पाकिस्तान में सेना, सरकार और आतंकवादी के बीच का गणित!

पाकिस्तान का मालिक कौन है? यह सुनने में यह अजीब लगेगा लेकिन सवाल सच है, वैसे तो हर देश का माालिक वहां का प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति होता है लेकिन पाकिस्तान के हालात थोड़े अलग है यहां प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के साथ साथ आतंकी और सेना भी देश के मालिक है। पाक सरकार बिना सेना और आतंकी सलाहकारों के कोई फैसला नहीं करती है और यह मतभेद पाकिस्तान को आगे नहीं बढ़ने दे रहा है। पाकिस्तान की आर्थिक हालत बिल्कुल ही बिगड़ चुकी है कुछ देशों ने अपनी फंडिग रोक दी जिसके बाद से इनके पास पैसे नहीं है इसलिए पाकिस्तान में महंगाई बहुत बढ़ चुकी है।

दुनिया के सभी देश विकास को लेकर प्रतिस्पर्धा कर रहे है जबकि पाकिस्तान आतंकवाद को लेकर प्रतिस्पर्धा कर रहा है। पाक का सिर्फ एक ही लक्ष्य है भारत से दुश्मनी और आतंकवाद का बढावा। पाकिस्तान एक इस्लामिक देश है लेकिन अब वहां इस्लाम भी खतरें में दिख रहा है पाक में अहमदियों को निकाला जा रहा है जबकि गैर इस्लामिक लोगों की हालत तो पूरी दुनियां जानती है। सेना और दहशतगर्द में कोई फर्क ही नहीं क्योंकि दोनों ही लोगों को परेशान करने का काम करते है।

पाकिस्तान में अंदरुनी झगड़े भी काफी बढ़ चुके है जिसे पाक सरकार सुलझाने में पूरी तरह से असमर्थ है। सिंध के लोगों का अलग ही झगड़ा चल रहा है उन्हे पंजाब का आतंक मंजूर नही है। बलूचिस्तान के लोग तो पूरी तरह से बगावत पर उतर गये है उन्होने तो अलग राष्ट्र की मांग शुरु कर दी है। नार्थ में खैबरपख्तूनख्वा के लोग भी पाक सरकार से खुश नहीं है और उनका भी हर दिन विरोध जारी रहता है। पाकिस्तान में सरकार की पकड़ आम लोगों तक नहीं है इसलिए करीब सभी इलाकों में अलग अलग ग्रुप बन गये है और लोग भी उन्ही ग्रुपों के साथ हो चुके है। यह ग्रुप आम लोगों की आवाज बनते है और सरकार के खिलाफ विरोध शुरु कर देते है इसके साथ ही इन छोटे छोटे ग्रुपों का आपस में भी झगड़ा होता रहता है।

पाकिस्तान को आतंकियों का देश कहा जाता है और यह सिर्फ भारत ही पूरा विश्व जानता है। पाकिस्तान को लेकर हिलेरी क्लिंटन ने कहा था कि अगर आप सांप पालोगे तो एक दिन वह आप भी काटेगा और यह बात अब सही साबित होती दिख रही है। भारत में 2014 से जब से मोदी ने देश की सत्ता संभाली है तब से पाकिस्तान के आतंकियों की घुसपैठ को पूरी तरह से रोक दिया गया है और जो घुसपैठ की हिमाकत करते है उन्हे सेना नरक पहुंचा देती है। भारत में घुसपैठ पूरी तरह से बंद हो चुका है इसलिए अब पाकिस्तानी आतंकी संगठन अपने ही देश में माहौल को बिगाड़ने का काम कर रहे है और इस्लामिक मतभेद के चलते धमाके हो रहे है।

आतंकी गतिविधियों के चलते पाकिस्तान की वैश्विक स्तर पर रेटिंग लगातार कम होती जा रही है और विश्व के तमाम देश उससे दूरी बना रहे है। अमेरिका ने पाक को मदद देने का काम भी बंद कर दिया। डोनाल्ड ट्रंप के समय से ही पाकिस्तान को मिलने वाली आर्थिक सहायत अब बंद कर दी गयी है फिलहाल में चीन से पाकिस्तान को मदद मिलती है लेकिन उसकी वजह यह है कि चीन पाकिस्तान के माध्यम से भारत पर निशाना साधना चाहता है। उधर फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों को देखते हुए उसे ग्रे लिस्ट में डाल दिया है जिसके बाद से पाकिस्तान के साथ व्यापार करने वाले देशों की संख्या काफी कम हो गयी है। पाकिस्तान ग्रे के बाद ब्लैक लिस्ट में जाने की कगार पर है क्योंकि ग्रे लिस्ट में जाने के बाद भी पाकिस्तान में कोई सुधार होता नजर नहीं आया है। यह सुधार भी मुमकिन नहीं है क्योंकि हमने पहले ही बता दिया था कि पाकिस्तान में कोई एक आका नहीं है। फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स के दबाव के बाद पाकिस्तान की इमरान सरकार ने मसूद अजहर और हाफिज़ सईद जैसे कई आतंकियों को दिखावे के लिए गिरफ्तार कर लिया लेकिन उनके समर्थकों को यह बात रास नहीं आयी और पाकिस्तान की सड़कों पर दंगे भड़कने लगे। पाकिस्तान सरकार दोनों तरफ से घिर चुकी थी आतंकियों को गिरफ्तार ना करने पर वैश्विक दबाव बन रहा था जबकि गिरफ्तार करने पर पाकिस्तान को अपने ही घर में शिकार होना पड़ रहा था।

फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) – इस संगठन में कई देशों के लोग शामिल होते है। यह संगठन दुनिया के सभी देशों पर नजर रखता है और यह देखता है कि कहीं कोई देश किसी गलत संगठन के साथ काम तो नहीं कर रहा है। अगर किसी देश को ऐसा करता पाया जाता है तो उसे ग्रे या ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाता है। इस संगठन ने तीन लिस्ट तैयार की है व्हाइट, ग्रे और ब्लैक। व्हाइट लिस्ट में सभी देश आते है मतलब यह साफ सुथरी छवि वालों के लिए है जबकि ग्रे लिस्ट वाले देश के साथ बहुत ही कम देश व्यापार करते है और व्यापार पर नजर भी रखी जाती है जबकि ब्लैक लिस्ट वाले देश के साथ कोई भी व्यापार या संबंध बाकी देश नहीं रखते है।

पाकिस्तान और चीन दोनों एक दूसरे के दोस्त बताए जाते है जबकि असल सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है इन दोनों की दोस्ती सिर्फ मौके की दोस्ती है। चीन को पाकिस्तान के साथ दोस्ती का फायदा भारत से दुश्मनी के रुप में नजर आ रहा है जबकि पाकिस्तान को जीने खाने के लिए चीन से रकम मिल जाती है और वह चीन की रखैल के रुप में उसके इशारे पर नाचती है क्योंकि अब अमेरिका ने पाकिस्तान को लात मार दिया है ऐसे कोई ना कोई तो चाहिए जो पाकिस्तान सरकार को जिंदा रख सके। वैश्विक स्तर पर पाकिस्तान और चीन दोनों ही सभी देशों के निशाने पर है क्योंकि यह दोनों ही सहयोगी देश नहीं है चीन जहां विस्तारवादी सोच रखता है तो वहीं पाकिस्तान आतंकी सोच से भरा हुआ है ऐसे मे यह दोनों ही देश विश्व के लिए घातक है।

आपकी प्रतिक्रिया...