ऐसे विदेश मंत्री भारत को पहले क्यों नहीं मिले ?

अमेरिका के अंदर अमेरिका को आइना दिखाने वाले एस जयशंकर का हृदय से आभार

वो जमाने लद गए जब अमेरिका भारत के खिलाफ अनरगल आरोप लगाता था और भारत की सरकार और विदेश मंत्री चुपचाप सिर झुकाकर सुन लिया करते थे अब एस जयशंकर भारत के विदेश मंत्री हैं जैसे को तैसा जवाब मिलेगा वो भी फटाफट मिलेगा

वाशिंगटन में भारत और अमेरिका के रक्षामंत्रियों और विदेशमंत्रियों की एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस हो रही थी । इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि भारत में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों पर हमारी की पैनी नजर है ।

अब इस पर भी विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जबरदस्त पलटवार किया है और कहा है कि भारत की भी अमेरिका में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों पर नजर बनी हुई है खासकर जब मामला हमारे ही समुदाय से जुड़ा हुआ है । दरअसल अमेरिका में दो सिखों पर नस्लीय हमला हुआ है जो अत्यंत निंदनीय घटना है ।

वैसे भी अमेरिका के मूल नागरिकों रेड इंडियंस का नरसंहार कर एक देश पर कब्जा करने वाले इन गोरों को मानव अधिकार पर चर्चा करने का कोई अधिकार नहीं है । फिर भी एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री को करार जवाब दिया है

उसी साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिका के एक और चापलूस पत्रकार ने एस जयशंकर से ये सवाल किया कि आखिर क्यों आप रूस से तेल खरीद रहे हैं जो कि यूक्रेन में युद्ध करने का अपराधी है  । इस पर भी एस जयशंकर ने अमेरिका ही नहीं पूरे यूरोप के दोहरे मापदंडों की पोल खोल दी । एस जयशंकर ने कहा कि जितना तेल भारत रूस से एक महीने में खरीदता है उतना तेल और गेस तो यूरोप एक दोपहर में खरीद लेता है इसलिए आपको यूरोप पर ध्यान देने की जरूरत है । इस जवाब को सुनकर भी उस चापलूस अमेरिकी पत्रकार की बोलती बंद हो गई

एस जयशंकर जी को बहुत बहुत धन्यवाद । साथ ही मोदी सरकार का भी आभार, मोदी सरकार ने साल 2014 के बाद विदेश नीति में बदलाव किया और दुनिया को ये समझाया कि सिर्फ भारत को ही आपकी जरूरत नहीं है भारत बहुत बडा बाजार है और आपको भी भारत की जरूरत है । भारत की विदेश नीति का लोहा आज पूरी दुनिया मान रही है पाकिस्तान जैसे दुश्मन भी आज भारत की विदेश नीति की तारीफ करता है ।

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