सेवाधाम का अतुलनीय सेवा कार्य

विषमतम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी जन सहयोग से चलने वोल सेवाधाम आश्रम में 600 से अधिक आश्रमवासी एक परिवार के रूप में रहते हैं। आश्रम परिवार में नवजात शिशुओं के साथ 100 वर्ष तक के बुजुर्ग भी हैं, जिनमें विविध प्रकार के संक्रामक रोग टीबी, एचआईवी, कैन्सर आदि रोग से ग्रसित, मरणासन्न स्थिति में, बिस्तरग्रस्त, शारिरिक बौद्धिक दिव्यांग, द़ृष्टि एवं श्रवण बाधित के साथ विविध प्रकार की दिव्यांगता के शिकार और पीड़ित शोषित वर्ग के बच्चे, युवा, महिलाएं, विवाहित-अविवाहित गर्भवती माताएं, एक साथ एक परिवार में निवासरत है। इन लोगों की सेवा का कार्य आश्रम द्वारा 31 वर्षों से किया जा रहा है।

सेवाकार्य के दौरान आश्रम में निरंतर नई चुनौतियों का सामना करते-करते अचानक वैश्विक महामारी के रूप में कोरोना संक्रमण काल समय आ गया। संपूर्ण भारत सहित उज्जैन भी तालबंदी की जद में आ गया। सेवाधाम प्रबंधन ने भी सावधानी हेतु सबकी सुरक्षा को द़ृष्टिगत रखते हुए 14 बीघा परिसर में फैले सेवाधाम की तालाबंदी कर दी, जो निरंतर है। जैसे ही तालाबंदी हुई हमारे महाकाल की प्राचीनतम उज्जैनी में बेसहारा, बेघर, बीमार, बूढ़े, बच्चे श्रमिक, विभिन्न राज्यों से यहां आए दर्शनार्थियों के साथ यहां की झुग्गी, झोपड़ी, गंदी बस्ती श्रमिक बस्ती में रहने वाले लोगों के सामने भूख की समस्या उत्पन्न हो गई और दूसरी ओर सेवाधाम की तालाबंदी के कारण आश्रम में कार्य करने वाले साथियों की संख्या 25 प्रतिशत भी नहीं रही क्योंकि परिसर से किसी को बाहर और बाहर से अंदर आने की इजाजत नहीं है, जो आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों और उज्जैन से आकर यहां सेवा दे रहे थे आ नहीं सके।

एक तरफ आश्रम के 6़00+ सदस्य के परिवार जिनमें अधिकांश बीमार, बच्चे, मनोरूग्ण, बौद्धिक दिव्यांगता के साथ विभिन्न प्रकार के संक्रामक रोग जैसे टीबी, एचआईवी, कैन्सर आदि से संक्रमितों की सेवा सुश्रुषा का कार्य इनके लिए सुबह से लेकर रात तक में चाय-नाश्ता, दो समय का भोजन पौष्टिक आहार, औषधि, दूध आदि की व्यवस्था तथा कोरोना संकट काल के दौरान लॉकडाउन की स्थिति में आश्रम से लगभग 2000 लोगों के भोजन की सुबह से रात तक प्रतिदिन व्यवस्था करना, इन सबके बीच सेवाधाम आश्रम के संस्थापक सुधीर भाई गोयल

सेवाधाम में कोरोना संक्रमण कल में ताकबंदी के दौरान किये गए प्रमुख सेवाकार्य

1. संपूर्ण भारत में तालाबंदी के बाद प्राचीनतम नगरी उज्जैनी के सेवाधाम आश्रम में 600 बीमार दिव्यांग, निराश्रित, मरणासन्न, बुजुर्गों, बच्चों और युवाओं के साथ कोरोना संक्रमण काल में बीमार, बुजुर्गों, और मजदूरों सहित उज्जैन नगर के बेघर- बेसहारा निराश्रित 75000 जरूरतमंदों तक पहुंचाया भोजन एक लाख से अधिक का लक्ष्य।

2. येलो डायमण्ड, इन्दौर के माध्यम से 70000 से अधिक एनर्जी केक कोरोना योद्धाओं, कर्मवीरों, और जरूरतमंदों को वितरित किया।

3. 12 टन से अधिक कच्ची हरी सब्जियां छोटे किसानों से खरीदकर पुलिस विभाग, गुरूद्वारा, पत्रकारों एवं अन्य सामाजिक संस्थाओं, भोजनशालाओं और कुष्ठधाम बस्ती हामुखेड़ी सहित जरूरतमंदों तक पहुंचाईं, वहीं 10 टन से अधिक फल टरबूज, केले, संतरा, अंगुर सेवाधाम वासियों के साथ नगर की विभिन्न संस्थाओं और गौशाला में पहुंचाए।

