हिन्दू नववर्ष पर करें हनुमान चालीसा का पाठ, मिलेंगे अनगिनत लाभ

हम जब नये साल की बात करते है तो देश की नई पीढ़ी को 31 दिसंबर की रात याद आती है….शराबों से सराबोर पार्टियां और छुट्टी याद आती है…. जबकि हमारी भारतीय संस्कृति में इसका दूर दूर तक कोई जिक्र ही नहीं है। हमारे शास्त्र हमें कोई भी नया काम करने की इजाज़त रात में नहीं देते है क्योंकि इसे शुभ नहीं माना गया है। हमारी सभ्यता में दिन की शुरुआत भी रात 12 बजे नहीं होती बल्कि यह सूर्योदय के साथ दिन की गिनती शुरू होती है फिर भारत जैसे सांस्कृतिक देश में रात के अंधेरे में कब से नये साल की शुरुआत होने लगी।

हिन्दू धर्म के नववर्ष की शुरुआत चैत्र मास से होती है। इस दिन सूर्योदय के समय भगवान सूर्य और तमाम देवी देवताओं की पूजा की जाती है और परिवार के बड़ों का आशीर्वाद भी लिया जाता है। इस बार हिन्दू नववर्ष की शुरुआत 13 अप्रैल 2021 से शुरु हो रही है। हिन्दू पंचांग के अनुसार यह नव वर्ष संवत 2078 की शुरुआत होगी। नये साल के साथ ही नवरात्रि की भी शुरुआत होती है। नये साल पर माता देवी की पूजा होती है और करीब सभी लोग नवरात्रि का व्रत भी रखते है।

पुराणों में इस बात का जिक्र किया गया है कि ब्रह्मा जी ने ही पृथ्वी का निर्माण किया था और ब्रह्मा जी ने पृथ्वी की रचना चैत्र मास के शुक्ल पक्ष के प्रतिपदा के दिन की थी जिससे आधार पर ही हर साल हिन्दू नववर्ष मनाया जाता है। हिन्दी कैलेंडर विक्रम संवत के नाम से जाना जाता है क्योंकि इसकी शुरुआत राजा विक्रमादित्य ने की थी। इस साल हम नव संवत्सर 2078 मनाने जा रहे है यह अंग्रेजी कैलेंडर से 57 साल आगे चल रहा है। इस साल नववर्ष की शुरुआत मंगलवार से हो रही है और हिन्दू धर्म में मंगलवार का दिन बहुत ही विशेष माना जाता है इसलिए अगर आप भी नववर्ष के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करते है तो आप के तमाम परेशानियों से मुक्ति पा सकते है। इस बार नववर्ष पर आप हनुमान चालीसा या फिर सुंदरकांड का पाठ भी कर सकते है।

अगर पश्चिमी सभ्यता की बात करें तो वहां कोई भी दिन शुभ और अशुभ नहीं होता है उन्होने अपनी उपस्थिति के अनुसार ही अपने काम तय किये है जबकि भारतीय संस्कृति इससे बिल्कुल अलग है। यहां हर शुभ काम करने के लिए ज्योतिष या फिर विद्वानों से शुभ दिन निकाला जाता है। हिन्दू धर्म में संस्कार, विवाह, मुंडल और गृह प्रवेश जैसे तमाम कामों को शुभ दिन और ग्रह नक्षत्रों के अनुसार किया जाता है। वैज्ञानिकों ने भी इसके लाभ को माना है और हिन्दू धर्म के हर काम को विज्ञान के नजरिये से भी लाभदायक बताया गया है।

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