अर्नब गिरफ्तारी को लेकर उद्धव सरकार की हो रही आलोचना, अमित शाह ने ट्वीट कर क्या कहा?

कंगना रणावत के ऑफिस को बीएमसी से नोटिस मिलने के 24 घंटे के अंदर तोड़ दिया गया और अब रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी को एक पुराने मामले में अचानक से गिरफ्तार कर लिया गया। इन दोनों घटनाओं से राज्य की उद्धव सरकार की तानाशाही पूरी तरह से साफ दिखायी दे रही है। सन 2018 में एक इंटिरियर डिज़ाइनर ने आत्महत्या की थी और अर्नब गोस्वामी पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगया था इस मामले को 2 साल बीत गये लेकिन अचानक से बुधवार को मुंबई पुलिस की नींद खुली और अर्नब को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। रिपब्लिक टीवी की तरफ यह भी दावा किया गया कि जब पुलिस अर्नब गोस्वामी के घर पहुंची तो पुलिस ने अर्नब के साथ हाथापाई भी की और सोशल डिस्टेंसिग का भी ध्यान नहीं रखा गया। आप को बता दें कि अर्नब को रायगढ़ पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है।

अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से ट्रेंड कर रहा है जिसमें मुंबई पुलिस घर में घुसती नजर आ रही है इसके साथ ही एक पुलिस इंस्पेक्टर अर्नब का हाथ पकड़ कर खींच रहा है जबकि अर्नब गोस्वामी पास के सोफे पर बैठने की कोशिश कर रहे है। रिपब्लिक टीवी की तरफ से यह भी आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने गिरफ्तारी के दौरान अर्नब को पानी पीने तक से रोक दिया जबकि अर्नब ने पुलिस से कहा था कि उन्हे प्यास लगी है और उन्हे अपने वकील से भी बात करनी है उसके बाद वह पुलिस के साथ चलने के लिए तैयार है लेकिन पुलिस ने उनकी हर बात को अनसुना करते हुए उन्हे एक आरोपी की तरह पुलिस वैन में बिठा लिया।

भारतीय संविधान के अनुसार अगर कोई गुनाह करता है तो उसके लिए जरूरी कानून बने हुए है और पुलिस आरोपी के खिलाफ कार्रवाई भी करती है लेकिन पुलिस की कार्रवाई किसी भी तरह से पक्षपात पूर्ण नहीं होनी चाहिए या फिर किसी के दबाव में नहीं होनी चाहिए लेकिन मुंबई में जिस तरह से अर्नब और कंगना के साथ पुलिस का रवैया है वह पूरी तरह से पक्षपात पूर्ण नजर आ रहा है और इस मामले में कहीं ना कहीं राज्य की उद्धव सरकार का दबाव भी दिख रहा है।

दरअसल अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद से ही अर्नब गोस्वामी और उद्धव सरकार के बीच कसाकसी देखने को मिल रही थी। इस मामले में कंगना रणावत भी लगातार उद्धव सरकार के खिलाफ बयान दे रही थी। अर्नब लगातार मुंबई पुलिस पर सवाल उठा रहे थे और सुशांत केस की जांच को लेकर सही से काम ना करने का भी आरोप लगा रहे थे जिसके बाद से अर्नब और कंगना दोनों की मुश्किलें बढ़ती नजर आयी। कंगना रणावत ने ऐसा आरोप लगाया था कि सरकार के कहने पर ही बीएमसी ने उनके ऑफिस को तोड़ा था और अब अर्नब की गिरफ्तारी को लेकर एक बार फिर महाराष्ट्र सरकार पर सवाल उठ रहे है कि यह पूरी कार्रवाई सरकार के इशारे पर हो रही है।

रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी सुशांत सहित कई मामलों को लेकर लगातार उद्धव सरकार से सवाल कर रहे थे और यह आरोप लगा रहे थे कि सुशांत सिंह राजपूत केस में मुंबई पुलिस की कार्रवाई संतोष जनक नहीं थी। अर्नब ने मुबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के कामकाज पर भी सवाल उठाया था जिसके बाद पुलिस की तरफ से टीआरपी का आरोप लगाया गया और अब अर्नब को गिरफ्तार कर लिया गया है। अर्नब की गिरफ्तारी के बाद शायद यह कहना गलत नहीं होगा कि अब सरकार अपनी आलोचना नहीं सुन पा रही है और मीडिया की आवाज़ को दबाने का काम कर रही है।

वहीं अर्नब की गिरफ्तारी को लेकर सोशल मीडिया पर भी उद्धव सरकार की आलोचना हो रही है। राजनीतिक दल भी इसका विरोध कर रहे है और अर्नब की गिरफ्तारी को सरकार की तानाशाही बता रहे है। बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि यह प्रेस की आजादी का हनन है और आपातकाल की याद दिलाता है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी को गलत बताया और कहा कि कांग्रेस गठबंधन वाली सरकार ने फिर से आपातकाल की याद दिला दी। राज्य सरकार का यह फैसला पूरी तरह से चौथे पिलर की स्वतंत्रता पर हमला है।

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी को लेकर ट्वीट किया और सभी से अर्नब के समर्थन में खड़ा होने के लिए कहा।

कंगना रणावत ने भी अर्नब की गिरफ्तारी को लेकर ट्वीट किया और पूछा कि पप्पू प्रो को गुस्सा क्यों आता है? सोनिया सेना को इतना गुस्सा क्यों आता है?

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