4. मध्यम वर्ग के अनेक लोगों तक राशन सामग्री के साथ नकद सहायता दी।

5. सेवाधाम द्वारा नगर में बाहर से आए यात्रियों, मजदूरों और जरूरतमंद वर्ग तक लगभग 1000 से ज्यादा बर्तन वितरित किए।

6. जिला कलेक्टर और उज्जैन नगर निगम के निर्देशन में 20 से अधिक वार्डों में स्थित श्रमिक बस्ती, झुग्गी-झोपड़ी, गंदी बस्तियों, कुष्ठधाम हामुखेड़ी सहित कोरेन्टाइन सेन्टर और बाहर से नगर में संक्रमण काल के दौरान रूके हुए मजदूरों, यात्रियों तक स्वादिष्ट भोजन पहुंचाया।

एवं कांता भाभी ने सेवाधाम आश्रम के आधार स्तम्भ सदगुरू परम पूज्य रणछोड़दास जी महाराज की प्रेरणा एवं पद्मभूषण आचार्य श्रीमद् विजय रत्नसुन्दर सुरीश्वर जी म.सा., देवर्षि पन्यास प्रवर श्री वज्र सेन विजय जी महाराज, आचार्य देवेश श्री हेमप्रभ सुरीश्वर जी म.सा. के आशीर्वाद से संकल्प लिया कि उज्जैन नगर में कोई भूखा न रहे, कोई भूखा न सोए, कोई भूखा न रोए और देवगुरू के आशीर्वाद से आश्रम से प्रतिदिन 1000 जरूरतमंदों के भोजन की व्यवस्था प्रारम्भ हो गई जो 25 मार्च – 2020 से 20 अप्रैल-2020 तक 27 दिनों की अवधि तक निरंतर चलती रही लेकिन इस अवधि में अनेक-अनेक सामाजिक संस्थाओं और समाजसेवियों ने भोजन के पैकेट्स निर्माण और वितरण का कार्य प्रारम्भ किया। नगर में लगभग 25000 भोजन पेकेट्स और इसके अतिरिक्त सूखे राशन के पैकेट्स भी वितरित होते चले गए किन्तु भूख शांत नहीं हुई। लॉकडाउन की अवधि में लोग टूट चुके थे घर का राशन, सरकार का राशन खत्म होने को आ गया इन सभी परिस्थितियों में एक बार फिर सेवाधाम आश्रम प्रबंधन ने आश्रम अध्यक्ष डॉ. वेदप्रताप वैदिक, उपाध्यक्ष श्री राजेन्द्रसिंह हाड़ा एवं अन्य कार्यकारीणी सदस्यों से सलाह मशविरा कर 21.04.2020 से भोजन पैकेट्स की संख्या में वृद्धि की और आज 2000 से ज्यादा जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाने का कार्य जिला प्रशासन और नगर पालिका निगम प्रशासन की निगरानी में वितरण संस्थाओं और जांबाज स्वयंसेवकों, जो मौत की परवाह किए बिना लगातार भूखों तक भोजन पंहुचा रहे हैं, के माध्यम से निरंतर किया जा रहा है। वर्तमान समय तक 75000 से ज्यादा लोगों तक भोजन पंहुचाने का कार्य किया गया। आश्रम का संकल्प है कि इस माह के अंत तक एक लाख से अधिक जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाया जाए। आवश्यकता होने पर और भी अधिक लम्बी अवधि तक भोजन पहुंचाने हेतु
आश्रम प्रयत्नशील रहेगा।

आश्रम द्वारा कोरोना संकट काल के दौरान भोजन के साथ ही येलो डायमण्ड इन्दौर के माध्यम से 70 हजार से अधिक स्वादिष्ट, ऊर्जायुक्त केक, छोटे कृषकों से खरीदकर साथ ही 12 टन से ज्यादा हरी सब्जियां और 8 टन से ज्यादा फलों के वितरण का कार्य किया जा चुका है। जबकि इस समय आश्रम में प्राप्त होने वाले नियमित दान में काफी बड़ी कटौती हुई है फिर भी आश्रम अपने संकल्प

सेवाधाम में कोरोना संक्रमण से बचाने हेतु किये गए उपाय

1. 14 बीघा के विशाल परिक्षेत्र में स्थित विविध सेवा प्रकल्पों के बाहर साबुन, हाथ धोने का पानी, सेनेटाइजर रखा गया है। संपूर्ण आश्रम परिसर में स्थित आश्रम परिसर के तीनों द्वार तालाबंदी की जद में हैं।

