राम मंदिर ट्रस्ट ने ऑक्सीजन प्लांट के लिए दिए 90 करोड़, मजदूर ना मिलने पर मशीनें कर रही काम

राम मंदिर जितना ही विवादों में था अब उतना ही भव्य बनने जा रहा है राम मंदिर निर्माण की कथा इतनी बड़ी हो रही है कि इस पर भी एक किताब आसानी से लिखी जा सकती है। मंदिर का निर्माण कार्य काफी तेजी से चल रहा है हालांकि कोरोना महामारी रुकावट जरूर पैदा कर रही है लेकिन मंदिर के निर्माण कार्य में कहीं रुकावट नहीं आ रही है। कोविड की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अब मजदूरों की जगह मशीनों का इस्तेमाल अधिक होने लगा है। राम मंदिर निर्माण को लेकर सरकार और प्रशासन व्यवस्था पूरी तरह से तैयार है। पूरे देश से जरूरी सामानों को मंगा कर मंदिर का कार्य 24 घंटे चालू किए जाने का प्रयास जारी है। एलएनटी (L&T) और राजस्थान की मेसर्स बालाजी कंस्ट्रक्शन मंदिर निर्माण में तेजी से कार्यरत है। यह दोनों ही कंस्ट्रक्शन कंपनियां दिन और राम में काम कर ही है। इन्होने अपना फील्ड मैटेरियल और कंकरीट मिक्सचर प्लांट भी लगा लिया है।

राम मंदिर की नींव की चार परतों का काम पूरा हो चुका है और सोमवार से पांचवी परत का भी कार्य शुरु हो चुका है। मंदिर के नींव में कुल 44 परतों का बिछाया जाना तय हुआ है जिसमें से 4 परत का काम पूरा हो चुका है। मंदिर के अब तक के काम को देखते हुए यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि काम कितनी तेजी से हो रहा है। मंदिर निर्माण का कार्य अब दिन के साथ साथ रात में भी करने का प्लान तैयार किया जा रहा है और इसके लिए निर्माण स्थल पर बड़े बड़े पोल भी लगा दिये गये है जिसमें हाई मास्ट लाइट लगायी जायेगी। रात में काम करने के दौरान प्रकाश की कमी नहीं होनी चाहिए इसलिए बड़ी बड़ी लाइटों का होना आवश्यक है। अगले महीने के बाद बारिश दस्तक देगी ऐसे में इंजीनियर नींव भराई का काम बारिश से पहले खत्म करना चाहते है क्योंकि बारिश में नींव में पानी भरने की आशंका है जिससे काम में रुकावट पैदा हो सकती है।

मंदिर निर्माण के साथ साथ मंदिर विस्तार का काम भी तेजी से चल रहा है। 70 एकड़ में मंदिर निर्माण का कार्य होना है लेकिन ट्रस्ट की तरफ से फैसला लिया गया है कि वह मंदिर के लिए और भूमि की तलाश करेगा और मंदिर को 99 एकड़ भूमि में तैयार करायेगा। ट्रस्ट ने 407 एकड़ भूमि का बैनामा हाल ही कराया है जिसमें दो मंदिर भी शामिल है हालांकि पास के एक और मंदिर के बैनामे को लेकर बात चल रही है। लॉकडाउन में ट्रस्ट ने फकीरे राम मंदिर और कौशल्या भवन मंदिर का मुआवजा देकर उसका बैनामा करा लिया है। इससे पहले भी ट्रस्ट ने मंदिर के लिए और जमीन खरीदी थी।

हिन्दू धर्म में किसी भी काम की शुरुआत होने से पहले भगवान गणेश का ध्यान आवश्यक है उसी तर्ज पर अयोध्या में अब भगवान गणेश का मंदिर निर्माण कार्य भी जल्द शुरू होगा क्योंकि उनके बिना अयोध्या का राम मंदिर भी अधूरा होगा। अयोध्या के राम घाट पर भगवान गणेश का मंदिर होगा। वास्तु शास्त्र के मुताबिक गणेश जी की मूर्ति का मुख राम मंदिर की तरफ होगा। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय सहित कई गणमान्य लोगों ने मंदिर का भूमि पूजन कर दिया जिसके बाद अब जल्द ही इस मंदिर का निर्माण कार्य शुरू होगा।

नया घाट के पास करीब डेढ़ बीघा जमीन पर बनने वाले आवासीय परिसर को हिन्दू भक्तों के नाम पर समर्पित किया जायेगा। इस हिन्दू धाम के लिए बनने वाले द्वार का नाम सिंह द्वार रखा जाएगा जो लाल पत्थर से निर्मित होगा इसकी लंबाई 15 फीट, चौड़ाई 15 और ऊंचाई 23 फीट होगी। हिन्दू धाम आवासीय परिसर में प्रथम तल पर राम कथा के लिए विशाल सभागार होगा जबकि दूसरे तल पर 108 कमरो वाली धर्मशाली होगी।

उधर राम मंदिर निर्माण को लेकर निधि संकलन का कार्य अभी भी जारी है। राम भक्त अभी भी ट्रस्ट के खाते में पैसा ट्रांसफर कर रहे है जिससे ट्रस्ट के पास काम करने की क्षमता लगातार बढ़ती जा रही है। करीब एक सप्ताह पहले टाटा संस की तरफ से 5 करोड़ का दान राम मंदिर के लिए दिया गया यह राशि टाटा संस मुंबई की तरफ से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते में स्थानांतरित की गयी है। आप को बता दें कि 15 जनवरी से 27 फरवरी के बीच ट्रस्ट की तरफ से निधी संकलन का कार्य किया गया था जिसमें करीब 9 लाख कार्यकर्ताओं ने 10 करोड़ लोगों से संपर्क किया था और राम मंदिर के लिए निधि इकट्ठा की थी। कोरोना महामारी में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की तरफ से ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए 90 लाख रुपये का दान दिया गया है इससे दो हॉस्पिटल में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जायेंगे।

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