इंडोर कंटेनर्स

घरों में लगाए जाने वाले पौधों के लिए कई किस्म के गमर्ले बाजार में उपलब्ध हैं। घर की साज-सज्जा, सुविधा व आकार के अनुरूप प्लास्टिक, सिरैमिक, चीनी मिट्टी, लकड़ा, तांबा, ब्रास, कांच या मिट्टी के गमले इंडोर प्लांट्स के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं। पौधा यदि छोटी नस्ल का है तो छोटा कंटेनर खरीदें, बड़े आकार का है तो बड़ा कंटेनर लें। पौधे लगाने के दो तरीके हैं।
गमले में पौधा लगाने के लिए तली में अतिरिक्त पानी निकासी के लिए छेंद होना चाहिए। इस पानी को जमा करने के लिए गमले के नीचे एक तश्तरी भी होनी चाहिए।

दोहरे गमले ड्रॉइंग या लिविंग स्पेस के लिए अपनाए जाते हैं। अंदर वाले गमले में अतिरिक्त पानी निकासी का छेद हो। बाहर से कोई भी कलात्मक बर्तन इस्तेमाल कर सकते हैं। पारंपरिक रूप से मिट्टी के गमले बेहतर माने जाते हैं। इनमें पौधें आसानी से सांस ले पाते हैं और ऑक्सीजन जड़ों तक पहुंचती है। मिट्टी पानी को अच्छी तरह सोखती है, इसलिए इनमें पानी की जरूरत अधिक होती है।

कम रोशनी में पनपने वाले पौधों में पीस लिली, हार्ट और स्प्लिट लीफ फिलॉडैंड्रम, कास्ट-आयरन प्लांट, फर्नस् स्रेक प्लांट, पार्लर पाम, सिल्वर एवरग्रीन, सिल्वर किंग एवरग्रीन, चाइनीज एवरग्रीन आते हैं।

मध्यम प्रकाश में में जो बढ़ते हैं वे हैं– अफ्रीकन वॉयलेट्स, प्रेयर प्लांट, बोस्टन फर्न, सिल्वर वास, गोल्ड डस्ट प्लांट, फाइकस, स्वीडिश आइवी, पिगीबेक, ड्वार्फ प्लांट, स्पॉटेड डंबकेन, ग्रेप आइवी, फिशटेल पाम, फर्न एस्पेरागस, रिबन प्लांट, कॉर्न प्लॉट, वीपिंग फिग, इंडिया रबर प्लांट, इंडियन लौरेल, वैलवेट प्लांट, इंग्लिश आइवी, स्पाइडर प्लांट, बैंबू प्लांट, एल्युमिनियम प्लांट, वंडरिंग ज्यू जैसे प्लांट्स इसमें आते हैं।

तेज रोशनी में बढने वाले पौधें हैं– जिरेनियम, क्रिसमस कैकटस, कॉफी, चाइनीज हिबिस्कस, एलोवेरा, जेब्रा प्लांट, प्लांट, टी पॉनीटेल प्लांट, कंगारू वाइन, बॉटेनिकल वंडर, ब्लड लीफ, जेड प्लांट, वैक्स बैगोनिया, इंग्लिश आइवी, वीपिंग फिग जैसे प्लांट तेज धूप में बेहतर पनपते है।

आसानी से बढ़ने वाले पौधें उन लोगों के लिए हैं जिनके पास समय की कमी होती है। इन्हें बहुत देखरेख की जरूरत नहीं होती। डेविल्स आइवी, जेड प्लांट, गोल्डनस्ट्रिप, आयरन प्लांट, ड्वार्फ पार्लर पाम, चाइनीज एवरग्रीन ऐसे ही पौधे हैं।
घर के अंदर के पौधों पर धूल या ग्रीस जम जाती है। पत्तियों की सफाई के लिए मुलायम कपडे को पानी में भिगोकर प्रयोग करें। मुलायम पत्तियों के लिए सॉफ्ट कॉस्मेटिक ब्रश का इस्तेमाल कर सकते हैं।

पौधें किसी मौसम में आराम करते हैं तो किसी मौसम में तेजी से बढते हैं। बढ़त के दौरान इनकी खाद-पानी की जरूरत भी बढ़ जाती है। मिट्टी की ऊपरी सतह पर सफेद पर्त दिखे, गमले के आसपास सफेद लकीर सी दिखने लगे या पत्तियां जली हुई दिखें तो इसका अर्थ है कि पौधें में खाद-पानी ज्यादा हो गया है। जड़ों में क्षार पैदा होने से पौधें बीमार पड सकते हैं।

मिट्टी तैयार करने के लिए खाद में थोड़ा नमक डालें और इसे मिट्टी में मिला लें। मिट्टी से पहले गमले में छोटे-छोटे कंकड डालें, ताकि पानी सही ढंग से बाहर निकले।

सीढ़ी के नीचे या कमरे के कोने में चौड़ी पत्ती वाला पाम बेहतर दिखता है। प्लांट्स का चयन कमरे के क्षेत्रफल, इंटीरियर व वॉल पेंट्स के हिसाब से करें। जगह कम हो तो गमलों के लिए स्टैंड रख सकते हैं। घर छोटा हो तो छोटे पौधें व गमलें अच्छे लगेंगे। ध्यान दें कि मोटे तने वाले प्लांट्स छोटे गमलों में ठीक से नहीं पनप पाते।

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