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१२ दिन पहले जैश-ए-मुहम्मद के आतंकियों द्वारा किये गए हमले में सीआरपीएफ के ४० जवान शहीद हो गए थे. उस घटना के बाद सम्पूर्ण देश में गुस्से का ज्वार उठा था. इस बार भारत की जनता मोदी सरकार से पाकिस्तान की नीतियों और आतंकवाद के खिलाफ करार जवाब चाहती थी. आज सुबह-सुबह नरेन्द्र मोदी सरकार के नेतृत्व में  भारतीय वायु सेना ने भारतीयों की इस इच्छा को पूरा कर दिया.

भारत के १२ मिराज-२००० विमानों ने पाकव्याप्त कश्मीर में घुसकर लगभग १००० किलो के बम गिराए और जैश ए मोहम्मद के ठिकानों को उध्वस्त कर दिया. पाक प्रायोजित आतंकवादियों ने भारतीय वाहनों पर ३०० किलो आरडीएक्स का धमाका करके भारत के वीर जवानों को शहीद किया था. इस हमले का करार जवाब देते हुए भारत के प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने पाकिस्तान में घुसकर पाक प्रायोजित आतंकी संगठन को तहस नहस किया है. नरेन्द्र मोदी सरकार के माध्यम से किए गए जवाबी प्रयास से भारत की तमाम जनता के मन में जो क्रोध था वह थोडा शांत हुआ है साथ ही उनमे राष्ट्रभाव तथा स्वाभिमान भी जागृत हुआ है.

सन १९४७ में जब भारत के एक हिस्से को तोड़कर पाकिस्तान का निर्माण किया गया, तभी से पाकिस्तान भारत को जख्म पर जख्म देने का कार्य कर रह है. इन जख्मों को भारत की जनता भूली नहीं है. कभी युद्धों के माध्यम से, कभी कश्मीर के माध्यम से, तो कभी प्रायोजित आतंकियों के माध्यम से पाकिस्तान ने भारत को हर समय चोट पहुँचाने का प्रयास किया है. ७० सालों के इन प्रयासों को करारा जवाब देने वाली पहली प्रधान मंत्री इंदिरा गाँधी थी. उसके बाद एक अभाव सा महसूस हो रहा था. सिर्फ पुलवामा हमले से ही भारतीय जनता में क्रोध की भावना का उबल आया है ऐसी बात नहीं है. भारत पर लादा गया कारगिल युद्ध, संसद भवन पर किया गया हमला, मुंबई पर किया गया पाक प्रायोजित हमला, कश्मीर में चल रही रोजमर्रा की पत्थरबाजी इन सारी बातों का गुस्सा १२५ करोड़ भारतीयों के दिल में दबा हुआ था. जो पुलवामा की घटना के बाद ज्वालामुखी के रूप में फूट पड़ा. सम्पूर्ण भारतीय जनता नरेन्द्र मोदी से प्रतिशोध की अपेक्षा कर रही थी. नरेन्द्र मोदी भी भारतीय जनता की नब्ज को पहचानने वाले नेता हैं. भारतीय जनता केवल पुलवामा का बदला नहीं चाहती थी, बल्कि स्वतंत्रता के बाद से जो खुराफातें पाकिस्तान करता आया है उन सभी का प्रतिशोध चाहती है. भारतीय जनता यह भी जानती है की यही वह सही समय है जब पाकिस्तान को उत्तर मिलना ही चाहिए. इसका कारण यह है कि नरेन्द्र मोदी जैसा एक जुझारू नेता प्रधान मंत्री पद पर विराजमान है. वह जो बोलता है वह करता है. आज पुलवामा के हमले का करारा जवाब देते हुए नरेन्द्र मोदी सरकार ने वायुसेना के माध्यम से एयर सर्जिकल स्ट्राइक अत्यंत सफलतापूर्वक करके पाकिस्तान से जबरजस्त बदला लिया है. यह हमला पाकिस्तान व्याप्त कश्मीर के साथ ही पाकिस्तान के कुछ अंदरूनी इलाकों में भी है. जहाँ आतंकी संगठनो के ठिकाने हैं वहाँ भारतीय वायु सेना ने बड़ा हमला किया है. यह हमला भारत के सामर्थ्य को स्पष्ट करने की दृष्टी से बहुत अहमियत रखता है. भारत अब वो भारत नहीं रहा, जो सोचेगा, बोलेगा पर करेगा कुछ नहीं. अब पाकिस्तान को और पाक पुरस्कृत आतंकवादियों को उनके हमले से ज्यादा करार जवाब मिलेगा यह बात इस कृति से पाकिस्तान को भी बताई है, विभिन्न आतंकवादियों को भी बताई है और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी स्पष्ट की है. इस घटना से इन सभी को यह गंभीर सन्देश मिला है की हम आतंकियों को नहीं बख्शेंगे. साथ ही आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली नीतियों को भी नहीं बख्शेंगे.

