विश्व हिन्दू परिषद का मुंबई में अभूतपूर्व सेवाकार्य

विश्व  हिन्दू परिषद की छवि जनसामान्य में आंदोलनात्मक, जनजागरणात्मक एवं हिन्दुओं के संगठन के रूप में है; फिर भी यह एक जिम्मेदार संगठन होने के साथ-साथ रचनात्मक और सेवा कार्यों में भी विशेष योगदान करता है। कोरोना संकट को देखते हुए मार्च महीने से ही विेश हिन्दू परिषद ने अपनी सारी बैठकें रद्द कर दीं और सभी कार्यकर्ताओं को आने वाली परिस्थिति के बारे में अवगत करा दिया। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई महानगर कोरोना वायरस की वैिेशक जैविक महामारी के कारण अचानक थम गया।

भारत सरकार द्वारा जनता कर्फ्यू और बाद में लॉकडाउन घोषित करने के बाद आतंकवादी हमला, बम विस्फोट से भी न घबराने वाला दिन हो या रात कभी न सोने वाला मुंबई महानगर एक जीवाणु के कारण ताले में बंद हो गया। उद्योग – व्यापार हेतु हर तबके, हर राज्य / राष्ट्र के लोग मुंबई शहर में आते हैं। रोजीरोटी कमाने के लिए आने वाले गरीब मजदूरों की संख्या भी बहुत बड़ी है। यह श्रमजीवी दिनभर मजदूरी कर रात को सस्ते होटल या ठेले पर दाल-चावल खाकर सड़क पर रहकर अपना काम करते हैं। कई लोग मुंबई की झुग्गियों में अपने परिवार समेत रहते हैं।

कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन होने से लोगों को दोहरे संकट का सामना करना पड़ा है।

1. खाना बनाना नहीं आता, लेकिन जेब में पैसे हैं पर होटल, दुकान सब बंद।

2. परिवार है, खाना बनाना आता है, लेकिन रोजगार ना होने से राशन नहीं।

लोगों को होने वाली इस असुविधा को देखते हुए हिन्दुओं की सेवा- संस्कार – सुरक्षा के प्रति वचनबद्ध वि.हिं.प. के युवा संगठन बजरंग दल ने लोगों की मदद करने का निश्चित किया।

सब से पहले स्थानीय नगर पालिका और पुलिस प्रशासन से राहत कार्य करने की अनुमति मांगी गई। विेश हिन्दू परिषद् – मुंबई ने मुंबई परिसर में अपने तीन कोविड-19 आपदा प्रबंधन कक्ष कार्यान्वित किए। मुंबई के हर कोने से जरूरतमंद लोगों की सूची बनाई और बेघर – बेसहारा व्यक्ति को 2 समय का पका हुआ अन्न तथा परिवार को कच्चा राशन वितरण करने का निर्णय लिया गया। 9 जगह किचन व्यवस्था शुरू कर 28 मार्च से रोज सुबह – श्याम लगभग 27,000 फूड पैकेटों का वितरण किया जा रहा है। इस मध्यम से अब तक 13,06,500 फूड पैकेट वितरित हो चुके हैं।

40,500 से जादा परिवारों को (60,750 टन) अनाज संजीवनी किट वितरित किया गया है। इस 15 किलो की संजीवनी किट में 4 लोगों का एक परिवार 15 से 20 दिन आराम से व्यतीत कर पाए इतना पर्याप्त अनाज होता है। इसमें चावल – 5 किलो,
गेहूं का आटा – 5 किलो, तुअर दाल – 1.5 किलो, खाने का तेल – 1 किलो, नमक – 1 किलो, गरम मसाला – 4 पैकेट, चाय पत्ती 1 किलो, एवं बिस्किट इत्यादि होता है।महामारी ना फैले इसके लिए अब तक 45,000 से ज्यादा मास्क, 22,400 लिटर
सैनिटायजर का वितरण किया है।

इसके अलावा वेश्या बस्ती में अन्न उपलब्ध कराना और कई जगह पर सार्वजनिक स्वछता गृहों का निर्जंतुकीकरण करना ऐसे कार्य भी परिषद द्वारा किए गए हैं।

देश मे रक्त की कमी न हो इसलिए लॉकडाऊन का पालन करते हुए परिषद के कार्यकर्ताओं ने 3200 रक्तदाता सूची तैयार की है। साथ ही स्थानीय अस्पतालों एवं ब्लड बैंकों से संपर्क कर 207 यूनिट रक्त जमा किया है।

अन्न वितरण सेवा के माध्यम से मुंबई शहर में रहने वाला प्रवासी मजदूरों का काफी बडा वर्ग / समूह विेश हिंदू परिषद के संपर्क में है। इन लोगों मेे लॉकडाउन तथा कोरोना महामारी के बारे में जनजागरण करने का काम बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने किया। आयुष मंत्रालय द्वारा प्रसारित रोग प्रतिकारक शक्ति बढ़ाने वाली दवाई कई जगह डॉक्टरों की उपस्थिति में लोगों को बांटी गई तथा आयुर्वेदिक उपचार पद्धति की जानकारी व्हाट्सएप के माध्यम से लोगों को बताई गई।

