गणतंत्र दिवस 2021: पहली बार दिखेगा यह नजारा

हमारे देश में धार्मिक और सामाजिक त्योहारों के अलावा कुछ राष्ट्रीय त्यौहार भी है जो वीर सपूतों और उनके संघर्ष की याद दिलाते है। अंग्रेजी वर्ष के पहले महीने जनवरी में उनमें से एक राष्ट्रीय त्यौहार मनाया जाता है वह है 26 जनवरी, जिसे गणतंत्र दिवस भी कहा जाता है। हमारा देश 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुआ था और 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू किया गया था। देश के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने 21 तोपों की सलामी के साथ भारत को पूर्ण रुप से गणतंत्र घोषित किया था। इसी साल से हमारा देश 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रुप में मनाता है यह त्यौहार किसी एक धर्म या समुदाय का नहीं है बल्कि यह राष्ट्रीय त्यौहार है जो पूरा देश एक साथ मनाता है और इस दिन पूर्ण रुप से अवकाश होता है।

गणतंत्र दिवस के मौके पर राजधानी दिल्ली सहित पूरे देश में सुबह झंडा फहराया जाता है और फिर पूरे देश में जन गण मन… की गूंज सुनाई देती है।  
26 जनवरी को हर साल राजधानी दिल्ली में विजय चौक से इंडिया गेट के बीच में सेना की परेड होती है। जल, थल और नभ सेनाओं द्वारा राष्ट्रपति को सलामी दी जाती है जिसे राष्ट्रपति स्वीकार करते है। इस दौरान सेना के अत्याधुनिक हथियार और टैंकों का भी प्रदर्शन किया जाता है। वायु सेना हेलिकॉप्टर और लड़ाकू जहाज़ों का भी प्रदर्शन करती है जो आम लोगों के लिए हैरतअंगेज़ होता है। 
गणतंत्र दिवस कार्यक्रम को देखने के लिए दिल्ली में लोगों का हुजुम देखने को मिलता है। अलग अलग राज्यों से लोग दिल्ली पहुचते है। आर्मी द्वारा राष्ट्रीय शक्ति प्रदर्शन के बाद राज्यों की झांकिया निकाली जाती है जिसमें राज्यों की संस्कृति, प्रगति और विशेषताएँ दिखायी जाती है। झांकियों के माध्यम से लोग बाकी के राज्यों की खूबियों से परिचित होते है और उन्हे यह पता चलता है कि किस राज्य की क्या ख़ासियत है। 
गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम स्कूल, सरकारी कार्यालय और प्राइवेट संस्थानों में भी धूमधाम से मनाया जाता है। इस मौके पर शहीदों को याद किया जाता है और उनके लिए गीत गाये जाते है। देश को गौरवान्वित करने वाले कई कार्यक्रम भी होते है जिनकी तैयारी महीनों से चलती रहती है और अंत में सभी को मिठाई दी जाती है। गणतंत्र दिवस कार्यक्रम मनाना सभी के लिए गौरव की बात होती है क्योंकि इस दिन हम देश के वीर सपूतों को याद करते है और आने वाली पीढ़ियों को यह बताते है कि हमारे वीर योद्धाओं की वजह से आज हमारा देश आजाद है और हम खुलकर जीवन जी रहे है। देश और देश के लोगों की यह आजादी बहुमूल्य है इसका सही उपयोग करें और देश को आगे बढ़ाने में अपना सहयोग दें। आप ऐसे बहुत लोगों को जानते होंगे जिन्होने देश की आजादी के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी और बलिदान हो गये लेकिन बहुत से ऐसे लोग भी है जो देश के लिए मरमिटे लेकिन उनका नाम भी किसी को नहीं पता है। 
भारत पर अंग्रेजों ने कई सालों तक राज किया और हमारे देश और लोगों को गुलाम बना कर रखा। अंग्रेजी सरकार द्वारा बनाए गये कानूनों का सभी को पालन करना होता था और जो भी कानून का पालन नहीं करता था उसे कठोर से कठोर सजा दी जाती थी। लंम्बे समय तक चली आजादी की लड़ाई में हजारों लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी जिसके बाद 15 अगस्त 1947 को हमारा देश स्वतंत्र हो गया। देश स्वतंत्र होने के बाद सबसे बड़ी समस्या यह थी कि आखिर यह देश कैसे चलेगा और इसके नियम कानून क्या होंगे। डाक्टर भीमराव अंबेडकर की अध्यक्षता में एक कमेटी तैयार की गयी जो भारतीय संविधान तैयार करने पर काम कर रही थी। टीम की कड़ी मेहनत के बाद आखिरकार भारतीय संविधान 2 साल 11 महीने और 18 दिन में बनकर तैयार हुआ। जिसे 26 जनवरी 1950 को स्वीकार किया गया और इसी दिन भारत को पूर्ण रुप से गणतंत्र घोषित किया गया। इसी दिन से हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है।
हर साल की तरह इस बार गणतंत्र दिवस की धूम कम दिखायी देने वाली है क्योंकि कोरोना वायरस की वजह से इस बार सरकार यह कार्यक्रम कम से कम में करना चाहती है। राजधानी दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम को सीमित मेहमानों के साथ किया जायेगा। हर साल करीब 1.15 लाख मेहमान आते थे जबकि इस बार मात्र 25 हजार मेहमानों को बुलाया जा रहा है। इस बार कोई विदेशी मेहमान गणतंत्र दिवस में शामिल नहीं हो रहा है हालांकि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन का कार्यक्रम पहले तय था लेकिन ब्रिटेन में मिले नये कोरोना वायरस की वजह से उन्होने अपना भारत दौरा रद्द कर दिया।
 
