लव जिहाद कानून: शादी से 2 महीने पहले देना होगा नोटिस

लव जिहाद यानी रोमियो जिहाद, मुस्लिम पुरुषों अथवा युवकों द्वारा हिंदू महिलाओं या युवतियों को छल कपट या बहला फुसलाकर छूटे प्रेम के जाल में फँसाना और इस्लाम कबूलने के लिए विवश करना है। मुस्लिम युवा अपनी पहचान छिपाकर ना सिर्फ हिंदू समुदाय की लड़कियों को बहलाते फुसलाते है बल्कि घर से भगाकर उनका यौन शोषण भी करते है और अंत में शादी के नाम पर धर्म परिवर्तन करवाते है और फिर अंत में लड़की को उसके हाल पर छोड़ देते है।

सन 2009 में पहली बार केरल में लव जिहाद का मामला सामने आया था लेकिन तब की सरकारों ने इसकी अनदेखी की और आज यह पूरे देश के लिए एक कैंसर बन चुका है। यह सिर्फ भारत तक ही नहीं सीमित है भारत के बाहर पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदू भी इसके शिकार है। पाकिस्तान में हिंदू, सिख और ईसाई समुदाय की बच्चियों का इसका जबरन धर्म परिवर्तन करवाकर उन्हे इस्लाम कबूल करवाया जा रहा है और पाक सरकार की तरफ से आरोपियों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही है।

भारत के अलग अलग राज्यों में लव जिहाद के मामले सामने आ रहे है और ज्यादातर केस में अगर हिंदू लड़की शादी या फिर धर्म बदलने के लिए तैयार नहीं होती है तो उसे जान से मार दिया जाता है। ताजा मामला हरियाणा का है जहां लड़की ने जब धर्म परिवर्तन से मना कर दिया तो आरोपी तौसिफ से उसे गोली मार दी और मौके से फरार हो गया। भारत में सन 2009, 2010, 2011, 2012 और 2014 में सबसे तेजी से लव जिहाद के मामले सामने आये है जिससे हिंदू, सिख और ईसाई संगठन चिंतित है और लगातार सरकार से इसके खिलाफ रोक लगाने की मांग कर रही है।

उत्तर प्रदेश में भी लव जिहाद के मामले तेजी से बढ़ रहे है और यह सरकार और प्रशासन के लिए परेशानी का कारण भी बनते जा रहे है। लव जिहाद के बढ़ते मामलों की वजह से जहां प्रशासन परेशान है वहीं समाज में ऐसी घटनाओं से भी रोष बढ़ता जा रहा है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लव जिहाद को लेकर एक बैठक की जिसमें कई मंत्री और अधिकारी शामिल हुए। बैठक में लव जिहाद के खिलाफ ‘विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश 2020’ कानून को मंजूरी दी गयी। उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से लागू इस कानून से लव जिहाद पर रोक लगेगी और आरोपी युवक को एक वर्ष से 10 वर्ष तक की सजा हो सकती है। अगर नाबालिग या अनुसूचित जनजाति की लड़की का छल-कपट से धर्म परिवर्तन करवाया जाता है तो आरोपी को 3 वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक की जेल हो सकती है।

योगी सरकार ने धर्म परिवर्तन को लेकर कड़े कानून बनाए है जिससे आरोपी के मन में एक डर पैदा हो सके और वह किसी का छल-कपट से धर्म परिवर्तन नहीं करवा सके। अगर किसी संगठन द्वारा सामूहिक धर्म परिवर्तन करवाया जाता है तो ऐसे में 10 साल तक की सजा होगी। इस कानून के अंतर्गत जबरन या किसी लालच में धर्म परिवर्तन को भी अपराध की श्रेणी में रखा गया है और किसी दूसरे धर्म में शादी करने से 2 महीने पहले नोटिस देना अनिवार्य होगा जिस पर जिलाधिकारी की स्वीकृति अनिवार्य होगी। अगर कोई नाम छिपाकर दूसरे धर्म में शादी करता है तो उसे 10 साल की सजा हो सकती है।

उत्तर प्रदेश सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहसिन रजा ने अध्यादेश का स्वागत करते हुए कहा कि इस कानून के लागू होने के बाद किसी भी बच्ची के साथ गलत नहीं होगा। अब राज्य की बच्चियां किसी के बहकावे में नहीं आयेगी और अगर कोई उनके साथ कुछ गलत करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी। योगी सरकार में मंत्री मोहसिन रजा ने कहा कि जब जांच एजेसिंयो ने दिनेश, मुकेश और सुरेश नाम के लोगों का पता लगाया तो यह मुख्तार, रईस और अफ़जल निकले जो एक षडयंत्र के तहत हिंदू बच्चियों को अपना निशाना बना रहे थे।

आपकी प्रतिक्रिया...