आपातकाल और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

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20 जून, 1975 को, कांग्रेस ने एक विशाल रैली की, जिसमें देवकांत बरुआ ने घोषणा की, "इंदिरा तेरी सुबह की जय, तेरी शाम की जय, तेरे काम की जय, तेरे नाम की जय," और इस जनसभा के दौरान इंदिरा गांधी ने कहा कि वह प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी।

क्या रुकावट है उनके भारत रत्न में?

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क्या किसी को पता है कि स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर का जन्म दिन २८ मई को था और किसी को पता नहीं चला! जिस संघ और भाजपा संगठन को अब तक सावरकर को भारत रत्न दे कर इस सम्मान की गरिमा को बढ़ा देना चाहिए था, आज वह संगठन…

वर्तमान को भविष्य की दिशा देनेवाला ऐतिहासिक भाषण

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2 जून 2022 को संघ के संघ शिक्षा वर्ग (तृतीय वर्ष) का प्रशिक्षण शिविर नागपुर में संपन्न हुआ। प्रथा के अनुसार समापन कार्यक्रम में सरसंघचालक जी का भाषण हुआ। रेशीमबाग के संघ स्थान पर पहले तृतीय वर्ष के संघ शिक्षा वर्ग में आद्य सरसंघचालक डॉ. हेडगेवार का समारोप भाषण हुआ…

संघ प्रमुख की दो टूक नसीहत में छिपे मर्म को पहचाने

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इस समय देश में ज्ञानवापी मस्जिद का मुद्दा गरमाया हुआ है परंतु इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने गत दिवस नागपुर स्थित संघ मुख्यालय में संघ कार्यकर्ताओं  के तृतीय वर्ष शिक्षा वर्ग के समापन समारोह में जो भाषण  दिया है उसकी चर्चा कहीं अधिक हो…

हिंदू भारतीय मुसलमानों के विरुद्ध नहीं है

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''एक इतिहास तो है, उसको हम बदल नहीं सकते। वह इतिहास हमने नहीं बनाया। ना आज के खुद को हिन्दू कहलाने वालों ने बनाया। ना आज के मुसलमानों ने बनाया, उस समय घटा। इस्लाम बाहर से आया, आक्रामकों के हाथ से आया। उस आक्रमण में भारत की स्वतंत्रता चाहने वाले…

परिवार के मुखिया बैरिस्टर नरेंद्रजीत सिंह

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में संघचालक की भूमिका परिवार के मुखिया की होती है। बैरिस्टर नरेन्द्रजीत सिंह ने उत्तर प्रदेश में इस भूमिका को जीवन भर निभाया। उनका जन्म 18 मई, 1911 को कानपुर के प्रख्यात समाजसेवी रायबहादुर श्री विक्रमाजीत सिंह के घर में हुआ था। शिक्षाप्रेमी होने के कारण इस…

शिक्षा का केन्द्र बिन्दु शिक्षक

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भारत में शिक्षा की मौलिक अवधारणा है कि शिक्षा मानव की अन्तर्निहित शक्तियों का प्रकटीकरण है, न कि केवल छात्र के मस्तिष्क में कुछ जानकारियों को ठूँसा जाना। हमारी मान्यता है कि हमारे अन्दर जो परम चैतन्य विद्यमान है, उसी परमसत्य की अनुभूति और अभिव्यक्ति शिक्षा प्रणाली का मूल उद्देश्य…

दिल्ली के राजा वसंतराव ओक

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संघ की प्रारम्भिक प्रचारकों में एक श्री वसंतराव कृष्णराव ओक का जन्म 13 मई, 1914 को नाचणगांव (वर्धा, महाराष्ट्र) में हुआ था। जब वे पढ़ने के लिए अपने बड़े भाई मनोहरराव के साथ नागपुर आये, तो बाबासाहब आप्टे द्वारा संचालित टाइपिंग केन्द्र के माध्यम से दोनों का सम्पर्क संघ से…

संघ विस्तार में वानप्रस्थी कार्यकर्ताओं का योगदान

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्य विस्तार में प्रचारकों का बड़ा योगदान है। साथ ही उस कार्य को टिकाने तथा समाज के विविध क्षेत्रों में पहुंचाने में वानप्रस्थी कार्यकर्ताओं की बहुत बड़ी भूमिका है। 11 मई, 1929 को नरवाना (हरियाणा) में संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ता बाबू दिलीप चंद्र गुप्त के घर…

कैसा होगा संघ का शताब्दी वर्ष ? 

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना को वर्ष 2025 में 100 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। 1925 में नागपुर में संघ स्थापना हुई थी। इस घटना को इस वर्ष 2022 की विजयादशमी को 97 वर्ष पूर्ण होंगे। संघ का कार्य किसी की कृपा से नहीं, केवल संघ के कार्यकर्ताओं के परिश्रम,…

कर्मनिष्ठ प्रचारक ऋषि मुनि सिंह

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जीवन की अंतिम सांस तक बिहार में संघ का कार्य करने वाले श्री ऋषि मुनि सिंह का जन्म 1927 में बिहार के कैमूर जिले के चांद विकास खंड के एक ग्राम में हुआ था। उनके अभिभावकों ने उनका यह नाम क्यों रखा, यह कहना तो कठिन है; पर उन्होंने अपने…

प्रवासप्रिय यादवराव कालकर

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श्री यादवराव कालकर का जन्म 10 मई, 1916 को देऊलघाट (महाराष्ट्र) में श्री जानकीराम एवं श्रीमती सरस्वती बाई के घर में हुआ था। बुलढाणा में उनकी खेती थी। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा बुलढाणा तथा हाई स्कूल अमरावती से किया। अमरावती में ही उनकी भेंट डॉ. हेडगेवार से हुई।  1937 में कामठी…

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