गणतंत्र दिवस में नहीं होंगे विदेशी मेहमान 
देश की आजादी के बाद से ही दिल्ली में गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम होता रहा है लेकिन 1966 के बाद यह दूसरी बार होगा जब 2021 के गणतंत्र दिवस में कोई विदेशी मेहमान नहीं होगा। इससे पहले 1966 में भी गणतंत्र दिवस में कोई विदेशी मेहमान शामिल नहीं हुआ था हालांकि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री को गणतंत्र दिवस 2021 का निमंत्रण भेजा गया था और बोरिस जॉनसन ने भारत आने का निमंत्रण स्वीकार भी कर लिया था लेकिन नये कोरोना वायरस के प्रभाव को देखते हुए उन्होने भारत दौरा रद्द कर दिया।
 
राफेल भरेगा उड़ान
यह पहला गणतंत्र दिवस होगा जब राफेल विमान लोगों के सामने अपना करतब दिखाएगा। राफेल विमान को हाल ही में वायु सेना में शामिल किया गया है। जानकारी के मुताबिक यह विमान गणतंत्र दिवस के दिन कम उचाई पर उड़ान भरेगा और अपनी कलाबाजी दिखायेगा।
 
महिला फाइटर पायलट
इस बार गणतंत्र दिवस के मौके पर महिला फाइटर पायलट भी परेड में हिस्सा लेंगी। पहली महिला फाइटर पायलट में से एक भावना कांत इस बार वायुसेना परेड की टुकड़ी का हिस्सा होंगी। गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने वाली यह पहली फाइटर पायलट महिला होंगी।
बच्चों को ‘नो एंट्री’
हर बार गणतंत्र दिवस में बच्चे इसकी शान होते थे लेकिन इस बार यह मुश्किल है। दिल्ली गणतंत्र दिवस समारोह में बच्चों को इसका हिस्सा नहीं बनाया जा रहा है। कोरोना वायरस की वजह से बच्चों में संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा होता है जिससे इस बार बच्चों को इसमें शामिल नहीं किया जा रहा है।

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