दक्षिण में उभरती भाजपा

दक्षिण के तीन राज्यों- तमिलनाडु, केरल व पुदुचेरी  में विधान सभा चुनाव की गहमागहमी है। तमिलनाडु में भाजपा अन्नाद्रमुक के साथ चल रही है तो पुदुचेरी में उसे सफलता मिलने की उम्मीद है। केरल में पिछली बार उसने मात्र एक सीट जीती थी, लेकिन अब की बार मेट्रो मैन श्रीधरन के चुनाव मैदान में उतरने से सीटें बढ़ सकती हैं।

दक्षिणी राज्यों के चुनावों की चर्चा में जब भी की जाती थी तो भाजपा की विफलता के संदर्भ में ही की जाती रही थी, लेकिन अब 2021 के चुनाव में भाजपा को लेकर की जा रही है परंतु संदर्भ बदल गया है। अब भाजपा दक्षिण के राज्यों में सरकार का गठन करे या न करे लेकिन उसकी मतदाताओं तक पहुंच को पुदुचेरी, तमिलनाडु, केरल में क्षत्रप की तरह राज करने वाले दलों की नींद तो हराम ही कर दी है।

पुदुचेरी में जहां कांग्रेस, एआईएडीएमके, डीएमके ही सत्तासीन होती रही है और तमिलनाडु में तो दोनों एआईएडीएमके, डीएमके ही सत्ता पर बनी रहती रही हैं, वहीं, केरल में सीपीएम नेतृत्व के वाम लोकतांत्रिक गठबंधन और कांग्रेस नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक गठबंधन ही सत्ता पर काबिज होते रहे हैं। लेकिन इस बार तीनों ही राज्यों में भाजपा की उपस्थिति को एक सिरे से खारिज करने की ताकत किसी भी पार्टी में नहीं बची है।

तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार है और उसके सामने सत्ता में अपनी वापसी की चुनौती है। उसका मुकाबला मुख्य विपक्षी दल द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन से है। राज्य में 2011 से ही सत्ता से बाहर द्रमुक इस बार किसी भी कीमत पर सत्ता में वापसी करना चाहती है। 2019 के लोकसभा चुनाव में द्रमुक गठबंधन की एकतरफा जीत को देखते हुए इस बार उसके सत्ता में वापसी की संभावना व्यक्त की जा रही है। तमिलनाडु के चुनाव में राजग पूरी तरह से राज्य के विकास को ही मुद्दा बनाकर कर उतर रहा है, भाजपा की दृष्टि में इन चुनावों में राजग की सत्ता वापसी को मजबूत करना है।

भाजपा के रणनीतिकारों का मानना है कि यदि सत्ता में अन्नाद्रमुक नेतृत्व की सरकार बनती है तो उसमें भाजपा के विधायकों की भी महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित की जा सकती है। इसके लिए भाजपा ने 20 स्थानों से उम्मीदवार उतारे हैं। तमिल की मशहूर फिल्मी अदाकारा खुशबू सुन्दरम को चेन्नई के थाउजेन्ड लाइट विधान सभा क्षेत्र से उतारा गया है जो डीएमके का मजबूत गढ़ माना जाता है। पिछले दिनों खुशबू कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में  शामिल हुईं थीं। वे कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता थीं। तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष एल.मुरुगन को तिरूपुर जिले के धारापुरम विधान सभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया गया है। इसी तरह भारतीय महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष वनती श्रीनिवासन को कोयम्बत्तूर के दक्षिणी क्षेत्र से मक्कल नीधि मैय्यम के संस्थापक तमिल फिल्म के मशहूर अदाकार कमल हासन के विरुद्ध उतारा गया है। भाजपा के महासचिव अरुण सिंह ने 17 उम्मीदवारों की सूची जारी करते हुए कहा कि भाजपा तमिलनाडु में राजग में शामिल पार्टी है और वह राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से 20 स्थानों से चुनाव लड़ेगी। जिसमें हाल ही में भाजपा में शामिल होने वाले भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी के.अन्नामलाई को करूर के अरावाकुरिची से उम्मीदवार बनाया गया है।

केरल में भारतीय जनता पार्टी त्रिपुरा की तर्ज पर चुनाव में उतर रही है। केरल में राजग की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में भाजपा चुनाव में उतर रही है। भाजपा ने राज्य में 115 स्थानों से अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। उसने अपनी अन्य सहयोगी पार्टियों के लिए 25 स्थान छोड़े हैं। केरल में विधान सभा और लोकसभा के चुनावों में जनता विकल्प के रूप में कभी एसडीएफ तो कभी एलडीएफ को ही सत्ता सौंपती रही है। परन्तु इस बार के चुनाव में दोनों ही गठबंधनों को चुनौती देने के लिए भाजपा के नेतृत्व में राजग ने कड़ी रणनीति अपनाई है। ध्रुवीकरण की जिस बात की यहां चर्चा हो रही है उसे दोनों ही सत्तारूढ़ गठबंधनों ने अपने अपने कार्यकाल में परवान चढ़ाया। राज्य में अल्पसंख्यक तुष्टीकरण से सम्बंधित कई ऐसी योजनाओं को लागू किया गया जिससे यहां के हिन्दुओं को लगा कि उनके साथ न्याय नहीं किया जा रहा है। राज्य में भाजपा जहां हिन्दुओं के साथ हुए अन्याय के मुद्दे पर चुनाव में उतर रही है, वहीं वह राज्य में सत्तारूढ़ सरकारों के भ्रष्टाचार को भी मुद्दा बना रही है। केरल देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां वर्तमान में वामपंथी दलों की सरकार सत्ता में है। यद्यपि भाजपा दोनों मोर्चों के विरुद्ध राज्य के मतदाताओं के पास पहुंच रही है; परंतु तथाकथित राजनीतिक विश्लेषक 140 विधान सभा सीटों वाले इस राज्य में माकपा (सीपीएम) के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट का मुकाबला कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट से ही मान रहे हैं।

