गर्मियों में भी रहे कूल

इसी माह से गर्मी के तेवर बढ़ने शुरू हो जाएंगे, अतः हमें अपने पहनावे और खानपान के प्रति अधिक सतर्क होना पड़ेगा ताकि हम गर्मी की परेशानियों व बीमारियों से बच सकें।

मार्च अब लगभग खत्म होने वाला है और गर्मी का मौसम दस्तक दे चुका है। कड़ी चमकीली धूप, आलस भरे लंबे दिन गर्मी के मौसम की खासियत है। ’चुभती जलती गर्मी… चुभती जलती गर्मी का मौसम आया’… एक टैलकम पाउडर के विज्ञापन की यह पंच लाइन गर्मी के एहसास को बखूबी बयां करता है।

गर्मियों में सबसे ज्यादा टेंशन होती है, पहनावे को लेकर। चिलचिलाती धूप से डी हाइड्रेशन, रैशेज और घमौरियों की समस्या होती है। ऐसे में समझ नहीं आता कि क्या पहनें और किस तरह पहनें कि गर्मी भी न लगे और लू से भी बचे रहें। जैसे-जैसे गर्मी का मौसम नजदीक आता जा रहा है, हर दिन यह टेंशन बढ़ती ही जा रही है। इसी वजह से हम आपको बता रहे हैं कि इस बार गर्मियों का लेटेस्ट फैशन क्या रहने वाला है, ताकि जितनी जल्दी हो सके आप अपने वॉर्डरोब को रिअरेंज कर सकें।

गर्मी में खादी, कॉटन और लिनेन की मांग

गर्मी के मौसम के लिए कॉटन मिक्स सिल्क, शिफॉन, लिनेन, जॉर्जेट, हैंडलूम तथा खादी से बने कपड़े सर्वोत्तम माने जाते हैं। इनमें पसीने को सोखने की क्षमता होती हैं।  इन फैब्रिक्स से बने कपड़े आपको स्टाइल के साथ-साथ आराम भी देते हैं। सूती कपड़े भी नमी को बेहतर तरीके से सोखते हैं। यही कारण है कि ज्यादातर लोग गर्मी में इस तरह के कपड़ों को अपनाना पसंद करते हैं। ऐसे कपड़े तेज कड़ी धूप में हमारे शरीर को ठंडक देते है। कॉटन के कपड़े अपने वर्सेटाइल लुक की वजह से भी खास माने जाते हैं। दिन, रात, फॉर्मल, कैजुअल किसी भी लुक के लिए आप कॉटन ड्रेसेज का चयन कर सकते हैं।

लिनेन और लाइट डेनिम फैब्रिक्स होते हैं समर फ्रेंडली

कैंब्रे लिनेन और लाइट डेनिम की फैब्रिक्स भी गर्मी के मौसम के लिए बेहद आरामदायक होते हैं। लिनेन की बुनाई ढीली होती है। इसी कारण ये नमी सोख कर शरीर को ठंडा रखते हैं। कैंब्रे को डेनिम का विकल्प माना जाता है। अधिकतर डेनिम के कपड़े मोटे होते हैं। गर्मियों में इन्हें पहनना मुश्किल होता है। इनकी जगह कैंब्रे के कपड़ों में डेनिम जैसे ही लुक ला सकते हैं। इसकी बुनाई प्लेन वीव की होती है, इसीलिए ये लाइट और ब्रीथेबल होते है। जर्सी के कपड़े भी गर्मियों के लिए सूटेबल होते है।

रंगों के चयन में बरतें सावधानी

गर्मी के मौसम के लिए ड्रेस मैटेरियल सेलेक्ट करते समय उसके कलर पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है। इस मौसम में हल्के रंगों के ड्रेस प्रेफर करें, जो आंखों को ठंडक दें। फैशन के लिहाज से देखें, तो एक दुबली लड़की पर आड़ी लाइन वाले शॉर्ट कुर्ती व छोटी कद-काठी वाली लड़कियों को आड़ी लाइन वाले लंबे कुर्ते खासे फबते हैं। गर्मी से बचने के लिए अधिकतर लड़कियां स्लीवलेस ड्रेस पहनना पसंद करती हैं, लेकिन इससे धूप में हाथों की त्वचा जल सकती है। कोशिश करें कि दोपहर के वक्त धूप में बाहर निकलते समय हमेशा फुल स्लीव्स वाले कॉटन के कपड़ें पहनें। नाइट आउट के लिए आप बेशक स्लीवलेस ड्रेसेज कैरी कर सकती हैं।

ऐसे कपड़ों से रहें दूर

जिन फैब्रिक्स से गर्मियों में हमें दूर रहना चाहिए, वे हैं- सिल्क, साटन, सिन्थेटिक, कोलेस्टर मिक्स, नायलॉन तथा वेलवेट। इन फैब्रिक्स से बुने कपड़ों से इन्फेक्शन होता है। हेवी फेब्रिक के कपड़े भी न पहनें, जिन्हें संभालना मुश्किल हो। इस तरह के कपड़े गर्मियों के लिए अनुकूल नहीं होते। ये आमतौर पर टाइट फिट और क्लोज वीव के कपड़े हैं, जिनसे ठंडक महसूस नहीं होती। पॉलिएस्टर के कपड़े भी गर्मियों के लिए अच्छे नहीं होते। इन सब से रैशेज की समस्या होती है।

हल्के रंगों और डिजाइन को दे वरीयता

गर्मियों में हल्के रंग और प्रिंटेड कपड़े अच्छे रहते हैं। डार्क कलर और भारी कढ़ाई वाले कपड़ों में असहजता महसूस होती है। कपड़े ढीले हों। कसे कपड़ों में हवा का प्रवाह रुक जाता है।

2021 में लोग स्टाइल के साथ कंफर्ट भी चाहते है। इसी को ध्यान में रखते हुए डिजाइनर भी ट्रेंड के साथ बने रहते है।

गर्मियों में कुछ यूं हो आपका खानपान

कपड़ों के अलावा अन्य जो चीज गर्मियों में बदलती हैं, वो है हमारा खानपान। गर्मियों में भूख कम लगती है, तली-भुनी चीजें खाने का कम मन करता है। इस मौसम में अगर संतुलित, पौष्टिक आहार न लिया जाए, तो शरीर तो बेडौल होता ही है, स्वास्थ्य भी बिगड़ जाता है। डायरिया, फ्लू, डिहाइड्रेशन, हैजा जैसी बीमारियां इसी मौसम में सिर उठाती हैं। गर्मियों में स्वास्थ्य की देखभाल के लिए यह जरूरी है कि आप खानपान पर उचित ध्यान दें।

 गर्मियों में हमारे शरीर से खूब पसीना बहता है। इस  कारण प्यास भी खूब लगती है।, ऐसे में अगर हम कम पानी पीएंगे, तो डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है।

 दिन भर में कम-से-कम आठ से दस गिलास पानी पीएं। पानी पीने से पसीने के साथ हमारे शरीर की सारी गंदगी भी बाहर निकलती है। इससे शरीर को ठंडक मिलती है।, पाचन क्रिया ठीक रहती है और त्वचा में भी निखार आता है। इससे लू से बचने में भी सहायता मिलेगी। कच्चे प्याज का सेवन करने से भी लू से बचाव होता है।

 गर्मियों में नींबू का शरबत, आम का पना, जीरे की शिकंजी, ठंडाई, हरे नारियल का पानी, फलों का ताजा रस, दूध, छाछ, लस्सी आदि तरल पदार्थों का अधिकाधिक सेवन करें। इससे शरीर की नमी बनी रहेगी और लू, डिहाइड्रेशन आदि की समस्या नहीं होगी।

 कच्ची सब्जियां और कच्चे फल कभी एक साथ न खाएं। इन दोनों को पचाने के लिए अलग-अलग तरह के एंजाइम की जरूरत होती है।

 गर्मियों में पसीने के जरिये शरीर से मैग्नीशियम आदि तत्व निकल जाते हैं, जिसके कारण थकान और मांसपेशियों में दर्द हो जाता है। इससे बचने के लिए विटामिन-बी और खनिज तत्वों से भरपूर भोजन करें। साबुत अनाज, बीज, मेवे और अंकुरित दालों में प्रचुर मात्रा में विटामिन-बी होता है।

 गर्मियों में मौसमी फल और हरी सब्जियां भी खूब खाएं। संतुलित आहार लें। इससे पाचन क्रिया ठीक रखने में बहुत मदद मिलेगी।

 सूखा धनिया व चावल बराबर मात्रा में लेकर फुला लें। प्रातः पीस कर गरम करके पीएं। जलन शांत होती है। सत्तू खाने से भी शरीर को ठंडक मिलती है।

 एक बार में ज्यादा न खाएं, इससे बदहजमी हो सकती है। बेहतर होगा कि दिन भर में थोड़ा-थोड़ा करके खाएं। गरिष्ठ और बासी भोजन करने से भी बचें। भोजन में गर्म मसालों का उपयोग कम-से-कम करें।

 गर्मियों में पेट में एसिड जल्दी बनते हैं, इसलिए दिन में एक बार चीनी और नमक मिलाकर नीबू का पानी जरूर पीएं, इससे शरीर में नमी रहती है और टॉक्सिन भी बाहर निकल जाते हैं।

 बाहर की तेज धूप से आकर तुरंत पानी या अन्य ठंडे पेय का सेवन न करें। तेज धूप से आकर सीधे एसी या कूलर में बैठना या ठंडे कमरे से सीधे उठकर धूप में जाना आपके स्वास्थ्य को नुकसान पंहुचा सकता है।

 

 

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