सर्वश्रेष्ठ दलाल

प्राचीन काल में मारीच और सुबाहू नाम के दैत्य सरदार अपनी राक्षसी सेना और महारानी ताड़का के साथ जंगल में रहते थे। जब कोई ऋषि मुनि, सन्यासी या कहें सनातन, वैदिक आर्य तप करता था, वे उसे तंग करते थे। कुछ सेक्युलर राजा, महाराजा उनके भी सहायक रहे होंगे, इसीलिए वे हिंदुत्व के पर्याय आर्य धर्म के सर्वनाश के लिए जंग करते थे।

उस समय ईश्वरीय अवतार मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम व लक्ष्मण ने उनका संहार किया था। वर्तमान नियमों के अनुसार सेक्युलर प्रणाली के साथ हिंसा की। पुरातन नियमों के अनुसार पृथ्वी का भार दूर किया था।

परंतु आज मारीच, सुबाहू, भिसरा राक्षसी ताड़का के साथ राजधानी में आलिशान बंगलौ में रहते है। वे सीना ठोककर स्वंय को सेक्युलर कहते है। ऐश करते है। उनके भोले भोले, मासूम, निर्मल मन वाले बच्चे सेन्ट्रल यूनिवर्सिटीयों में पढ़ते हैं। घरने, प्रदर्शन और हिंसा उनके लिए आम है। देशद्रोह, जातिवाद, साम्प्रदायिकता, पत्थरबाजी आगजनी करना उनके लिए सेक्युलर साम्राज्य स्थापित करने का पुनीत काम है। अपहरण व बलात्कार की घटनांए तो आम है क्योंकि सहिशणुता की स्थापना के लिए पुरातन पंथी आर्यो का दमन जरुरी है और आपके जैसे घिनोने पड़ोसियों को खुश करने के लिए यह जरूरी है।

वर्तमान राम और लक्ष्मण उनके निशाने पर है। हिंदुत्व को तार – तार करना उन मासूम बच्चों तथा सेक्यूलर मारीच, सुबाह,ु ताड़का के बाये हाथ का खेल है।

इसीलिए सेक्युलर पंथीयों के द्वारा एक अफवाह फैलाई कि राम कमजोर हैं इसलिए छिपने को ठिकाना तलाशते हैं और हर रोज विदेश भागते है।

परंतु आज भी राम और लक्ष्मण का विभीषण से भेद यह जानकर राक्षस में मातम छा गया है क्योंकि विभीषण रावण का साम्राज्य छोड़कर राम के पास आ गया है।

राम मारीच और सुबाहु सहित पूरे राक्षस दल के वध को तैयार हैं। इस बात का पूरे सेक्यूलर तंत्र को मलाल है। अब एक कालनेमि ही बचा है जो पासे पलट सकता है। वह खुदा का नेक बंदा है। राक्षस दल में आशा की किरण है।

क्या तुम राक्षस दल की कमान संभाल पाओंगे? कालनेमि से ताड़का का सवाल ंहै। क्योंकि जो दल का अंतिम सरताज है उसका कालनेमि सर्वश्रेष्ठ दलाल है। तो आइए, करते हैं, कालनेमि की मायावी शक्तियों के प्रदर्शन का इंतजार।

 

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