फास्ट ट्रैक कोर्ट कितना फास्ट?

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उस समय देश की सभी अदालतों में लगभग 3 करोड़ मामले लंबित थे और उन्हें सुलझाने में मदद करने के लिए तत्कालीन भारत सरकार ने 5  साल की अवधि के लिए देश भर में लगभग 1700 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की मंजूरी दी। इन फास्ट ट्रैक अदालतों ने कुशलता से काम करते हुए लाखों मामलों को द्रुत गति से हल किया।

न्यायफालिका की सक्रियता

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उच्चतम न्यायालय और सरकार के बीच टकराव की स्थिति उत्फन्न हो गई है। टकराव का कारण है न्यायफालिका का जनहित के मामलों में सक्रियता दिखाना और सरकार की निष्क्रियता दिखाई देने फर खुद जांच-फड़ताल करवाना। काले धन का फता लगाने को लेकर 4 जुलाई को दिए उच्चतम न्यायालय के आदेश के कारण टकराव की यह स्थिति बनी है।

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