2. 100 से अधिक बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं, पुरूषों के प्रवेश हेतु विभिन्न प्रदेशों और क्षेत्रों से दबाव बना किन्तु एक भी प्रवेश वर्तमान समय में आश्रम में 600 लोगों की सुरक्षा को देखते हुए नहीं दिया गया। केवल एक विक्षिप्त महिला एवं उसके बच्चे को तालाबंदी के बाद प्रवेश हेतु स्वीकृति दी गई। इसके अलावा घर परिवार से परेशान आत्महत्या की ओर अग्रसर होने वाले वैश्य समाज के एक 76 वर्षीय बुजुर्ग को कोरेन्टाइन में रखने के बाद प्रवेश दिया गया। वर्तमान में आश्रम परिसर पूर्णत: सुरक्षित है। लेजर थर्मामीटर के माध्यम से वर्तमान समय तक अनेक बार प्रत्येक आश्रमवासी का परीक्षण किया जा चुका है एवं ऑक्सीपल्स मीटर एवं अन्य उपकरण की सहायता से निरंतर जांच जारी है।

3. आश्रम चौबीसों घण्टे बारूद के ढेर पर खड़ा है। इन विपरीत परिस्थतियों में आश्रम में 25 प्रतिशत सेवा सारथियों की उपस्थिति के बाद भी हमारी चिकित्सा टीम पूर्ण सक्रिय है और चौबीसों घण्टे सेवा में लगी है।

4. वृद्धों, बीमारों और बच्चों की विशेष देखभाल की जा रही है। सेवाधाम आश्रम से तैयार किए जाने वाले हाईजनिक और पौष्टिक भोजन में संपूर्ण सुरक्षा के साथ आश्रमवासी और बालगृह के बच्चे निरंतर सेवा कर सेवा संस्कार से पोषित हो रहे हैं।

5. सभी आश्रमवासी को सुबह आयुर्वेदिक काढ़ा, संक्रमण से बचाव हेत औषधियां एवं गरम पानी, नाश्ते के साथ दोनों समय पोष्टिक भोजन, शहद, आंवला, च्यवनप्राश का सेवन कराया जाता है ताकि उनकी रोगप्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि हो एवं आश्रम के वातारण को शुद्ध रखने के लिए प्रतिदिन अग्निहोत्र किया जाता है।

6. आवश्यकता के अनुसार संदिग्ध बीमारों का जिला प्रशासन कोरोना केन्द्र के माध्यम से रक्त सेंपल का परीक्षण कराया जाता है।

के अनुसार कोरोना संकट काल में निरंतर अपनी सेवाएं प्रदान कर रहा है। आश्रम ने इस संक्रमण काल के असल कर्मठ योद्धा पुलिसकर्मियों, स्वास्थ्यकर्मियों, स्वच्छताकर्मियों, स्वयंसेवकों तक भी अपनी सेवाएं पहुंचाने का एक छोटा सा विनम्र प्रयास किया है।

आश्रम के संस्थापक सुधीर भाई गोयल के अनुसार यह समय सबसे अत्यधिक पुण्यकाल का समय है। मकर संक्राति, ग्रहण और अन्य पर्व कालों से भी अधिक महत्वपूर्ण है और इस समय भगवान ने अपने द्वार स्वत: ही बंद कर अपने भक्तों को उन लोगों तक पहुंचने की प्रेरणा दी है जो भूखे हैं, निशक्त हैं, बीमार हैं, बेघर- बेसहारा हैं।

सुधीर भाई गोयल की द़ृष्टि में कोरोना संक्रमण काल एक ऐसा पुण्यकाल है जब हमारे धर्मग्रंथ, पंथ और धर्माचार्य प्राचीन काल से ही हमे मानव सेवा माधव सेवा के सूत्र वाक्य पर चलने का संदेश दे रहे हैं। आज सेवाधाम आश्रम भी उसी मार्ग पर चल रहा है, वर्तमान समय में बिना किसी स्वार्थ के, लोभ लालच के ईश्वर की कृपा से आपके सम्पर्क में ऐसे लोग निरंतर आ रहे हैं जिनसे भविष्य में किसी भी प्रकार की अपेक्षा नहीं की जा सकेगी कि वे आपके किसी काम आ सके ऐसी सेवा ही सर्वोत्तम पुण्यकाल की सेवा है।

‘तू क्या लाया था जो साथ ले जाएगा,
तेरी सेवा याद रहेगी जब तू चला जाएगा।
सोचता क्या है ये पल है हाथ बढ़ाने का,
जो अपना नहीं उसे लुटाने का॥’

                              -सुधीर भाई गोयल

 

 

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