भाजपा ने अपने 115 विधान सभा उम्मीदवारों की सूची में मेट्रो मैन के नाम से प्रसिद्ध डॉ. ई. श्रीधरन को पल्लडकाड से मैदान में उतारा है। भाजपा की सूची में अन्य महत्वपूर्ण लोगों को भी उम्मीदवार बनाया गया है। केरल भाजपा के अध्यक्ष के. सुरेन्द्रन मंजेश्वर कासरगोड और कोन्नी पाथनमथित्ता इन दो सीटों से, के. जे. कंजीरापल्ली के अल्फांस डॉ. अब्दुल सलाम तिरूर से, राज्य के पूर्व पुलिस निदेशक जैकब थामस इरंजालाकुडा से उतारे गए हैं। राज्य भाजपा के पूर्व अध्यक्ष कुम्मानम राजशेखरन को नेमोम से उम्मीदवार बनाया गया है। नेमोम तिरुवनंतपुरम जिले का उपनगर है और 2016 के केरल विधान सभा चुनाव में बीजेपी को एकमात्र इसी सीट पर जीत मिली थी।

पिछले चुनाव में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट को 43.1 प्रतिशत वोट के साथ 91 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। जबकि यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट ने 38.6 प्रतिशत वोट के साथ 47 सीटों पर जीत हासिल की थी। भाजपा के नेतृत्व वाले राजग को राज्य में 14.9 प्रतिशत वोट मिले थे, किन्तु उसे सिर्फ एक सीट पर जीत मिली थी। इस बार केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी इस बार यहां अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश में है और उसकी ओर से 88 वर्षीय मेट्रो मैन ई श्रीधरन को मुख्यमंत्री पद के दावेदार के रूप में उतारा गया है। इस चुनाव में राजग की ओर से ‘नया केरल मोदी के संग’ के दम पर राज्य में अपना वोट शेयर और सीटें बढ़ाने के लिए हरसंभव कोशिश की जा रही है।

पुदुचेरी में राजग गठबंधन की कड़ी टक्कर 

राष्ट्रपति शासन वाले पुदुचेरी में विधान सभा की 30 सीटों के लिए 6 अप्रैल को मतदान होगा। यहां 25 फरवरी को मुख्यमंत्री नारायणस्वामी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के विश्वास मत हारने के तीन दिन बाद राष्ट्रपति शासन लगाया गया था। पिछले विधान सभा चुनाव में 15 सीटें जीतने वाली कांग्रेस ने दो विधायकों वाली द्रमुक के साथ मिलकर सरकार बनाई थी।

विधान सभा चुनाव के लिए एनआर कांग्रेस-भाजपा-अन्नाद्रमुक नीत राजग गठबंधन में सीटों के बंटवारे को अंतिम रूप दे दिया गया है। पुदूचेरी के भाजपा प्रभारी निर्मल कुमार सुराणा ने कहा कि हम एन. रंगास्वामी के नेतृत्व में विधान सभा चुनाव लड़ेंगे। एनआर कांग्रेस 16 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और 14 सीटों पर भाजपा व अन्नाद्रमुक के प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमाएंगे।

राजग गठबंधन के सहयोगियों के बीच सीटों के बंटवारे पर मुहर लगाए जाने की पुष्टि करते हुए सुराणा ने कहा कि तीन दलों के बीच सीटों के बंटवारे पर वार्ता पूरी हो गई है। हम एन. रंगास्वामी के नेतृत्व में एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे। पुदुचेरी में हमारी सरकार बनने जा रही है। पुदुचेरी में एनआर कांग्रेस के राजग गठबंधन से अलग होने की अटकलों के बीच यह घोषणा कर सुराणा ने इन अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की है। पुदुचेरी प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष एवी सुब्रमण्यन ने द्रमुक, वीसीके और अन्य दलों के साथ गठबंधन करने के लिए एनआर कांग्रेस को प्रस्ताव दिया था। उल्लेखनीय है कि एनआर कांग्रेस पुदुचेरी पीसीसी से अलग हुआ एक गुट है और इसका गठन 2011 में पुदुचेरी के पूर्व मुख्यमंत्री एन. रंगासामी ने किया था।

पुदुचेरी में पिछले विधान सभा चुनाव में द्रमुक और कांग्रेस ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था। इस बार दोनों मिल कर चुनाव लड़ेंगे। गठबंधन में सीटों के बंटवारे के अनुसार कांग्रेस के 15, द्रमुक के 13, सीपीआई के 1 और विदुथलाई चिरुथाइगल काची (वीसीके) 1 सीट पर चुनाव लड़ेगी। हालांकि सरकार गिरने के बाद द्रमुक नेताओं ने गठबंधन से अलग होकर चुनाव लड़ने की बात कही थी। कमल हासन की पार्टी एमएनएम ने भी पुदुचेरी में 18 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है।

केंद्रशासित प्रदेश पुदूचेरी में हाल ही में सत्ता गंवाने वाली कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन  को सत्ता में वापसी के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की कड़ी चुनौती का सामना करना है।

 

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