अपने बच्चों को कैसा भविष्य देना चाहते हैं?

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साल 1914 में यूएन मुखर्जी ने एक छोटी सी पुस्तक लिखी हिन्दू एक मरती हुई नस्ल 1911 की जनगणना को देखकर ही 1914 में मुखर्जी ने पाकिस्तान बनने की भविष्यवाणी कर दी। उस समय संघ नहीं था, हिन्दू महासभा नहीं थी तब भी मुखर्जी ने वो देख लिया जो पिछले…

आखिर नमाज के बाद मुसलमान क्यों करते है पथराव 

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हालांकि मोमिन को सर्वाधिकार है कि वह जब चाहे तब काफिरों के खिलाफ दंगा कर दे। लेकिन आमतौर पर मोमिनी दंगे और उपद्रव जुमे की नमाज के बाद ही शुरू होते हैं। आइये समझते हैं, ऐसा क्यों होता है? असल में उसी दिन सामूहिक नमाज होती है। जुमे की नमाज…

मुसलमान के साथ खड़े होना इनका मजहबी कर्त्तव्य

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नूपुर शर्मा ने क्या कहा ये महत्वपूर्ण नहीं, क्योंकि उससे ज्यादा तो खुद इस्लामिक स्कालर खुद ही बोलते हैं । उसने ऐसी कौन सी बात बोली जो उनके धर्मग्रंथों का हिस्सा नहीं ? इसलिए अगर विरोध करना था, तो विरोध उनकी अपनी पुस्तक का होना चाहिए था । पर दाग…

हर शहर में एक उन्मादी भीड़

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  शहर में कितना भीड़-भड़क्का है। हर तरफ भीड़ से भरे हैं हमारे शहर। आजादी की यह सबसे महान उपलब्धि है कि गांव वीरान होते गए और शहर भीड़ से भरते गए। अगर यूपी और बिहार न होते तो मुंबई इतनी ठसाठस नहीं होती। भला हो उन सरकारों का जिन्होंने…

इंद्रनारायण स्वामी मंदिर कैसे बना देवल मस्जिद?

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भारत में इस्लामिक आक्रांताओं के प्रभाव के कारण हमने शुरुआत से ही अपनी संस्कृति और सभ्यता का खून होते देखा। क्लासरूम में किताबों के जरिए हमें जिन मुगलों के गुणगान का पाठ पढ़ाया गया, हकीकत में उनकी तलवार ने भारत का कोई कोना नहीं छोड़ा और भारत के न जाने…

भारतीय संस्कृति का विकृत रूप

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भारतीय चिंतन परंपरा में ईश्वर की उपस्थिति सर्वत्र मानी गई गई। ईशोपनिषद में कहा गया है कि "ईशावास्यमिदं सर्वं यदकिंचिदजगत्यां जगत" संसार की प्रत्येक वस्तु में ईश्वर का वास है। वैदिक संस्कृति में ईश्वर को ब्रह्म कहा गया है। उसे ही परमेश्वर और परमात्मा भी कहते हैं। वह परमात्मा अपने…

इस तरह की भाषा डर पैदा करती है

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सामान्यतः जमीयत ए उलेमा ए हिंद या ऐसे संगठनों की बैठकों या सम्मेलनों पर राष्ट्रीय मीडिया की नजर नहीं रहती। छोटी सी खबर आ जाती है। किंतु देवबंद में जमीयत का 2 दिनों का सम्मेलन राष्ट्रीय सुर्खियां पाया तो इसके कारण हैं। वाराणसी से लेकर मथुरा, आगरा, दिल्ली तक ज्ञानवापी,…

कश्मीर में हिंदुओं की लक्षित हत्याओं का सिलसिला

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कश्मीर में पाकिस्तान परस्त आतंकवादियों ने लक्षित हिंसा के तहत कश्मीरी हिंदुओं को निशाना बनाए जाने का सिलसिला तेज कर दिया है। कश्मीर में यह सिलसिला अक्टूबर 2021 से शुरू हुआ और 31 मई को दलित स्कूल शिक्षिका रजनी बाला की हत्या के साथ यह संख्या 18 हो गई है।…

कट्टरता से बाज आएं मुस्लिम नेता: डॉ. सुरेन्द्र जैन

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नई दिल्ली। मई 30, 2022। विश्व हिन्दू परिषद ने आज कहा है कि कट्टरपंथी इस्लाम के गढ़ देवबंद में आयोजित मुस्लिम सम्मेलन में महमूद असद मदनी व बदरुद्दीन अजमल जैसे कट्टरपंथी नेताओं ने "भारत में मुसलमान पीड़ित हैं" का नारा लगाकर मुस्लिम समाज को एक बार फिर भड़काने का प्रयास…

इस्लाम की आंधी को हिंदूओं ने अपने शौर्य से रोका

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1400 साल पहले अरब से जब इस्लामिक आंधी उठी तो इसने कई राष्ट्रों और कई सभ्यताओं का नामोनिशान मिटा दिया। ईरान से पारसियों का साम्राज्य पर्शिया का नामोनिशान मिटा दिया, इराक के यजीदी दुनिया में अब ढूंढे नहीं मिलते हैं। अफ्रीका से लेकर एशिया तक कितने सभ्यताएं और कितने साम्राज्य…

इस्लाम: सार्वभौमिक आचार, विचार और व्यवहार

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पूरी दुनिया में मुस्लिम एक ही तरह से व्यवहार करते हैं। अमेरिका की जेलों में कुछ साल पहले pew research नामक संस्था ने जेल में कैदियों के व्यवहार पर अध्ययन किया था। मुस्लिम कैदियों में 57% जेल में भी अपने मजहब की दावत देते हैं। उसके विपरीत केवल 6% हिन्दू…

हिंदुओं की दुर्दशा के लिए कौन जिम्मेदार है?

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असाम ब्रह्मपुत्र नदी और घने जंगलों का सुन्दर प्रदेश चिरकाल से हिन्दू राजाओं द्वारा शासित प्रदेश रहा है। असाम में इस्लाम ने सबसे पहले दस्तक बख्तियार खिलजी के रूप में 13 वीं शताब्दी में दी थी। बंगाल पर चढ़ाई करने के बाद खिलजी ने असाम और तिब्बत पर आक्रमण करने…

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