सांकेतिक भाषा में राष्ट्रगान, कारूलकर प्रतिष्ठान

टीम कारुलकर प्रतिष्ठान अपने संपूर्ण संवाद नामक अभियान से भारतीय सांकेतिक भाषा (Indian Sign Language) के बारें में जागरुकता फैलाने का काम कर रहा है और सांकेतिक भाषा में राष्ट्रगान प्रस्तुत कर रहा है जो मूकबधिर लोगों की पहली भाषा है। आइए इस गणतंत्र दिवस पर, अपने कॉर्पोरेट ऑफिस को थोड़ा और समावेशक बनाने का संकल्प लें और भारत के समग्र विकास में योगदान दे।

बांसुरी वादक- प्रणव पटवर्धन, कारूलकर प्रतिष्ठान।

हम विशेषरुप से कारुलकर प्रतिष्ठान की महिला टिम का अभिनंदन करते है।

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