हिंदी विवेक : WE WORK FOR A BETTER WORLD...

एक गाँव में एक बूढ़ा आदमी अपने बेटे के साथ रहता था. एक दिन पुलिस उसके घर आई और उसके बेटे पर हथियार चुराने का आरोप लगाकर पकड़ कर ले गई. उसे जेल में बंद कर दिया गया.

बूढ़ा आदमी हर साल अपने खेत में आलू उगाया करता था. आलू की अच्छी पैदावार उसे अच्छी आमदनी दिला जाती थी और साल भर का उसका खर्चा निकल जाता था.

उस साल भी आलू लगाने का समय आया. लेकिन खेत की खुदाई का काम बूढ़े के अकेले के बस का नहीं था. वह अपने बेटे को याद करने लगा, जो अभी भी जेल में था. बूढ़ा बहुत कोशिशों के बाद भी उसे छुड़ा नहीं पाया था.

एक दिन उसने अपने बेटे को पत्र लिखा :

बेटा,

     मैं बहुत दु;खी हूँ कि इस साल मैं खेत में आलू नहीं लगा पाऊँगा. मैं अकेला खेत की खुदाई करने में सक्षम नहीं हूँ. काश, तुम यहाँ पर मेरे साथ होते. मैं जानता हूँ कि तुम पूरा खेत खोद देते और मेरी सारी परेशानी खत्म हो जाती.

तुम्हारा पिता

कुछ दिनों के बाद बूढ़े आदमी को एक टेलीग्राम मिला, जो उसके बेटे ने भेजा था. उसमें लिखा था :

पिताजी! खेत की खुदाई मत करना. मैंने सारे हथियार वहाँ छुपाकर रखे है.

अगले ही दिन पुलिस की एक टुकड़ी बूढ़े के घर आ गई और हथियार की तलाश में पूरा खेत खोद डाला. लेकिन उन्हें कोई हथियार न मिल सका.

बूढ़े आदमी को कुछ समझ नहीं आया कि हुआ क्या? उसने पुलिस के घर आने की घटना का वर्णन करते हुए फिर से अपने बेटे को एक पत्र लिखा.

कुछ दिनों बाद बेटे का उत्तर आया :

पिताजी, अब आप आलू लगा सकते हैं क्योंकि खेत की खुदाई तो हो चुकी है. जेल से मैं बस इतना ही कर सकता था.

सीख  – यदि आपने किसी कार्य को करने का दृढ़ निश्चय कर लिया है, तो कोई न कोई मार्ग अवश्य निकल आयेगा

आपकी प्रतिक्रिया...

Close Menu

विगत 6 वर्षों से देश में हो रहे आमूलाग्र और सशक्त परिवर्तनों के साक्षी होने का भाग्य हमें प्राप्त हुआ है। भ्रष्ट प्रशासन, दुर्लक्षित जनता और असुरक्षित राष्ट्र के रूप में निर्मित देश की प्रतिमा को सिर्फ 6 सालों में एक सामर्थ्यशाली राष्ट्र के रूप में प्रस्तुत करने में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की अभूतपूर्ण भूमिका रही है।

स्वंय के लिए और अपने परिजनों के लिए ग्रंथ का पंजियन करें!
ग्रंथ का मूल्य 500/-
प्रकाशन पूर्व मूल्य 400/- (30 नवम्बर 2019 तक)

पंजियन के लिए कृपया फोटो पर क्लिक करें

%d bloggers like this: