उत्तर प्रदेश को मोदी का दिवाली गिफ्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को उत्तर प्रदेश को दिवाली का गिफ्ट दे दिया जिसमें 9 मेडिकल कालेज भी शामिल है। कोरोना काल के दौरान इन मेडिकल कॉलेज की जरुरत को लोगों ने बखूबी समझा है। पीएम मोदी ने सिद्धार्थनगर और फिर वाराणसी में जनसभा को संबोधित किया। उत्तर प्रदेश में पीएम मोदी का दौरा अक्सर होता रहता है और जब से देश और राज्य में बीजेपी की सरकार बनी है तब से यूपी का विकास बहुत ही तेजी से हो रहा है। हम किसी भी विभाग पर नजर उठाते हैं तो यह दिखाई देता है कि सरकार की तरफ से काम किया जा रहा है। कोरोना काल में भी योगी सरकार की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तारीफ हुई थी। इसलिए उत्तर प्रदेश में जिस तरह से योगी सरकार चल रही है उससे सभी का विकास हो रहा है और दिल्ली की केंद्र सरकार भी इसमें पूरी तरह से मददगार है। 
करीब 2 हजार करोड़ से अधिक की लागत से तैयार हो रहे 9 मेडिकल कॉलेज का पीएम मोदी ने उद्घाटन किया। यह सभी मेडिकल कालेज जौनपुर, मिर्जापुर, गाजीपुर, प्रतापगढ़, देवरिया, फतेहपुर, हरदोई, एटा और सिद्धार्थनगर में खुले हैं। इन सभी 9 मेडिकल कॉलेज से करीब उत्तर प्रदेश में 2.5 हजार बेड की संख्या बढ़ जायेगी और लोगों की अस्पताल तक पहुंच आसान हो जाएगी। करीब 5 हजार से अधिक मेडिकल डॉक्टर और उनके स्टाफ के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। 1947 से पहले उत्तर प्रदेश में 3-4 मेडिकल कालेज थे, 1947 से 2016 तक कुल मेडिकल कालेज की संख्या 12 हुई जबकि सिर्फ 2016 से 2021 तक 9 मेडिकल कॉलेज एक साथ राज्य को मिल रहे हैं। इस बड़ी सौगात से अब हर वर्ष हजारों बच्चों की मेडिकल की पढ़ाई के रास्ते भी आसान हो जायेंगे। यह सभी तो सिर्फ सरकारी आंकड़े हैं जो प्रत्यक्ष रूप से नजर आ रहे हैं जबकि इन सभी मेडिकल कॉलेज के खुलने के बाद लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से भी फायदा होगा जैसे मेडिकल कालेज के आस पास में बाजार का विस्तार होगा जिससे लोगों को नये व्यवसाय का मौका मिलेगा। बच्चों को रुकने के लिए हॉस्टल की जरूरत होगी ऐसे में भी आस पास के लोगों को भी व्यवसाय करने का मौका मिलेगा और नजदीकी लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। 
योगी सरकार के समय में उत्तर प्रदेश का चेहरा तेजी से बदल रहा है। क्राइम के लिए मशहूर यूपी को अब रोजगार और तेजी से होते विकास के लिए जाना जा रहा है। राज्य में जो पिछले करीब 70 सालों में नहीं हो सका वह सब योगी सरकार ने 5 साल से कम समय में कैसे संभव किया यह हैरान करने वाली बात है। तेजी से बनता पूर्वांचल एक्सप्रेस हाईवे खुद में एक मिसाल कायम करने के लिए तैयार है। उत्तर प्रदेश की अधिकतर जनसंख्या दूसरे राज्यों में नौकरी के लिए भागती रहती है क्योंकि यूपी में रोजगार नहीं है। महाराष्ट्र में यूपी की जनता को कई सालों तक परप्रांतीय के नाम पर परेशान किया गया था कितने लोगों को मारा भी गया था लेकिन सवाल पापी पेट का था इसलिए मार खा लिए लेकिन लौटकर घर को नहीं आए। लेकिन मोदी और योगी सरकार ने एक बार फिर से उत्तर प्रदेश के लोगों को सपना दिखाया है कि अब सभी लोग अपने ही राज्य में नौकरी कर सकते हैं। 

आपकी प्रतिक्रिया...