विश्व-बंधुत्व की भावना को साकार करता एकात्म मानवदर्शन और पंडित दीनदयाल उपाध्याय

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सरलता और सादगी की प्रतिमूर्त्ति पंडित दीनदयाल उपाध्याय बहुमुखी एवं विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। उनका जीवन परिश्रम और पुरुषार्थ का पर्याय था। वे कुशल संगठक एवं मौलिक चिंतक थे। सामाजिक सरोकार एवं संवेदना उनके संस्कारों में रची-बसी थी। उनकी वृत्ति एवं प्रेरणा सत्ताभिमुखी नहीं, समाजोन्मुखी थी। एक राजनेता होते…

भारतबोध के साथ वैश्विक कल्याण का पथ ‘एकात्म दर्शन’

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धरती के हर  मनुष्य के साथ  ठीक वैसा व्यवहार हो, जैसा हम दूसरों से अपने लिए चाहते हैं। परिवार, समाज,देश और यहां तक कि विश्व के सभी शासक अपने पर निर्भर लोगों के साथ उनके हित को ध्यान में रखते हुए एक जैसा व्यवहार करें को एकात्म मानव दर्शन का…

जयंती विशेष: लक्ष्मणराव इनामदार से नरेंद्र मोदी को क्यों है इतना लगाव?

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संघ का प्रत्येक स्वयंसेवक उन्हें 'वकील साहब' के नाम से जानता था जबकि संघ के बाहर के लोग उन्हें लक्ष्मणराव इनामदार के नाम से जानते थे। वह बहुत ही सरल जीवन व्यतीत करते थे और पूरा जीवन राष्ट्र के लिए समर्पित कर दिया था, वैसे तो उन्होंने बहुत सारे स्वयंसेवकों…

संघ शिक्षा वर्ग 2021: स्वयंसेवकों व नये नियमों के तहत शुरु होगा संघ शिक्षा वर्ग

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Thiruvananthapuram: RSS activists taking out Path Sanchalan, a route march in the new uniform on the occasion of Vijay Dashami in Thiruvananthapuram on Sunday. PTI Photo (PTI10_9_2016_000230B)
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आचार्य चाणक्य ने कहा था कि, 'जिस देश में शांति के समय में जितना अधिक पसीना बहेगा युद्ध के समय उतना ही कम खून बहेगा' यह लाइन का अर्थ है कि मुसीबत आने से पहले उसके खिलाफ की तैयारी करके रखना चाहिए। परेशानी किसी भी रूप में हो सकती है लेकिन…

हिंदुत्व के खिलाफ बैठक करने वाले हिंदुत्व से अज्ञान, यह कोई सामान नहीं जिसे खत्म किया जा सके

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डिस्मेंटल (Dismantle) का अर्थ होता है किसी भी चीज को तोड़ना या ध्वस्त करना लेकिन किसी धर्म के लिए आप का डिस्मेंटल से अर्थ क्या हो सकता है जी हां हम बात कर रहे हैं हाल ही में अमेरिका में हुए डिस्मेंटल ग्लोबल हिन्दुत्व (Dismantle global hindutva) के बारे में जहां…

भारत में हिन्दू-मुस्लिम के पूर्वज एक – मोहन भागवत

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सरसंघचालक मोहन जी भागवत ने एक बार फिर हिन्दू व मुसलमानों को लेकर बयान दिया और कहा कि हिन्दू और मुसलमानों के पूर्वज एक ही थे और देश का हर नागरिक हिन्दू है। सरसंघचालक के इस बयान के बाद से राजनीति में उबाल आना तो आम बात है क्योंकि कुछ…

तालिबानी मानसिकता से ग्रसित हैं जावेद अख्तर!

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फिल्म लेखक जावेद अख्तर के बोल एक बार फिर से बिगड़े और उन्होंने तालिबान की तुलना आरएसएस से कर दी हालांकि उनकी इस बदजुबानी की वजह से शिवसेना के मुखपत्र सामना में उनकी कड़ी आचोलना की गई और कहा गया कि आरएसएस की तालिबान से तुलना कभी भी बर्दाश्त नहीं…

जयंती: यादवराव कृष्ण जोशी ने दक्षिण भारत में संघ को दी थी नई उड़ान

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यादवराव कृष्ण जोशी का जीवन बहुत ही साधारण रहा है और उन्होंने पूरा जीवन देश के लिए समर्पित किया था। 3 सितंबर 1914 को महाराष्ट्र के नागपुर में कृष्ण जोशी जी का जन्म एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था उनके पिता जी एक पुजारी थे जिससे उनका जीवन शुरू से…

राहुल आखिर क्यों लेते है आरएसएस का नाम?

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शायद ही कभी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के किसी पदाधिकारी ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का नाम लिया होगा और अगर लिया होगा तो उनको नसीहत ही दी होगी लेकिन राहुल गांधी अक्सर ही RSS नाम लेते फिरते रहते है। अब उनके पास कोई और मुद्दा नहीं है इसलिए,…

कोंकण के कोहराम में पालनहार बने स्वयंसेवक

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महाराष्ट्र के अधिकतर इलाके पानी में डूबे हुए है और जन धन की हानि हो रही है। मौसम विभाग के आंकड़े बताते है कि सन 2005 के बाद यह पहली बार है जब इतनी वर्षा हो रही है। पश्चिम महाराष्ट्र और कोंकण इलाके में करीब 70 वर्ष बाद यह बारिश…

केसरिया झंडे को ही संघ ने सर्वोच्च स्थान क्यों दिया?

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भगवा ध्वज हिंदुओं को त्याग, बलिदान, शौर्य, देशभक्ति आदि की प्रेरणा देने में सदैव सक्षम रहा है। यह ध्वज हिंदू समाज के सतत संघर्षों और विजयश्री का साक्षी रहा है। ‘भगवा ध्वज’ के बिना हम हिंदू संस्कृति, हिंदू राष्ट्र और हिंदू धर्म की कल्पना नहीं कर सकते। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के…

“स्वराज हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर ही रहूंगा”

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यह नारा देश के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक ने दिया था उन्होंने ब्रिटिश सरकार को पूरी तरह से देश छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया था। बाल गंगाधर तिलक एक प्रसिद्ध वकील, शिक्षक, समाजसुधारक और राष्ट्रवादी व्यक्ति थे बाद में लोगों ने उन्हे लोकमान्य की भी उपाधि दी।…

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