विकास की अवधारणा और सोशल मीडिया

Continue Reading विकास की अवधारणा और सोशल मीडिया

पछले दो दशकों से इंटरनेट ने हमारी जीवनशैली को बदलकर रख दिया है। एक नये आभासी समाज और समुदाय का निरंतर निर्माण भी हो रहा है। हमारी जरूरतें, कार्य प्रणालियां, अभिरुचियां और यहां तक कि हमारे सामाजिक मेल-मिलाप और सम्बंधों के ताने-बाने को रचने में कंप्यूटर और इंटरनेट ही बहुत हद तक जिम्मेदार है।

किसान आंदोलन नहीं, हिंसा से गुरेज

Continue Reading किसान आंदोलन नहीं, हिंसा से गुरेज

उपवास, सत्याग्रह, आंदोलन, धरना, प्रदर्शन राजनीतिक दृष्टि से तात्कालिक तौर पर तो लाभकारी हो सकते हैं, किन्तु सही मायने में इससे किसानों का कोई बड़ा हित या दीर्घकालिक लाभ शायद ही हो पाए। एक प्रयास जो सबसे ज्यादा जरूरी है वह है मौसम, पूंजी और सरकार पर किसानों

End of content

No more pages to load