हिंदी विवेक : WE WORK FOR A BETTER WORLD...

एक जंगल में एक शेर रहता था. एक दिन वह एक वृक्ष के नीचे सो रहा था. पास ही एक चुहिया का बिल था. अचानक चुहिया बाहर निकली और शेर को सोया देखकर उस पर कूदने लगी. अचानक शेर की नींद खुल गई और वह जाग पड़ा. उसने चुहिया को अपने पंजे में पकड़ लिया. वह उसने मारने लगा था कि तभी चुहिया ने विनती करते हुए शेर से कहा की मुझे माफ़ कर दो. मैं भी कभी आपके काम आउंगी. शेर ने हंसकर उसे छोड़ दिया.

एक दिन जंगल में एक शिकारी आ गया. उसने वहां जाल बिछा दिया. अचानक वह शेर उसमे फंस गया. शेर ने वहां से छूटने की बहुत कोशिश की लेकिन वह खुद को नहीं छुड़ा पाया और जोर – जोर से गरजने लगा. शेर की गरज को सुनकर चुहिया अपने बिल से बाहर निकली. बाहर देखा तो शेर को जाल में फंसा हुआ पाया.

वह शेर की मदद के लिए दौड़ी.  चुहिया ने अपने मित्र को जाल में फंसा देखकर उसका सारा जाल काट दिया. शेर आजाद हो गया और उसने चुहिया का धन्यवाद किया.

Moral of The Story :

किसी को भी छोटा मत समझो. दोस्तों ! हमें कभी भी अपने जीवन में किसी व्यक्ति को कमजोर नहीं समझना चाहिए क्योंकि हर व्यक्ति एक स्पेशल हुनर होता है. कई नाजुक मौको पर वह व्यक्ति हमारे काम आ सकता है. इसलिए हर किसी की रिस्पेक्ट करो और सम्मान दो.

आपकी प्रतिक्रिया...

Close Menu

विगत 6 वर्षों से देश में हो रहे आमूलाग्र और सशक्त परिवर्तनों के साक्षी होने का भाग्य हमें प्राप्त हुआ है। भ्रष्ट प्रशासन, दुर्लक्षित जनता और असुरक्षित राष्ट्र के रूप में निर्मित देश की प्रतिमा को सिर्फ 6 सालों में एक सामर्थ्यशाली राष्ट्र के रूप में प्रस्तुत करने में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की अभूतपूर्ण भूमिका रही है।

स्वंय के लिए और अपने परिजनों के लिए ग्रंथ का पंजियन करें!
ग्रंथ का मूल्य 500/-
प्रकाशन पूर्व मूल्य 400/- (30 नवम्बर 2019 तक)

पंजियन के लिए कृपया फोटो पर क्लिक करें

%d bloggers like this: