पप्पू ने दी पीएम को नसीहत, बीजेपी ने सोनिया को घसीटा

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया छोड़ने की बात का ऐलान जैसे ही किया सब तरफ अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री के इस फैसले का लोगों ने विरोध शुरू कर दिया, लोगों ने कहा ‘नो सर’ आप सोशल मीडिया ना छोड़े। क्योंकि लोग सोशल मीडिया के माध्यम से ही मोदी सरकार से जुड़े रहते है और अपनी बात भी इसके ही माध्यम से पहुंचाते है।

वहीं लोगों के साथ-साथ राहुल गांधी ने भी प्रधानमंत्री के इस ट्वीट को लेकर एक ट्वीट किया और पीएम मोदी को एक नसीहत दे डाली। राहुल गांधी ने कहा कि आप नफरत छोड़ें सोशल मीडिया नहीं, हालांकि राहुल के इस ट्वीट के बाद से उनका विरोध भी शुरू हो गया।

कर्नाटक बीजेपी ने एक ट्वीट कर राहुल के ट्वीट का जोरदार जवाब दिया है कर्नाटक बीजेपी ने लिखा है “डियर राहुल गांधी भारत में अब राजीव फिरोज गांधी या एडवीज एंटोनिया अल्बीना मायनों का शासन नहीं है। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शासन है, उम्मीद करता हूं कि आपको सच्चाई का एहसास होगा”।

राहुल गांधी के साथ ही साथ कांग्रेस के और कई छोटे-बड़े नेताओं ने प्रधानमंत्री को नसीहत दी और अपना-अपना तर्क भी दिया। हालांकि कुछ लोगों के तर्क का वास्तविकता से कोई भी लेना देना नहीं है। इसके साथ ही यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश कुमार यादव ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी नसीहत दी और कहा कि सामाजिक संवाद के रास्ते बंद करने की सोचना अच्छी बात नहीं है। छोड़ने के लिए और भी बहुत कुछ है जैसे सत्ता का मोह लगाव, विद्वेष की राजनीति का ख्याल, मनमर्जी की बात चुनिंदा मीडिया से करवाना।

आपको बता दूं कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार रात में एक ट्वीट कर कहा कि वह आने वाले रविवार से सोशल मीडिया यानी फेसबुक, टि्वटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब छोड़ने की बात सोच रहे हैं हालांकि उन्होंने यह आश्वासन दिलाया कि वह सभी को जानकारी देते रहेंगे। 

वहीं प्रधानमंत्री मोदी के इस ट्वीट के बाद से यह कयास भी लगाए जा रहे हैं कि वह कुछ नया लेकर आ रहे हैं क्योंकि इस बात से सभी वाकिफ हैं कि प्रधानमंत्री कोई भी फैसला बहुत सोच समझ कर लेते है। ऐसे में उम्मीद लगाई जा रही है कि प्रधानमंत्री रविवार को कुछ नए प्लान के साथ देश के सामने उपस्थित होंगे।

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