछ वर्ष पूर्व उत्तराखंड और बिहार में बाढ़ आई थी तब परोपकार संस्था द्वारा वहां पर राहत कार्यों में योगदान दिया गया था। उत्तराखंड की बाढ़ में एक महाविद्यालय क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसका संस्था द्वारा पुनर्निर्माण कराया गया। उसके अलावा गुजरात का भूकंप हो या कारगिल युद्ध हो हर समय राष्ट्रीय आपदा में संस्था ने महत्वपूर्ण कार्य पूरी निष्ठा से किया है। प्रत्येक जरूरतमंदों की सेवा एवं सहायता पहुंचाने का प्रयास संस्था की ओर से किया जाता रहा है।हर बार की तरह इस बार भी कोरोना संकट और लॉकडाउन के संकट काल में बड़ी संख्या में संस्था की ओर से खाद्य सामग्री का वितरण किया गया। ठाणे, कुर्ला, भिवंडी, भाईंदर, मालाड, बोरीवली, कुलाबा आदि झोपड़पट्टियों में जरूरतमंद परिवारों को राशन किट प्रदान की। बिहार फाऊंडेशन के साथ मिलकर परोपकार संस्था ने संयुक्त रूप से गोवंडी में राहत सामग्री का वितरण किया। इसके अलावा मुंबई के जवेरी बाजार, कालबादेवी क्षेत्रों में आवश्यक खाद्य सामग्रियों का वितरण किया गया। लगभग 2500 परिवारों को राशन किट प्रदान किया गया। इसके साथ ही रोजाना संस्था द्वारा मजदूरों और गरीबो की सहायता के लिए भोजन बांटा जा रहा है। मानव सेवा के साथ ही पशु पक्षियों की भी रक्षा व सुरक्षा का ध्यान संस्था द्वारा रखा गया है। रोजाना 60 किलो दाना पानी की व्यवस्था की जा रही है।

पुलिसकर्मियों को माक्स, सेनिटायजर बांटे गए

मजदूरों के पलायन की समस्या दिनों दिन बढ़ती ही जा रही है। सड़कों पर अपने गृह राज्य जाने वालों का रेला लगा हुआ है। उनकी स्थिति बेहद दयनीय है। ठाणे हायवे पर जो लोग जा रहे हैं उनके लिए पानी और भोजन की व्यवस्था की जा रही है। संस्था के अध्यक्ष श्री शंकर केजरीवाल ने बताया कि वह स्वयं बिहार के मूल निवासी है इसलिए वह मजदूरों की परेशानियों से अवगत है। उन्होंने सरकार से निवेदन किया है कि जल्द से जल्द प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने के लिए वाहनों और विशेष ट्रेन की व्यवस्था की जाए।

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