भस्त्रिका प्राणायाम की विधि, लाभ और सावधानियां

योग और प्राणायाम से हम अपने शरीर को निरोगी और मन को शांत रख सकते है साथ ही इसके नियमित प्रयोग से हमारा स्वास्थ्य भी उत्तम होता है। योग और प्राणायाम की शुरुआत हजारों वर्षों से चली आ रही है इसके प्रतिदिन प्रयोग से लोग हजारों सालों तक जीवित रहते थे और स्वास्थ्य भी रहते है। योग और प्राणायाम का प्रचलन फिर से लौट रहा है और आम से लेकर खास तक सभी इसके मुरीद होते जा रहे है। योग और प्राणायाम की बढ़ती डिमांड ने योग चिकित्सा के क्षेत्र में रोजगार भी पैदा किया है। आज हम बात करेंगे भस्त्रिका प्राणायाम से होने वाले फायदे को लेकर। 
 

भस्त्रिका प्राणायाम बाकी सभी प्राणायाम की तरह ही महत्वपूर्ण है और इसके भी अनेक फायदे है। सीधे तौर पर समझे तो यह प्राणायाम भी हमारे शरीर में वायु का संचार बढ़ाती है और शरीर के अंदर की कार्बन डाई ऑक्साइड को बाहर निकालती है। इसके नियमित उपयोग से रक्त शुद्ध होता है और शरीर में रक्त संचार तेजी से होता है जिससे हमारे शरीर में रोग नहीं पनपते है।
भस्त्रिका प्राणायाम करने की विधि  
प्राणायाम के लिए दो चीजें बहुत जरूरी है पहला प्राणायाम के समय मन शांत होना चाहिए और दूसरा इसके उपयोग के समय आस पास शांति होनी चाहिए जिससे मन विचलित ना हो। सबसे पहले सिद्धासन या पद्मासन की स्थिति में बैठ जाएं और आंखे बंद कर लें। मन को पूरी तरह से शांत होने दें और शरीर को आराम की अवस्था में छोड़ दें। मन में गिनती करते हुए 10 बार नाक से सांस लें और छोड़े। याद रहे सांस दोनों नाक से लेना है और तेज गति से लेना है जिससे आवाज आये। शुरुआत में यह क्रिया धीरे धीरे शुरू करें और बाद में इसे तेज गति से करें।
 
भस्त्रिका प्राणायाम के लाभ
1. भस्त्रिका प्राणायाम के अभ्यास से शरीर के अंदर का विषाक्त पदार्थ पूरी तरह से खत्म हो जाता है। 
2. शरीर के अंदर कफ, पित्त और वात भी संतुलित हो जाता है। 
3. प्राणायाम से शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा पर्याप्त मात्रा में हो जाती है और कार्बन डाई ऑक्साइड निकल जाता है। 
4. गले से जुड़ी समस्या में भी यह प्राणायाम लाभदायक होता है। 
5. गर्भवती महिलाओं के लिए भी यह प्राणायाम लाभदायक होता है।
 
भस्त्रिका प्राणायाम करने की सावधानियां  
1. रक्तचाप के रोगी यह प्राणायाम ना करें इससे परेशानी बढ़ सकती है।
2. किसी वजह से नाक बंद हो तो भी यह प्राणायाम ना करें। 
3. अस्थमा और बुखार से पीड़ित लोग भी इसे ना करें। 
4. हाल ही में कोई ऑपरेशन हुआ हो तो भी इस प्राणायाम का उपयोग ना करें। 
5. यह प्राणायाम खाली पेट ही करें, खाना खाने के बाद इसे बिल्कुल ही ना करें। 

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