इस्तीफे की वजह कहीं बेटा तो नहीं?

कर्नाटक की राजनीति में पिछले कुछ समय से उथल पुथल देखने को मिल रहा था और आखिरकार राज्य के मुख्यमंत्री येदियुरप्पा के इस्तीफे के बाद यह उथल पुथल शांत हुआ लेकिन येदियुरप्पा का इस्तीफा सिर्फ एक पार्ट था जबकि दूसरा पार्ट था कि अब राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? बीजेपी की कर्नाटक से लेकर दिल्ली तक बैठकों का दौर चला और आखिरकार मंगलवार शाम तक यह राज्य के अगले मुख्यमंत्री का नाम तय कर लिया गया और बुधवार को राज्य के पूर्व गृहमंत्री बसवराज बोम्मई को कर्नाटक के मुख्यमंत्री की शपथ दिला दी गयी।
   
  बसवराज ने कर्नाटक के 23वें मुख्यमंत्री के तौर पर पद और गोपनीयता की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा भी मौजूद थे जिनका शपथ के बाद बसवराज ने पैर छूकर आशीर्वाद लिया। शपथ ग्रहण के बाद नवनियुक्त मुख्यमंत्री ने कहा कि वह कर्नाटक सरकार के अधूरे कामों को जल्द से जल्द पूरा करेंगे और यदियुरप्पा के मार्गदर्शन में राज्य की बागडोर संभाल लेंगे लेकिन अब सवाल यह है कि आखिर येदियुरप्पा को आखिर क्यों पद से इस्तीफा देना पड़ा जबकि उनके ही करीबी को सीएम का पद दिया गया और नवनियुक्त सीएम इस बात को स्वीकार भी कर रहे है कि वह येदियुरप्पा के करीबी है और उनके ही मार्ग दर्शन में राज्य के शासन को आगे बढ़ाने वाले है। 
 
येदियुरप्पा के पद छोड़ने को लेकर कई कयास लगाए जा रहे है जिसमें उनका भ्रष्टाचार में नाम आना, बेटे का सरकार के काम में दखल अंदाजी करना क्योंकि सरकार के ही कुछ मंत्रियों ने केंद्र के पास यह शिकायत की थी कि येदियुरप्पा के बेटे बीवाई विजेंद्र का सरकारी काम काज में दखल बहुत ज्यादा है जिससे कई मंत्री भी नाराज चल रहे थे।
     
इसके साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि जब उन्होने सीएम पद की शपथ ली थी तभी उनसे यह करार किया गया था कि वह दो साल बाद अपने पद से इस्तीफा दे देंगे हालांकि इस्तीफे के बाद भी अभी तक पार्टी में सब कुछ सही सलामत है और अब पूर्व सीएम येदियुरप्पा पार्टी के अलग विधानसभा चुनाव की तैयारी में लग गये है फिलहाल वजह चाहे जो हो येदियुरप्पा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और राज्य को उसका अलग मुख्यमंत्री भी मिल चुका है अब राज्य की जनता और विपक्ष दोनों की ही नजर इस बात पर होगी कि आखिर बसवराज अपनी आगे की राजनीतिक गाड़ी कैसे चलाते है।

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