कोंकण के कोहराम में पालनहार बने स्वयंसेवक

महाराष्ट्र के अधिकतर इलाके पानी में डूबे हुए है और जन धन की हानि हो रही है। मौसम विभाग के आंकड़े बताते है कि सन 2005 के बाद यह पहली बार है जब इतनी वर्षा हो रही है। पश्चिम महाराष्ट्र और कोंकण इलाके में करीब 70 वर्ष बाद यह बारिश देखने को मिल रही है। कोंकण क्षेत्र के दर्जनों गांव जैसे ठाणे, पालघर, रत्नागिरि और सिंधुदुर्ग पानी में डूबे हुए है। भारी बारिश के बाद रायगढ़ जिले में भूस्खलन की घटना सामने आयी है। रत्नागिरी के अलग अलग शहरों में करीब 14 फीट तक पानी घुसा हुआ है। इस भारी बारिश के बाद करीब 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जबकि हजारो लोग अब तक बेघर हो चुके है। कई गावों का बाहर से पूरी तरह से संपर्क टूट चुका है। गावों की बिजली कट चुकी है, रेल सेवा भी कहीं कहीं पर समाप्त हो चुकी है। 
 
भारी बारिश के बाद सड़कें पूरी तरह से टूट चुकी हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार करीब 300 सड़कें बह चुकी है। 450 सड़कों पर यातायात बंद करना पड़ा है और 140 के करीब पुल टूट कर बह गये है। चिपलून के बस डिपो का विडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है वहां बारिश के पानी में बसें भी डूब चुकी है। चिपलून का शिवाजी संग्रहालय भी पानी में डूब गया जिससे ऐतिहासिक दस्तावेज नष्ट हो गये या फिर पानी में बह गये। बारिश के बाद करीब 2.5 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है 165 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है 25 हजार जानवर भी मृत पाये गये है। 
मुंबई और कोंकण के अलावा सतारा, सांगली और कोल्हापुर जिलों में भी भारी बारिश हुई है जिससे वहां के लोग अब सरकार की तरफ देख रहे है। कोरोना महामारी के बाद लोगों की हालत पहले से ही खराब थी ऐसे में बाढ़ ने एक और कहर बरपा दिया। राज्य के जलसंपदा मंत्री जयंत पाटिल ने कहा कि यह एक प्राकृतिक आपदा है और इसमें उनकी सरकार कुछ भी नहीं कर पायेगी। सिर्फ एक बारिश का मुकाबला अगर सरकार नहीं कर सकती है तो उससे हम और क्या उम्मीद कर सकते है। महाराष्ट्र की जनता बाढ़ से परेशान है उनकी मदद आम लोग और अन्य संगठन कर रहे है जबकि सरकार के कुछ मंत्री ईद मना रहे है और फिर जनता को निराश करने वाले बयान दे रहे है। 
इस आफत की बारिश में सरकार के निराशाजनक रवैये से लोगों का मन दुखी हो रहा है। स्वयंसेवी संगठन मदद तेजी से पहुंचा रहे है जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सबसे आगे चल रहा है। संघ की तरफ से लोगों को जरूरी सामान मुहैया कराया जा रहा है। राज्य के अलग अलग शहरों से लोग कपड़ा, खाना, दवाएं, राशन और बिस्किट पानी भेज रहे है जिससे पीड़ित लोगों की तुरंत की जरूरतों को पूरा किया जा रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक जनकल्याण समिति की ओर से यह सहायता लोगों तक पहुंचाई जा रही है। संघ की अलग अलग इकाइयों की तरफ से हेल्पलाइन नंबर भी शुरू किया गया है जिसके माध्यम से लोगों तक सही जानकारी पहुंचाई जा रही है।   

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