पीएम की सुरक्षा : राजनीतिक द्वेष की चढ़ी बलि !

राजनीतिक भेदभाव होना जरूरी है लेकिन उसे सिर्फ राजनीति तक ही रहना चाहिए, राजनीतिक भेदभाव की वजह से आप किसी की जान को खतरे में नहीं डाल सकते और यह बहुत ही गैरजिम्मेदाराना रवैया है। पंजाब की कांग्रेस सरकार ने ऐसा ही कुछ किया जिसकी वजह से प्रधानमंत्री की सुरक्षा में बड़ी चूक हो गयी। दरअसल पीएम मोदी का बुधवार को पंजाब दौरा था जहां कई परियोजनाओं का उद्घाटन करना था। पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार पीएम मोदी ने दिल्ली से बठिंडा के लिए उड़ान भरी लेकिन मौसम खराब होने की वजह से आगे की यात्रा हेलीकॉप्टर से ना होकर सड़क के द्वारा तय करने की तैयारी की गयी। बठिंडा से फिरोजपुर तक हेलीकॉप्टर से जाना था लेकिन मौसम खराब होने की वजह से विजिबिलिटी बहुत कम थी इसलिए पंजाब सरकार से क्लीयरेंस मिलने के बाद पीएम का काफिला फिरोजपुर के लिए रवाना हुआ। 

पंजाब पुलिस की सहमति के बाद पीएम मोदी का काफिला राष्ट्रीय शहीद स्मारक के लिए रवाना हुआ लेकिन बीच रास्ते में एक फ्लाईओवर पर कुछ प्रदर्शनकारियों ने पीएम के काफिले को रोक लिया। प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास किया गया लेकिन पीएम की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें वापस लौटना पड़ा। यह घटना पीएम की सुरक्षा में बड़ी चूक के तौर पर देखी जा रही है क्योंकि प्रदर्शनकारी पीएम पर हमला भी कर सकते थे। पंजाब पुलिस को पीएम के कार्यक्रम की पूरी जानकारी थी और उनके आदेश के बाद ही पीएम का काफिला निकला था फिर प्रदर्शनकारी कहां से आ गये और पंजाब पुलिस उन्हें रोकने में विफल क्यों हुई। पीएम के कार्यक्रम की जानकारी पंजाब सरकार को थी फिर ऐसी चूक होना बहुत बड़ी बात है। गृह मंत्रालय ने इस पूरे मामले के लिए पंजाब सरकार से जवाब मांगा है और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग भी की गयी है। प्रधानमंत्री मोदी को 42 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं की आधारशिला रखनी थी।  

पीएम की सुरक्षा में चूक को चन्नी सरकार की बड़ी विफलता मानी जा रही है और बीजेपी की तरफ से चन्नी के इस्तीफे की मांग की गयी है। बीजेपी की तरफ से यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि यह चूक नहीं बल्कि एक साजिश थी। पीएम मोदी का काफिला जिस पर फ्लाईओवर पर फंसा था उस समय मुख्यमंत्री चन्नी को फोन किया गया था लेकिन उन्होंने बात करने से मना कर दिया। इस घटना के बाद यह करीब करीब साफ हो जाता है कि कांग्रेस पंजाब में पीएम की रैली नहीं होने देना चाहती थी क्योंकि बीजेपी की तरफ करोड़ों की सौगात पंजाब की जनता को मिलने वाली थी ऐसे में पंजाब की जनता कहीं अपना मन ना बदल दे इसलिए कांग्रेस की तरफ से ऐसी साजिश को अंजाम दिया गया। 

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