खामोश! प्रिंस टूर पर हैं…

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“देश उबल रहा है, किसान उबल रहे हैं, अदालत उबल रही हैं मगर राजकुमार कहीं ठण्ड में दुबके बैठे हैं। उनके टुटपुंजिये प्रवक्ता ही ऊटपटांग बयान देकर भाग निकलते हैं बस। खाामोश, चूंकि प्रिंंस टूर पर है।”

आज फिर आपकी कमी सी है…

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जगजीत सिंह को सुनना एक पूरी जिंदगी को जीने जैसा है। जिस तरह वो इश्क करने वालों को लुभाते थे, वैसे ही अपनी जिंदगी की ढ़लान पर खड़े लोगों को उनका बचपन भी याद दिलाते थे। अपने ‘लाइव’ कार्यक्रमों में जब वे ‘वो कागज की कश्ती, वो बारिश का पानी सुनाते’ तो कई लोगों की आंखों के किनारे बरबस ही भीग जाते थे।

पंचर, कपलिंग और टाइमपास लोकतंत्र

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लोकतंत्र की क्या कहिए। कब पंचर हो जाए। कब तक स्टेपनी साथ दे। कब इंजिन सहमति दे जाए। कब कौन पत्ते फैंट दे। कब कौन तीन पत्ती शो कर दे। कब गुलाम और इक्का मिलकर बादशाह को पंचर कर दे। कब ताश की दुक्की ट्रंप बन जाए। चाय, अखबार और चैनलों में पसरे हुए जनता के दिन इस बहाने कितने लोकतांत्रिक ढंग से कट जाते हैं।

मानसून का आ जाना कोरोना में..

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“घर ही नहीं बाहर भी ये मौसम और ये दूरी सभी को अखर रही है.. कि कब कोरोना का सत्यानास जाए और पहले की तरह हम खूब खाए पियें और हुलसकर अपनों से गले मिलें, जिससे बारिश की बूंदों में प्रेम की फुहार मिलकर बरसे...”

हिंसक आंदोलन का लेखाजोखा

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नक्सलली आंदोलन, उसके कार्यकर्ताओं की निष्ठा, संघर्षशीलता, गरीब आदिवासियों में उनकी पैठ के साथ-साथ उसके जनविरोधी स्वरूप को समझने के लिए स्व. पत्रकार प्रकाश कोलवणकर की यह मराठी किताब उपयोगी साबित होगी।

जंग जिंदगी की

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“कुछ दिन बाद डॉ. अनूप स्वयं को थोड़ा स्वस्थ महसूस करने लगे। उन्हें अपने मरीज याद आने लगे थे। वे कोरोना वायरस के दुष्प्रभाव को खुद भुगतचुके थे। उन्होंने कोरोना के रोगियों को बचाने की मन में ठान ली और पुन... मरीजों की सेवा करने हेतु अपना रक्षा- कवच पहन कर, योद्धा बन हॉस्पीटल पहुंच गए। जिंदगी की जंग फिर शुरू हो गई थी!”

इत्ते टेंशन…

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“चीनी चपटा नासमिटा कोरोना, अम्पन तूफान, पाकिस्तान से टिड्डियों का आतंकी हमला, ये मजदूर अलग नी मान रिये... उधर अपनी फटी जेब वाले भिया भी नित नई हेयर स्टाइल में टिड्डियों से भी खतरनाक हमला सरकार पर बोलते हैं। अब आप ही बताव कि इत्ते टेंशन में कोई मजे में कैसे रहे?”

“स्टैच्यू ऑफ यूनिटी”एक अद्भुत शिल्प

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  लौह पुरुष सरदार पटेल की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा को देखना और उनके चरणों में शीश नवाना एक अद्भुत प्रसंग है। गुजरात सरकार ने देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए बेहतरीन सुविधा उपलब्ध कराई है। जब से हमने मोबाइल में यू-ट्युब पर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की तसवीर…

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