गुजरात में सहकार भारती मसीहा बनकर उभरी

सहकारिता आंदोलन न केवल लोगों के रोजगार, आमदनी से जुड़ा है; बल्कि जब सारा विश्व अभी कोरोना महामारी से जूझ रहा है तब गुजरात की सहकार भारती के अध्यक्ष एवं नाफेड नई दिल्ली के निदेशक श्री कांतिभाई पटेल ने पूरे गुजरात में सहकारिता के नेटवर्क से जुड़ी सहकारी संस्थाओं को न केवल अपने विस्तार तक सीमित सेवाकार्य से जोड़ा बल्कि पूरे गुजरात में जहां जरूरत महसूस हुई वहां तक सहकारी समितियों को बढ़-चढ़ कर प्रेरित किया। उनकी इस मुहीम से दिहाड़ी कमाई पर निर्भर परिवारों, परप्रांतीय मजदूरों, झुग्गी-झोपड़ियों में बसे एवं लॉकड़ाउन में फंसे हुए एक लाख आम लोगों को तैयार भोजन मुहैया करवाया गया। उसके साथ साथ सहकारी समितियों की मदद से पंद्रह दिन चले ऐसी राशन की 90 हजार किट दिलवाई

वैसे तो कोरोना महामारी की शुरुआत से गुजरात के कई गांवों में शिविर लगाकर होमियोपैथिक इम्युनिटी बूस्टर दवाई वितरण की गई। कई जगहों पर आयुष की गाइडलाइन अनुसार काढ़ा आम लोगों, कई सरकारी दफ्तरों में जाकर पिलाया गया। लोगों की जागृति के उन्नत प्रयासों के साथ-साथ कई सारी संस्थाओं, पुलिस थानों, बैंकों, सहकारी सोसायटियों एवं आम लोंगों के अनगिनत घरों तथा गांवों को अपने कार्यकर्ताओं एवं सहकारी समितियों की सहायता से सेनेटाइज किया गया, जबकिे बाद में भी भीड़ वाली जगहों पर सेनेटाइत टनल लगवाकर एक नई सोच का परिचय भी करवाया।

आज गुजरात की कई सहकारी समितियों ने अपने कार्यक्षेत्र में रोजगार से हाथ धो बैठे लोगों को ऐसी विकट परिस्थिति में अब तक पांच हजार से एक लाख तक की छोटी-छोटी राशि मुहैया करवाई है और वे उनके छोटे छोटे रोजगार को पुनः स्थापित करने के लिए सहायता करके तीन करोड़ की न्यूनतम व्याज की राशि देने की प्रेरणा देकर जनता को नई तरह से उठ खड़े होने का सहारा बनी हैं।

सहकार भारती, गुजरात के कार्यकर्ताओं की टीम ने श्री कांतिभाई पटेल के नेतृत्व में एक छोटे से देहांत में लॉकडाउन स्वयंपालन करने वाले कोरोना वॉरियर्स के लिए सेल्फ हेल्प ग्रुप की महिलाएं आगे आकर अपनी अप्रतिम सेवा भावना एवं राष्ट्रप्रेम का रोल मॉडल बनी हैं, जिन्होंने अपने हाथ से पकाया खाना, चाय-शरबत, अपने हाथों से बने हजारों मास्क एवं सेनेटाइजर वितरित करके नया कीर्तिमान बनाया है। आज की संभली हुई स्थिति के यश की भागीदार सहकार भारती की यह कोरोना वॉरियर्स टीम, गुजरात भी हैं, जिसने लोगों को खुद की चिंता किए बिना हजारों लोगों को आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करवाई है और करोड़ों की रकम पी. एम. केअर फंड एवं सी.एम. राहत कोष में अनुदान के रूप में प्रदान करने की प्रेरणा दी है, जिसमें गुजरात की एपेक्स बैंक जी.एस.सी. ने पी. एम.सी.एम. राहत कोष में डेढ़-डेढ़ करोड़ कुल-3 करोड़ की राशि एवं गुजरात की अर्बन बैंकों एवं सहकारी समितियों ने कुल मिलाकर 20 करोड़ से अधिक की राशि दान की है। यह सहकारिता आंदोलन का मां भारती की सेवा में एक माल्यार्पण है।

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