हैदराबाद चुनाव: BJP को विकल्प के रुप में देख रही जनता

हैदराबाद म्यून्सिपल कारपोरेशन के चुनाव ने इस बार बड़ी सुर्खियाँ बटोरी है और शायद किसी और म्यून्सिपल कारपोरेशन चुनाव को इतनी तवज्जो नहीं मिली होगी फिर ऐसा क्या था इस बार जो हैदराबाद म्यून्सिपल कारपोरेशन में सभी पार्टियों ने अपना पूरा दम लगा दिया और जीत के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। चुनाव के बाद जो परिणाम आया उसने भी सभी को चौंका दिया। कभी मुश्किल से 4 सीट लाने वाली भाजपा ने भी 48 का आंकड़ा छू लिया। भाजपा को मिले समर्थन से एक बात और भी साफ हो गया कि हैदराबाद की जनता निजाम वाली मानसिकता से निकलकर विकास की राह पर चलना चाहती है। हैदराबाद म्यून्सिपल कारपोरेशन चुनाव में सभी दलों ने अपनी स्थिति को भी समझ लिया जिससे अब 2023 विधानसभा चुनाव में सभी पार्टियों को अपनी औकात का पता पहले से ही रहेगा।

हैदराबाद में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रचार कर एक नया ही बम फोड़ दिया था कि, हैदराबाद की जनता अभी भी हैदराबाद में रहना चाहती है या फिर भाग्यनगर में ? योगी ने प्रचार के दौरान कहा कि अगर हैदराबाद में बीजेपी की सरकार बनती है तो वह इसका नाम फिर भाग्यनगर कर देंगे। हालांकि योगी के इस बयान के बाद कुछ राजनेताओं ने इसका विरोध किया और कहा कि योगी सरकार हर जगह नाम बदलने की राजनीति करती है लेकिन ऐसे लोगों को यह जानना चाहिए कि किसी भी शहर के नाम से ही उसकी संस्कृति और धर्म का पता चलता है।

हैदराबाद म्यून्सिपल कारपोरेशन के चुनावी आंकड़ों ने तो टीआरएस को राजतिलक लगा दिया लेकिन इस परिणाम ने यह भी साफ कर दिया है कि हैदराबाद की जनता अब बदलाव की तरफ देख रही है और उसे यह बदलाव की उम्मीद सिर्फ भाजपा से है। केंद्र में बीजेपी का दूसरा कार्यकाल चल रहा है और देश में विकास की तरफ्तार को कोई झूठला नहीं सकता है। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तो हर दिन का खेल है लेकिन सच्चाई यही है कि मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से देश में परिवर्तन दिख रहा है और यही वजह है कि अब हैदराबाद की जनता भी अपने पुराने राजनीतिक जाति-धर्म से अलग निकलकर नया परवर्तन चाहती है।

जिन तेलगू संवेदनाओं के आधार पर टीआरएस ने राजनीति में प्रवेश किया था वह अब कमजोर होती नजर आ रही है और लोगों का टीआरएस से भरोसा उठ रहा है। टीआरएस में बढ़ते भ्रष्टाचार के कारण अब लोग किसी और विकल्प की तरफ देख रहे है। वर्तमान का युवा वर्ग शिक्षित है इसलिए वह विकास की तरफ देखता है क्योंकि उसे यह ज्ञात है कि विकास के साथ ही सभी का भला हो सकता है और हैदराबाद म्यून्सिपल कारपोरेशन चुनाव ने सभी को बीजेपी को विकल्प के तौर पर पेश कर दिया है। हैदराबाद की जनता भी अब जाति-धर्म के आगे निकलना चाहती है।

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