भारत के 9 राज्यों में हिंदू अल्पसंख्यक

भारत को हिन्दू राष्ट्र के नाम से अक्सर संबोधित किया जाता रहा है लेकिन आप को जानकर हैरानी होगी कि अब कई राज्यों में हिन्दूओं की जनसंख्या बाकी लोगों से कम हो चुकी है और वह अल्पसंख्यक की श्रेणी में आ चुके हैं। हालांकि अभी तक उन राज्यों में हिन्दुओं को अल्पसंख्यक का दर्जा नहीं मिला है और वह तमाम अल्पसंख्यक को मिलने वाले सरकारी फायदे से वंचित हैं जबकि बहुसंख्यक होने के बाद भी बाकी समाज के लोगों को उसका लाभ मिल रहा है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक लद्दाख , मिजोरम, कश्मीर, नागालैंड, लक्षद्वीप, मेघालय, अरूणाचल प्रदेश, पंजाब और मणिपुर में हिन्दू अल्पसंख्यक हो चुका है जबकि उसे अभी तक अल्पसंख्यक की श्रेणी में नही डाला गया है। केंद्र या राज्य सरकारों ने इसका कोई भी संज्ञान नहीं लिया और अभी भी हिन्दूओं सरकारी लाभ से वंचित रखा गया है।

अल्पसंख्यक की परिभाषा

भाषा या धर्म के आधार पर जिसकी आबादी राज्य में 50 प्रतिशत से कम होती है उसे अल्पसंख्यक की श्रेणी में रखा जाता है। इस समुदाय को अल्पसंख्यक कानून के तहत केंद्र सरकार अधिसूचित करती है। वर्ष 1993 में तत्कालीन केंद्र सरकार ने मुस्लिम, सिख, ईसाई, पारसी और बौद्ध समुदाय को अल्पसंख्यक का दर्जा दिया था फिर 2014 में जैन धर्म को भी अल्पसंख्यकी की कैटेगरी में डाल दिया गया। अभी तक इन 6 समुदाय को अल्पसंख्यकी की श्रेणी में डाला जा चुका है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 29 और 30 में अल्पसंख्यकों के लिए कुछ विशेष प्रावधान किए गये हैं जिसके तहत उन्हें राज्य और केंद्र सरकार की तरफ से सहायता व छूट मिलती है। अल्पसंख्यकों को अपने धर्म के शैक्षणिक संस्थान खोलने और संचालित करने का अधिकार होता है। जिन राज्यों में हिन्दू अल्पसंख्यक है वहां उसे शैक्षणिक संस्थान चलाने की इजाजत नहीं मिली हुई है।

देश की सर्वोच्च अदालत में केंद्र सरकार की तरफ से हलफनामा दायर किया गया और कहा कि राज्य सरकारें अपने यहां अल्पसंख्यक आबादी की पहचान करें और उन्हें अल्पसंख्यक का दर्जा दे। दरअसल बीजेपी नेता अश्विनी उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी और कहा था कि देश के करीब 10 राज्यों में हिन्दू अल्पसंख्यक हो चुका है लेकिन राज्य सरकारों की तरफ से अभी भी बहुसंख्यकों को योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट में इस याचिका पर सुनवाई चल रही है।

यह भी एक चिंता का विषय है कि भारत में हिन्दू अल्पसंख्यक होता जा रहा है लेकिन इसके लिए कारण का पता किसी को नहीं है और देश के अधिकतर हिन्दूओं को यह भी नहीं पता होगा कि उनके अपने भाई अल्पसंख्यक की श्रेणी में आ चुके हैं। दरअसल हिन्दू समुदाय में अधिकतर लोग शिक्षित होते है इसलिए वह रोजगार और व्यापार के चक्कर में शादी देरी से करते हैं और बच्चे भी एक से अधिक पैदा नहीं करना चाहते हैं क्योंकि उनकी ऐसी सोच है कि एक ही बेटा या बेटी हो जिसे अच्छी परवरिश दी जा सके जबकि मुस्लिम समुदाय बच्चों को अल्लाह की देन मानते हैं और अधिक बच्चे पैदा करते हैं ऐसे में उनकी आबादी बहुत तेजी से बढ़ी है।

अल्पसंख्यक हिन्दू राज्य

राज्य                     हिन्दू आबादी 

लद्दाख                  01 प्रतिशत

मिजोरम                 02.75 प्रतिशत

कश्मीर                  04.00 प्रतिशत

नागालैंड                 08.74 प्रतिशत

लक्षद्वीप                  02.77 प्रतिशत

मेघालय                  11.52 प्रतिशत

अरूणाचल प्रदेश     29.00 प्रतिशत

पंजाब                    38.49 प्रतिशत

मणिपुर                  41.29 प्रतिशत

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