रोपवे हादसा: रेस्क्यू ऑपरेशन में क्यों लग रहा समय ?

झारखंड के रोप वे हादसे को 24 घंटे से अधिक का समय हो चुका है लेकिन अभी तक राहत व बचाव कार्य जारी है। हालिया जानकारी के मुताबिक अभी तक सभी को वहां से नहीं निकाला गया है हालांकि वायु सेना और NDRF की टीम बचाव कार्य में लगी हुई है लेकिन अभी तक पूरी तरह से सफलता नहीं मिल सकी है। ट्राली में फंसे लोगों को ड्रोन के माध्यम से खाना और पानी दिया जा रहा है लेकिन वह दो दिन से हवा में लटके हुए है। उनका दिल भी यह कह रहा होगा कि कितनी जल्दी उन्हें नीचे उतारा जाए। बचावकार्य में लगने वाला समय अब बढ़ता जा रहा है जो लोगों की चिंता बढ़ा रहा है।

वायु सेना की तरफ से भी राहत बचाव कार्य जारी है लेकिन उसमें भी परेशानी हो रही है। दरअसल जब वायु सेना का रेस्क्यू हेलीकॉप्टर ट्राली के ऊपर आता है तो सभी ट्रालियां हिलने लगती है और उसके गिरने का खतरा बढ़ जाता है इसलिए अभी तक वायु सेना इस ऑपरेशन को पूरा करने में असफल हो रहा है हालांकि MI-17 हेलिकॉप्टर की मदद से फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया है और श्रद्धालुओं को निकालने का सिलसिला जारी है। रविवार को रामनवमी के दिन ऊंचे पहाड़ पर बने मंदिर के लिए लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गयी जिसके बाद ट्रॉली से जाने वालों की भीड़ लग गयी। ट्रॉलियां भी जल्दी जल्दी छोड़ी जाने लगी इसी दौरान तारों पर लोड बढ़ने से एक रोलर टूट गया और कुछ ट्राली नीचे आ गिरी जबकि बाकी सभी ट्रालियां एक दूसरे से ही हवा में टकराने लगी।

मंगलवार को हादसे के तीसरे दिन तक राहत व बचाव कार्य जारी है। सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ और लोकल पुलिस की मदद से बाकी लोगों को नीचे लाने का काम किया जा रहा है जानकारी के मुताबिक अभी 4 ट्राली ऊपर ही फंसी है जिसमें करीब 15 लोग सवार हैं। सेना की तरफ से MI-17 हेलिकॉप्टर को बचाव के लिए लगाया गया है। 24 घंटे से अधिक समय तक हवा में लटके होने की वजह से अधिकतर लोगों की तबियत बिगड़ने लगी है जिससे उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल सभी को ड्रोन के माध्यम से खाने का सामान और पानी पहुंचाया जा रहा है। अभी तक इस हादसे में कुल 3 लोगों की मौत हो चुकी है।

यह कोई आतंकवादी घटना नहीं बल्कि एक हादसा था जहां ट्राली करीब 500 मीटर की उंचाई पर अटक गयी थी जिसे निकालने में करीब 3 दिन का समय लग गया ऐसे यह कहना गलत नहीं होगा कि हमें अभी और काम करने की जरुरत हैं। हम अभी भी बुरी परिस्थितियों को काबू करने में उतने सक्षम नहीं हैं जितने की जरूरत है। इस ऑपरेशन को पूरा करने में तीन दिन का समय लग चुका है जबकि सभी पर्यटकों को एक दिन में ही निकाल लेना चाहिए था अगर इसमें प्रशासन की चूक है तो उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

 

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