फ्रांस से नान स्टॉप भारत पहुंचे 3 राफेल विमान

भारत और फ्रांस के बीच सन 2016 में कुल 36 राफेल विमान को लेकर करार हुआ था जिसका पहला जत्था 5 राफेल विमानों का जुलाई में आ गया था और दूसरा जत्था बुधवार रात को भी भारत पहुँच गया। फ्रांस से पहली खेप में कुल 5 विमान और दूसरी खेप में 3 लड़ाकू विमान भारत पहुंच चुके है। भारत और फ्रांस के बीच जिन 36 विमानों का करार हुआ है उसमें 30 लड़ाकू विमान होंगे जबकि 6 ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट होंगे लेकिन उनमें भी लड़ाकू विमान की तकनीक उपलब्ध होगी। 

भारतीय वायुसेना की तरफ से यह जानकारी देशवासियों से साझा की गयी कि फ्रांस से दूसरी खेप में 3 विमान और भारत पहुंच गये और इसके साथ ही कुल राफेल की संख्या 8 हो गयी। वायु सेना 8 राफेल विमान के साथ दुश्मनों का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। फ्रांस से तीनों राफेल विमानों ने उड़ान भरी और सीधे गुजरात के जामनगर एयरबेस पर लैंड किया। लड़ाकू विमानों ने बिना रुके 7364 किमी की यात्रा 8 घंटे में पूरी की, इस दौरान तीन बार लड़ाकू विमानों में हवा में ही फ्यूल भरा गया। गुजरात पहुंचने के बाद भारतीय वायुसेना की तरफ से इसकी जानकारी दी गयी।

भारत और फ्रांस के बीच हुए करार के तहत अगले 2 सालों में कुल 36 विमानों की डिलीवरी होनी है। फ्रांस के साथ सन 2016 में 58 हजार करोड़ में यह सौदा हुआ था। एयरफोर्स की तरफ से जानकारी दी गयी कि इस बार तीनों लड़ाकू विमानों ने नान स्टाप अपनी यात्रा पूरी की है जबकि इससे पहले लड़ाकू विमानों को लाते समय दुबई में एक हाल्ट दिया गया था। इस बार फ्रांस का फ्यूल भरने वाला स्पेशल विमान भी साथ में था जिसने तीन बार राफेल में फ्यूल भरा जिससे यह यात्रा बिना किसी रुकावट के पूरी हो सकी। 

राफेल अपनी खूबियों की वजह से चर्चा में बना हुआ है और यही वजह है कि भारत ऐसे समय में इनकी डिलीवरी शुरु कर रहा है जब चीन के साथ रिश्ते तल्खीभरे है। राफेल अपनी अत्याधुनिक तकनीक के चलते दुश्मनों को पराश्त करने में सक्षम है। इस फाइटर जेट को रडार क्रॉस सेक्शन और इंफ्रा रेड सिग्नेचर के साथ डिजाइन किया गया है। इस फाइटर जेट से परमाणु हमला भी किया जा सकता है। इसमें एक कंप्यूटर भी लगा हुआ है जिससे पायलट को कमांड और कंट्रोल में मदद मिलती है। 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी राफेल की दूसरी खेप को लेकर सेना को बधाई दी और कहा कि सेना पूरी सावधानी और सुरक्षा के साथ विमानों को बिना रुके भारत तक पहुंचाया।  

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