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एक बहुत ही सुन्दर जंगल था। उस जंगल में एक सोन चिड़ियाँ रहती थी।
एक दिन वह चिड़ियाँ डाल पर बैठ कर मधुर आवाज में गीत गा रही थी।

उसी समय एक शिकारी आया उसने चुपके से आकर उस सोन चिड़ियाँ को पकड़ लिया और पिंजरे में बंद कर दिया।
सोन चिड़ियाँ बोली : शिकारी तुमने मुझे पिंजरे में क्यों बंद किया हैं। में तो उड़ ही नहीं सकती हूँ।
इसपर शिकारी ने कहा : लेकिन तुम तो चिड़ियाँ हो, उड़ क्यों नहीं सकती।
चिड़ियाँ बोली : जब दूसरी चिड़ियाँ उड़ना सिख रही थी, उस समय में गीत गाना सिख रही थी। इसलिये मुझे उड़ना नहीं आता हैं।
शिकारी ने कहा : तुम झूठ बोल रही हो। मुझे तुम्हारी बातों पर भरोसा नहीं हो रहा हैं।
चिड़ियाँ बोली : अगर तुम्हें भरोसा नहीं हो रहा हैं, तो तुम पिंजरा खोल कर देख लो, में नहीं उड़ सकती हूँ।
शिकारी को चिड़ियाँ की कहि बात सच लगी। उसने पिंजरा खोल दिया, शिकारी ने जैसे ही पिंजरा खोला चिड़ियाँ जान बचाकर फुर्ररर से उड़ गयी।

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