बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दुओं पर खतरा!

भारत सहित पड़ोसी देश बांग्लादेश में भी जिहादी ताकतों में बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है। इस बार बांग्लादेश में दुर्गा पूजा का पुरजोर विरोध किया गया और जिहादी मानसिकता से ग्रसित लोगों ने ना सिर्फ दुर्गा पूजा पंडाल को तोड़ा बल्कि मूर्तियों को भी खंडित किया। इस दौरान पूजा करने वाले भक्तों से भी मारपीट की गयी। बांग्लादेश में हुई इस घटना में जमात-ए-इस्लामी का हाथ बताया जा रहा है। बांग्लादेश के कई वीडियो भी तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है जिसमें साफ तौर पर देखा जा रहा है कि किस तरह से मुस्लिम समुदाय के लोग एक घर पर टूट पड़ते है और वहां लगे दुर्गा पंडाल को तोड़ डालते हैं। इस वीडियो में यह भी साफ तौर पर दिखता है कि किस तरह से पहले घर के गेट को तोड़ने का प्रयास किया जाता है और फिर पूरे पंडाल को तहस नहस कर दिया जाता है। 
 
इस तांडव की शुरुआत सोशल मीडिया पर एक शरारती पोस्ट के साथ शुरु होती है जो अभी तक जारी है। अभी तक इस तांडव ने कई लोगों की जान ले ली है और यह लगातार अभी जारी है। शरारती तत्वों ने इस बार पंडाल के साथ साथ श्रद्धालुओं को भी नहीं छोड़ा और उन्हें भी अपना शिकार बनाया। पंडाल में मौजूद महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया और बाकी लोगों के साथ मारपीट की गयी। इस घटना के बाद सरकार की तरफ से अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गयी है। शरारती तत्वों ने मारपीट के बाद सरकार के अल्पसंख्यक हिन्दुओं के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग भी है और उन्हें ही सभी कारणों के लिए दोषी ठहराया है। बांग्लादेश में तमाम हिन्दू संगठनों की तरफ से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है और सरकार के न्याय की मांग की गयी है। न्याय ना मिलने पर भूख हड़ताल पर जाने की धमकी भी दी गयी है। सरकार की तरफ से भी तक इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। 
 
दुर्गा पूजा के दौरान 13 अक्टूबर से यह हमले शुरु हुए जिसमें 4 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जबकि करीब 60 लोग बुरी तरह से घायल हुए है। 17 अक्टूबर को एक के बाद एक अलग अलग जगहों पर हमले हुए और हिन्दुओं के घरों को निशाना बनाया गया। करीब 20 घरों को आग के हवाले कर दिया गया तो 60 घरों को तोड़ दिया गया। उन्मादियों ने रात में कई घरों में लूटपाट की घटना को भी अंजाम दिया था जिसकी आधिकारिक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। उधर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 52 लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ कर रही है। 
 
बांग्लादेश की इस घटना के बाद इसका विरोध पूरे विश्व में शुरु हो गया है। अमेरिका के बांग्लादेश दूतावास के बाहर कुछ लोगों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया और अल्पसंख्यक हिन्दुओं के खिलाफ बढ़ रही घटनाओं की निंदा की। अमेरिका में हिन्दू समुदाय के लोगों ने विरोध दर्ज कराया और कहा कि इस तरह से खुले आम हिन्दुओं पर हो रहे हमले निंदनीय है। बांग्लादेश सरकार को आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाना चाहिए। बांग्लादेश में सिर्फ 9 प्रतिशत हिन्दू शेष रह गए है। 

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