सरकार द्वारा श्रमिक ट्रेन चलाए जाने पर इन प्रवासी मजदूरों की सूची बनाना, उनके फिटनेस सर्टिफिकेट बनाकर उन्हें अपने राज्य तक पहुंचाने के लिए ट्रेन में बिठाने तक का कार्य भी प्रशासन के अनुरोध पर विेश हिंदू परिषद ने किया।

इस सेवा कार्य में हर जरूरतमंद व्यक्ति तक मदद पहुंचाने, संगठन के विविध जिलों, अन्य सेवाभावी संगठनों और स्थानीय प्रशासन के साथ तालमेल बिठाने का काम विेश हिंदू परिषद आपदा प्रबंधन कक्ष से किया जाता है। प्रशासन के हर आदेश का यहां बहुत ही सख्ती से पालन करते हुए परिषद के सभी स्वयंसेवकों को अपनी अपने परिवार की सुरक्षा कैसे की जाए इस जानकारी विशेष रूप अवगत कराया गया है

कोरोना के खिलाफ जंग में कूदे बजरंगी योद्धा

सेवा, सुरक्षा और संस्कार के लिए बजरंग दल की स्थापना की गई है। देश के सबसे युवा संगठन के रूप में बजरंग दल को जाना जाता है। खासकर हिन्दुओं की सुरक्षा के लिए बजरंग दल प्रसिद्ध है।

आदिवासी और झोपड़पट्टी क्षेत्रों में सेवा कार्य से जोरशोर शुरू है। हर जरूरतमंद को यथासंभव सेवा प्रदान की जा रही है। कोकण प्रांत के अंतर्गत मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगड, रत्नागिरी एवं गोवा क्षेत्र में 29 जिलों में विभिन्न सेवा केंद्र चलाए जा रहे हैं। 2 हजार से अधिक युवा बजरंगियों ने अपनी जान की बाजी लगाकर निःस्वार्थ भाव से लोगों की सेवा में स्वयं को झोंक दिया है। सोशल डिस्टेंसिंग से अधिक फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए स्वयं की सुरक्षा के साथ ही लोगों की सुरक्षा के लिए बजरंगी योद्धा मैदान में कूद पड़े हैं। जब तक कोरोना का संकट ख़त्म नहीं हो जाता तब तक कोरोना के खिलाफ बजरंगी योद्धा लड़ते रहेंगे। कई संगठन ऐसे हैं जो कुछ समय के लिए सेवा कार्य करते हैं फिर बीच में छोड़कर चले जाते हैं। लेकिन बजरंग दल ने प्रण किया है कि जब तक समाज को हमारी जरूरत रहेगी तब तक सेवा कार्य जारी रहेगा।

हर बस्ती में सेनिटाइजर, साफसफाई, कोई भी परिवार भूखा न रहे, सभी के स्वास्थ्य की देखभाल, फंसे हुए लोगों की मदद, खाद्य सामग्री आदि सभी तरह के सेवा कार्य में बजरंगी जुटे हुए हैं। इसके अलावा गौरक्षा प्रमुख विनोद कोठरी के माध्यम से गोवंश सहित अन्य पशु – पक्षियों के लिए भी सेवा कार्य चलाए जा रहे हैं। गोवंश के लिए चारा-पानी की व्यवस्था, कुत्तो के लिए दूध बिस्किट की व्यवस्था रोजाना की जा रही है। पक्षियों की दाना-पानी दिया जा रहा है। 17000-18000 पशुओं को अब तक सेवाएं प्रदान की जा चुकी है।इसके साथ ही सरकार के साथ सहयोग करने के लिए बजरंग दल तैयार है।

विश्व हिन्दू परिषद के अंतर्गत ही बजरंग दल का कार्य चलता है। विेश हिन्दू परिषद और बजरंग दल अलग-अलग नहीं है, बल्कि परिषद की ही एक युवा इकाई बजरंग दल है।

इस सेवा कार्य में समाज के अनेक दानदाता सामने आकर हर संभव मदद कर रहे हैं। बजाज हेल्थ केयर ने राशन किट , विमल एग्रो – सूरत ने 14 टन सब्जियां तथा फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने लोगों को राशन किट में बांटने हेतु सस्ती दर में 50 टन चावल एवं गेहूं उपलब्ध कराया, जिसके लिए विेश हिंदू परिषद उनकी आभारी है। ‘अन्न यह पूर्ण ब्रह्म है’ यह हर बजरंगी भलीभांति जानता है। इसलिए खाने की गुणवत्ता और खाने का एक भी कण व्यर्थ ना जाए तथा लॉकडाउन के दरम्यान कोई
परिवार या एक भी बंधु भूखा न सोये इस आदर्श वाक्य पर बड़े ही प्यार और स्नेह से 2,000 बजरंगी सोशल डिस्टन्सिंग से जादा फिजिकल डिस्टन्सिंग का पालन करते हुए यह अन्न वितरण की सेवा अपनी प्राण की बाजी लागते हुए कर रहे हैं। समाज
के आखरी जरूरतमंद व्यक्ति तक मदद पहुंचाने के लिए विेश हिंदू परिषद, बजरंग दल का हर स्वयंसेवक कटिबद्ध है और मुंबई में लॉकडाउन रहने तक निरंतर कार्यरत रहेगा।

 

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