घमण्ड विद्वत्ता को नष्ट कर देता है

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सबको पता है कि जीवन एक अस्थाई ठिकाना है लेकिन फिर भी पता नहीं किस बात का घमंड है। सबकी चाहत है की सारा ज़माना उनके क़दमों में हो पर उसके लिए अपना कोई ठिकाना तो हो। एक न एक दिन तुम्हारे शरीर को जल जाना है। हब सब इन्सान…

सोने की चिड़िया

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पाट पर बैठे राधेश्यामजी यह सब सुनकर हैरान रह गए। हर्षविभोर उनकी आंखों में स्नेह एवं आनंद के आंसू छलक आए। मन थमा तो सोचने लगे-यह देश सोने की चिड़िया इसलिए नहीं था कि यहां सोने के पहाड़ थे। यह देश सोने की चिड़िया इसलिए था कि यहां स्वर्ण-संस्कार थे। इस देश का मन भटक सकता है, आत्मा नहीं।

“फूटा घड़ा” भी “अच्छे घड़े” से मूल्यवान

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जब भी कोई नकारात्मकता अनुभव होती है इस कहानी को अवश्य पढ़ लेता हूँ । यह कहानी एक फूटे हुए घड़े की है जो किसान को अपना दुःख सुना रहा है। एक समय की बात है, जब किसी गाँव में एक किसान रहता था। वह किसान प्रतिदिन प्रातःकाल उठकर दूर…

निर्लिप्त कर्मयोग : त्याग की महानता

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  एक बार महर्षि नारद ज्ञान का प्रचार करते हुए किसी सघन बन में जा पहुँचे। वहाँ उन्होंने एक बहुत बड़ा घनी छाया वाला सेमर का वृक्ष देखा और उसकी छाया में विश्राम करने के लिए ठहर गये। नारदजी को उसकी शीतल छाया में आराम करके बड़ा आनन्द हुआ, वे…

फुंसियां…

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तुम एक रुग्ण मानसिक अवस्था हो और मुझे अब इस रुग्ण मानसिक अवस्था का हिस्सा और नहीं बनना। हमारे पास जीने के लिए एक ही जीवन होता है और मुझे अब यूं घुट-घुट कर और नहीं जीना। आज मैं स्वयं को तुमसे मुक्त करती हूं। एक बात और, मुझे अपने चेहरे पर उगी हुई फुंसियां अच्छी लगती थीं और वे सभी लोग अच्छे लगते थे जो उन फुंसियों के बावजूद मुझे चाहते थे, मुझसे प्यार करते थे। प्यार, जो तुम मुझे कभी नहीं दे सके।

पंडित सुंदरलाल शर्मा को क्यों कहा गया छत्तीसगढ़ का गांधी?

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  21 दिसंबर 1881 को पंडित सुंदरलाल शर्मा का जन्म छत्तीसगढ़ के चंद्रसूर गांव में हुआ था। सुंदरलाल एक कवि, सामाजिक कार्यकर्ता, इतिहासकार, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सहित बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे उन्हें जन जागरण और सामाजिक क्रांति का दूत भी कहा जाता है। अगर एक लाइन में कहें तो…

और कितने मोड़

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अस्वस्थता का ध्यान आते ही शरीर में एक लहर-सी दौड़ गई। वह तेज बुखार में तप रहा था। जी चाह रहा था हिले भी न, फिर भी छुट्टी न मिल पाने के कारण फैक्टरी जाना पड़ रहा था। जैसे ही आधे रास्ते पहुंचा कि तेज वर्षा प्रारम्भ हो गई। भींगने के कारण कंपकंपी छूटने लगी। अत: टेस्ट रूम में पहुंचकर उसने हीटर जलाया।

राम की अयोध्या वापसी

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कौशल्या ने सादगी का जो चोला पति के जाने के बाद ओढा, वह नहीं बदला। अब वह दुकान शहर में ‘कौशल्या रेस्टोरेन्ट’ के नाम से जानी जाने लगी। अपनी आमदनी से वह कुछ दान-पुण्य करती, बचत से भावी बहू के लिए जेवर बनवाती, मन में बेटे की गृहस्थी बसाने का सपना जो आकार लेने लगा था।

संवेदनाएं अपनी-अपनी

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अचानक स्टेशन का शोर सुनाई देने लगा था। न्यू दिल्ली स्टेशन आ चुका था। सभी यात्री अपना सामान लेकर दरवाजे की ओर बढ़ने लगे। नितिन और भव्या भी मालती को लेकर सामान के साथ नीचे उतर आए। सबको मालती के बेटे अरुण का इंतजार था। भव्या और नितिन की निगाहें मालती की ओर थीं, कि कब वह संकेत देगी कि मेरा बेटा अरुण आ गया।

सुबह का भूला

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आरुषि अभी तक सोफे पर पड़ी सुबक रही थी। आज उसे रह-रह कर रोना आ रहा था। साथ ही उसे पछतावा भी हो रहा था कि उसने अपने पिता समान स्वसुर पर घ्ाूरते रहने का आरोप लगाया था। इतना ही नहीं उसने तो यह भी कहा था कि वे उसके साथ कुछ गलत करना चाहते हैं।

Everything About Snow Leopard In Hindi | गिरि राजा हिम तेंदुआ के बारे में हिंदी में

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Snow Leopard
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हिम तेंदुआ जिद्दी और तेजतर्रार प्राणी हैा वह 15 मीटर तक की छलांग आसानी से लगा सकता हैा वह यद्दपि निशाचर है; फिर भी कई बार दिन में भी शिकार करता हैा ऊंचे पर्वतों पर से लुकते छिपते संचार करते समय वह निचले इलाके में आहार विहार करते प्राणियोंं पर नजर रखता है। उसकी आंखोंं की पुतलियां गोल होती हैं और उनमें कोई रेखा नहीं होती।

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