समस्त महाजन संस्था का विशेष उपक्रम- ‘रोटी बैंक’

देश पर आई किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में समस्त महाजन संस्था सदैव ही अपने राहत कार्यों के साथ अग्रणी रही है। आपदा आए और समस्त महाजन संस्था का राहत कार्य प्रारंभ न हो ऐसा हो ही नहीं सकता, तो फिर कोरोना जैसी महामारी से निपटने में, इसके कारण उत्पन्न हुई भयावह परिस्थिति में समस्त महाजन संस्था पीछे कैसे रहती। इस आपदा की स्थिति की शुरुआर से ही संस्था बचान कार्यों में जुट गई थी। अन्य विविध कार्यों के साथ ही इस संस्था का ‘रोटी बैंक’ उपक्रम सबसे आदर्श रहा। मुंबई के उपनगरों कांदिवली, मलाड, से लगभग रोज 25हजार रोटियां एकत्रित होती हैं। समस्त महाजन संस्था के द्वारा प्रत्येक सोसायटी के गेट पर एक बॉक्स रखा जाता था, जिसमें सोसायटी के विभिन्न परिवारों से लोग रोटियां रखते थे। सुबह करीब 11 बजे ये रोटियों बक्से रोटी सेंटर पहुंचाए जाते थे, जहां से इनका वितरण किया जाता था। रोटियों के साथ कभी दाल तो कभी सब्जी का वितरण किया जाता था। साथ ही लोगों को गुड भी दिया जाता था जिससे खाने वालों को पौष्टिक खुराक मिले। ये खाद्य
सामग्री मुख्यत: झोपडपट्टियों में वितरित की जाती थी क्योंकि लॉकडाउन के कारण इनकी आय के साधन बंद हो गये थे, परिणामत: इनकी भोजन की
व्यवस्था नहीं हो पा रही थी।रोटी बैंक से खाद्य सामग्री का वितरण ऑटो रिक्शा चलाने वालों को भी किया जाता था क्योंकि यातायात बंद होने से इनकी आय का साधन भी बंद हो गया था। समस्त महाजन संस्था मुंबई से अपने गावों की ओर लौटने वाले मजदूरों के लिए भी विशेष कार्य कर रही है। जो मजदूर पैदल ही अपने गांव की ओर निकले हैं उन्हें तपती धूप और गर्म सडकों की मार भी झेलनी पड रही है। इन लोगों के लिए समस्त महाजन संस्था ने स्थान-स्थान पर काउंटर लगाए हैं, जिससे लोगों को राहत मिल सके। इन काउंटर पर पानी, नाश्ता और छास का वितरण किया जाता है, जिससे इनकी यात्रा थोडी सुगम हो सके। इस सभी के साथ ही समस्त महाजन संस्था समाज के सभी वर्गों से अपील करती है कि वे भी उनके कार्यों में सहभाग लें जिससे अधिकाधिक लोगों को लाबान्वित किया जा सके।

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