भारत के इस जवाबी हमले में कितने आतंकवादी मारे गए हैं यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा. भारत के इस पलटवार के बाद आतंकी अपनी करतूतों से बाज आयेंगे या पाकिस्तान की टेढ़ी दुम सीधी हो जाएगी इस गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए. पाकिस्तान तथा आतंकवादियों को इस प्रकार की कई सर्जिकल स्ट्राइक की जरुरत है. भारत ने पुल्वामा हमले के बाद १२ दिन के अन्दर तबाही मचाने वाला जो हमला किया है उससे यह सन्देश पूरी दुनिया में जा रह है की ईंट का जवाब पत्थर से देने के लिए भारत पूरी तरह तैयार है.

आक्रमण करनेवालों की मानसिकता, आक्रमण सहन करने वालों के मन पर नकारात्मक परिणाम डालती है. भारतीय इतिहास में या स्वतंत्रता के बाद भारत ने कई  विदेशी आक्रमण देखे हैं.  इस कर्ण ऐसी आशंका भारतीय जनमानस में निर्माण हो रही थी कि कहीं इन आक्रमणों के कारण हमारा क्षात्रतेज कम तो नहीं हो गया. इसके लिए भारत की तत्कालीन राजनैतिक परिस्थितियां बड़े पैमाने पर जिम्मेदार थीं. पाक जैसे धर्मांध तथा आक्रामक राष्ट्र को जैसे को तैसा उत्तर देने की आवश्यकता को मोदी सरकार ने पहचाना. उरी का हमला हो या पुलवामा का हमला हो, नरेन्द्र मोदी ने जिस तरह पाकिस्तान को उत्तर दिया है, उस प्रत्युत्तर के कारण भारतीय जनमानस में अत्यानंद का भाव दिखाई दे रहा है. इसके पीछे का असली कारण है स्वतंत्रता के बाद अपने  भूभाग के साथ ही राष्ट्राभिमान गंवाने की भावना भी पुराने राजनेताओं के कारण भारतीयों में बन गयी थी. नरेन्द्र मोदी द्वारा उरी तथा पुलवामा के बाद पाकिस्तान को दिए जबरजस्त उत्तर के कारण भारतीयों को भारतीय होने का गर्व महसूस करने का प्रमाण मिल गया है.  इसी के कारण भारतीय जनता में रंग भेद, जातिभेद, अमीरी गरीबी भूलकर हम भारतीय के रूप में स्वाभिमनित होने की तरंग आज निर्मित हुई है. स्वतंत्रता के बाद के इतिहास में भारत में अनेक नेता हुए. उन्होंने   अपना योगदान भी दिया परन्तु भारतीयत्व की पुनर्जागृति करनेवाले सक्षम नेता के रूप में मोदी का नाम भारतीय इतिहास में हमेशा लिया जायेगा.

This Post Has 11 Comments

  1. बहुत ही सुन्दर लेख! आज का दिन पुरा विश्व याद रखेगा! Well done team India and all brave soldiers!! Jai Hind!!

  2. Wonderful article. Proud of our PM #Shri. Narendra Modi Ji and to all our defence personnel, intelligence chiefs, support staff and most importantly our govt to let the world know that we can very well defend ourselves and avenge #pulwamamartyrs. Jai Hind

  3. Very well articulated Amolji. The josh is very high of every Indian. We have got the best prime minister.

  4. बहुतहि अच्छा लेख लिखा है अमोलजी। अभिनंदन!!
    पूरे देशको अभिमान है । मोदिजी आपके हाथमें देश सुरक्षित है।

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