मिडिया के सवाल से बिलबिलाई कांग्रेस ने पत्रकार पर करवाया हमला

  • अर्णब गोस्वामी के सवाल से गुस्साई कांग्रेस 
  • युथ कांग्रेस के कार्यकर्तओं ने किया अर्णब पर हमला
  • पुलिस ने हमलावरों को किया गिरफ्तार 
  • हमले के समय अर्णब पत्नी संग जा रहे थे घर 

 

क्या किसी पत्रकार का सवाल पूछना गलत है? पत्रकार का काम ही है सवाल पूछना, वह उसी की रोटी खाता है पत्रकार की इसी नौकरी से दुनिया को सच और झूठ का पता चलता है। अगर कोई पत्रकार कोई सवाल करता है तो उसका जवाब शब्दों से दिया जाता है ना कि हमले से। रिपब्लिक भारत के एडिटर इन चीफ अर्णब गोस्वामी का सवाल कांग्रेस को इतना चुभ गया कि उन्होने अपने लोगों से अर्णब पर हमला करवा दिया वह भी उस समय जब वह अपनी कार से परिवार के साथ थे। अर्णब ने अपने शो के दौरान सिर्फ सोनियां गांधी का इटली वाला नाम ले लिया जो कि एक सच्चाई है और सभी को पता है कि सोनिया गाधी का इटली का नाम “एंटोनियो माइनो” है और राजीव गाधी से शादी करने के बाद उनका नाम सोनिया गाधी रखा गया।
बुधवार रात को अर्णब गोस्वामी अपनी पत्नी के साथ घर को लौट रहे थे उसी दौरान रास्ते में दो बाइक सवार उनकी कार को ओवर टेक कर रोकते है और उन्हे धमकी देने लगते है। इस दौरान अर्णब  गोस्वामी का कांच बंद होने से उन्हे कुछ सुनाई नही देता लेकिन जिस तरह के तेवर और उंगली उन्हे दिखाई जा रही थी उससे यह साफ जाहिर हो रहा था कि बाहर के लोग हमले की फिराक में थे। हमलावर बार बार अर्णब को बाहर निकलने के लिए बोल रहे थे और फिर हमलावरो ने उनकी कार का शीशा तोड़ने का प्रयास किया लेकिन वह सफल नहीं हुए। इसके बाद अर्णब ने कार को जैसे तैसे वहां से निकाला और घर पहुंचे। उनके घर पहुंचने के तुरंत बाद उनके सुरक्षागार्ड भी पहुंच गये जिससे उन्हे पता चला कि हमला करने वाले सभी युथ कांग्रेस के कार्यकर्ता थे। घटना के बाद अर्णब गोस्वामी ने एक विडियो बनाकर इस पूरी घटना की जानकारी सभी को दी और सोशल मिडिया पर शेयर किया।

हमले के बाद अर्णब गोस्वामी ने पुलिस स्टेशन में इसकी सूचना दे दी और पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों हमलावरों को गिरफ्तार भी कर लिया है। वहीं इस हमले के बाद से कांग्रेस की इस हिंसात्मक कार्यवाही को लेकर लोग उसकी निंदा कर रहे है। आज यह कोई पहली बार नही है जब किसी पत्रकार ने तीखे सवाल किये हों इससे पहले भी पत्रकारों का तीखा सवाल होता रहा है लेकिन इसके लिए अभी तक किसी ने हमला नहीं करवाया था।

आप को बतां दे कि अपने डिबेट शो के दौरान अर्णब ने हाल ही में हुई पालघर में साधुओं की हत्या को लेकर सभी से सवाल किया था कि आखिर इस हत्या के बाद से कोई भी सवाल नहीं उठा रहा है। पालघर में साधुओं की हत्या को लेकर मिडिया, सेक्यूलर गैंग और राजनीतिक दल सभी शांत क्यों है अगर किसी पादरी की हत्या होती तो क्या इटली वाली एंटोनियो माइनो चुप रहती?

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