जम्मू-कश्मीर में हो सकता है आतंकी हमला, निशाने पर भारत की सेना व मंदिर

 

भारत से पाकिस्तान के विभाजन के बाद से पाकिस्तान हमेशा से भारत का विरोधी रहा है लेकिन पाकिस्तान को हर कदम पर मुंह की ही खानी पड़ी है। पाक की लाख कोशिशों के बाद भी उसे कभी सफलता हासिल नहीं हुई। पाकिस्तान को यह पता है कि सीमा पर जीत अब उसके बस की बात नही है इसलिए वह आतंकियों का सहारा लेता है और अलग अलग तरीके से भारत पर हमले करता है हालांकि उसकी यह कोशिश भी पिछले करीब 6 सालों से फेल हो रही है। सन 2014 में जब से नरेंद्र मोदी की सरकार ने सत्ता संभाली है तब से दुश्मनों के लिए मुश्किलें और बढ़ गयी है। पाकिस्तान तो दूर चीन भी अब भारत को आंख दिखाने में डरता है। चीन ने भी अपनी गीदड़भभकी देना बंद कर दिया है क्योंकि इस बार उसे भी भारत माता के सपूतों ने बता दिया कि अब हम डरने वाले नहीं है।

पाकिस्तान ने सीमा की जंग तो बुरी तरह से हारी थी लेकिन पुलवामा हमले के बाद जिस तरह से बालाकोट में उसे मुंह तोड़ जवाब दिया गया वह भी उसे याद होगा लेकिन फिर भी पाक अपनी हरकतों से बाज़ नहीं आना चाहता है। सूत्रों की मानें तो पाकिस्तान फिर से भारत पर हमले की योजना बना रहा है। भारत पर हमले की यह योजना किसी भीड़-भाड़ वाले जगह के लिए नहीं तैयार हो रही है बल्कि इस बार भारत के प्रसिद्ध मंदिरों और सेना को निशाना बनाया जा सकता है। मंदिरों पर हमले को लेकर उनकी यह सोच है कि इससे देश में दंगा भड़केगा और सरकार परेशान हो जायेगी। दंगे से भारी जन व धन की हानि भी हो सकती है। वैसे भारत के लिए पाक की ऐसी सोच का होना कोई बड़ी बात नहीं है। भारत की तरफ से यह आशा पहले से ही होती है कि पाक हर वह कोशिश कर सकता है जिससे भारत को नुकसान हो सके।

पाकिस्तानी सूत्रों की मानें तो इस बार आतंकी जम्मू कश्मीर में सेना के ठिकानों और घाटी के मंदिरों को अपना निशाना बना सकते है और इसके लिए तैयारी भी जारी है। आतंकी संगठनों को ऐसी उम्मीद है कि मंदिरों पर हमले के बाद घाटी के माहौल बिगड़ जाएगें और इसका फायदा आतंकी संगठन उठा सकते है और घाटी में फिर से आतंकी गतिविधियों को बढ़ाया जा सकता है। जम्मू-कश्मीर में धारा 370 के हटने के बाद से आतंकी बुरी तरह से प्रभावित हुए है और वह घाटी में अपनी हलचल बढ़ाने में नाकाम हो रहे है। केंद्र सरकार लगातार घाटी के युवाओं को रोज़गार और राष्ट्र के प्रति प्रेरित कर रही है जिससे अब युवा भी तेजी से सेना में शामिल हो रहे है और राष्ट्र की सेवा के लिए तत्पर है।

घाटी के युवाओं का आतंकी गतिविधियों में कम शामिल होना आतंकी संगठनों के लिए चिंता का विषय है क्योंकि अगर घाटी का युवा आतंकी संगठनों का साथ नहीं देगा तो फिर आतंकी अपने मंसूबों में नाकाम हो जायेंगे और घाटी पूरी तरह से साफ हो जायेगी। घाटी के लगातार शांत होने की वजह से आतंकी यहां फिर से धमाका करना  चाहते है और युवाओं को फिर से गुमराह करने की कोशिश में लगे हुए है।

देश की सुरक्षा एजेंसियों ने कुछ ऐसे सोशल मीडिया हैंडल को फिल्टर किया है जो पाकिस्तान से संचालित हो रहे है। यह सभी हैंडल किसान धरना प्रदर्शन में भी काम कर रहे है और किसानों की तरफ से लगातार ट्वीट कर माहौल बिगाड़ रहे है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक करीब 300 से अधिक ट्विटर हैंडल किसान प्रदर्शन में काम कर रहे है और लगातार दिल्ली का माहौल बिगाड़ने में लगे हुए है। पाकिस्तान से चलाए जा रहे यह ट्विटर हैंडल लगातार सरकार के खिलाफ ट्वीट कर रहे है और किसानों को भी सरकार के खिलाफ भड़का रहे है और पूरे देश के किसानों से यह अनुरोध कर रहे है कि वह इस प्रदर्शन में भाग लें।

खुफ़िया रिपोर्ट की मानें तो पाकिस्तान की एजेंसी इंटर सर्विस इंटेलिजेंस (ISI) फिर से पुलवामा जैसे हमले की तैयारी कर रही है। आईएसआई की इस हमले के पीछे विशेष योजना चल रही है। वह इस हमले के द्वारा भारत से बदला लेने की सोच रहे है हालांकि उनकी यह योजना अब सेना और खुफ़िया एजेंसियों की नजर में आ गयी है और भारत की सुरक्षा एजेंसियाँ पूरी तरह से सतर्क हो गयी है।

खबरों की मानें तो पाकिस्तान की एक सैनिक छावनी में 13 जनवरी 2021 को ISI की अध्यक्षता में आतंकवादी गुटों की एक बैठक हुई है जिसमें भारत में तबाही मचाने को लेकर चर्चा हुई। इस बैठक में कश्मीर में फिर से आतंकी गुटों को जिंदा करने पर भी विचार किया गया साथ ही घाटी के मंदिर और सेना की छावनी पर हमले को लेकर भी योजना तैयार की गयी।

यह किसी से छुपा नहीं है कि जब से घाटी से धारा 370 का खात्मा हुआ है तब से आतंकी पुलिस और सेना के निशाने पर है। अगर आकड़ों पर नजर डालें तो 2019-20 में सबसे ज्यादा आतंकियों को मार गिराया गया है। घाटी के कई इलाके आतंकियों से खाली कर दिये गये है इन इलाकों में एक भी स्थानीय आतंकी नहीं बचा है। आतंकियों के लगातार मारे जाने से अब पाक का घाटी के आतंकियों से संपर्क टूट चुका है जिससे घाटी में आतंकी गतिविधियाँ लगातार कम होती जा रही है। फिलहाल सरकार अब भी आतंकियों को पूरी तरह से खत्म करने के लिए तैयार है और सेना इसमें पूरी ताकत से काम कर रही है।

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