उज्जायी प्राणायाम: थायराइड और अस्थमा के रोगी करें यह प्राणायाम

अगर मन और शरीर को शांत रखना है तो आप के लिए प्राणायाम से बेहतर कुछ नहीं हो सकता है। विज्ञान ने बहुत तरक्की कर ली है लेकिन उसके पास भी ऐसी कोई दवा नहीं है जिससे मन को शांत किया गया जा सके। भारतीय इतिहास में योग का बहुत महत्व था जिससे लोग हजारों सालों तक जीवित रहते थे और स्वस्थ भी रहते थे। मन और तन की शांति के लिए हम आज आप को एक और योग बताने जा रहे है जिससे आप का मन और तन शांत होगा साथ ही अगर आप थायराइड से पीड़ित है तो भी यह आप के लिए बहुत लाभकारी होगा। 

उज्जायी प्राणायाम कैसे करें? 
उज्जयी प्राणायाम के द्वारा हम अपने शरीर और मन को शांत रख सकते है। यह प्राणायाम करना बेहद ही आसान और सरल है। आप को समतल जमीन पर किसी भी आरामदायक मुद्रा में बैठ जाना है। आप पद्मासन की मुद्रा में बैठ सकते है। शरीर को पूरी तरह से शांत मुद्रा में छोड़ दें और समान मुद्रा में सांस लें। अब अपने गले को अंदर से सकरा बनाते हुए सांस को अंदर की तरफ खींचे इस दौरान गले से आवाज निकलेगी। आप को सांस लेने के दौरान गले पर ध्यान देना है और सांस को क्षमतानुसार शरीर के अंदर भरना है। अब सांस को एक बार दायी नाक और एक बार बायीं नाक से बाहर निकाल दें। इस आसन को कम से कम 20 मिनट जरुर करें। 
उज्जायी प्राणायाम के फायदे
1. इस प्राणायाम को शांति प्रदान करने वाले आसनों में शामिल किया गया है। 
2. इस प्राणायाम को तंत्रिका तंत्र के लिए बेहद फायदेमंद बताया गया है।
3. इस प्राणायाम का आत्मिक स्तर पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है।
4. अनिद्रा से पीड़ित लोग इसका अभ्यास जरुर करें।
5. यह प्राणायाम उच्च रक्तचाप के लोगों के लिए भी लाभदायक है।
6. इस प्राणायाम से साइनस और माइग्रेन को कम करने में मदद मिलती है। 
7. थायराइड को कम करता है और गले के रोगों से छुटकारा मिलता है।
8. इसके प्राणायाम से गले का अभ्यास होता है और आवाज मधुर होती है। 
9.  अस्थमा में भी यह अभ्यास लाभदायक होता है। 
10. इस प्राणायाम से कोलेस्ट्रॉल को भी नियंत्रित किया जा सकता है। 

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