वैक्सीनेटेड लोगों में भी फैल रहा ओमीक्रोन संक्रमण

कोरोना के नये प्रकार ओमीक्रोन (Omicron) की वजह से दुनिया एक बार फिर से खतरे में है और सभी को इस बात का डर होने लगा है कि तीसरी लहर फिर से आ सकती है। पहली दो लहर का असर जिस तरह पूरे देश और दुनिया पर पड़ा था वह सभी को याद है। अब लोग सिर्फ लॉकडाउन के नाम से डर जा रहे हैं। डेल्टा वेरिएंट की वजह से दूसरी लहर आयी थी जिसमें लाखों लोग संक्रमित हुए थे और हजारों की संख्या में लोगों की मौत हुई थी। रिपोर्ट की मानें तो डेल्टा का संक्रमण जितना करीब 100 दिनों में फैला था उतना ओमीक्रोन सिर्फ 15 दिनों में फैल सकता है। कुल मिलाकर यह तीसरा संक्रमण बाकी दोनों से काफी अधिक प्रभावशाली है और अगर इस पर पूरी तरह से रोक नहीं लगायी गयी तो यह और अधिक तबाही मचा सकता है। 
डॉक्टरों के एक पैनल ने इस बात का दावा किया है कि ओमीक्रोन के वायरस शरीर के इम्यूनिटी सिस्टम को धोखा देने में माहिर है और यह आसानी से शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। इस संक्रमण के लक्षण भी काफी कम है जिससे इसे आसानी से पकड़ा नहीं जा सकता है। बेहतर इम्युनिटी और दोनों वैक्सीन डोज ले चुके लोगों पर इसका असर कम हो सकता है लेकिन यह कहना गलत होगा कि उन्हें यह संक्रमण नहीं हो सकता है। सरकार की तरफ से पूरी सतर्कता रखी जा रही है लेकिन फिर भी अभी तक देश में दो लोगों को संक्रमित पाया गया है। यह दोनों लोग कर्नाटक के रहने वाले है। 
 
पूरी दुनिया के करीब 38 देशों में नया वैरिएंट मिला है जिसमें अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, स्पेन, दक्षिण अफ्रीका, इटली, ब्राजील, सिंगापुर और भारत सहित कई देश शामिल है। दक्षिण अफ्रीका में सबसे अधिक करीब 200 से अधिक लोग संक्रमित पाए गए है जबकि भारत में अभी तक सिर्फ 21 लोगों को ओमीक्रोन से संक्रमित पाया गया है। महाराष्ट्र में सबसे अधिक 7 लोगों में ओमीक्रोन के वायरस पाए गए है। ओमीक्रोन संक्रमित लोगों में लक्षण बहुत ही सामान्य है जिसे लोग हल्की सर्दी और खांसी के रूप में ले ले रहे है। इसका सामान्य लक्षण इसे फैलाने का सबसे अधिक कारण बन रहा है। ओमीक्रोन को लेकर डब्ल्यूएचओ की तरफ से यह गया है कि इसके प्रभाव को लेकर अभी तक बहुत कुछ साफ नहीं हो सका है लेकिन यह कहा जा सकता है कि इससे भी बचने की जरूरत है और सभी को कोविड नियमों का पूरा पालन करना चाहिए। 
ओमीक्रान भारत में बहुत तेजी से फैलने लगा है और इस बात का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि 2 दिसंबर को पहला केस मिला था और उसके 4 दिन बाद 6 दिसंबर तक कुल 21 लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। अभी तक जितने भी लोग संक्रमित हुए है उन्होंने दक्षिण अफ्रीका सहित उन देशों का दौरा किया है जो हाई रिस्क की कैटेगरी में आते है। एक रिपोर्ट के अनुसार यह संक्रमण उन लोगों में भी फैल रहा है जिन्होंने वैक्सीन की दोनो डोज ले रखी है। फिलहाल सरकार की तरफ से तैयारी तेजी से जारी है और सभी एयरपोर्ट व रेलवे स्टेशन पर सभी की जांच की जा रही है। 

आपकी प्रतिक्रिया...