बांग्लादेशी घुसपैठिए ने किया टीएमसी सरकार पर बड़ा खुलासा!

 

पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश से आए घुसपैठियों की संख्या हर दिन बढ़ती जा रही है और इन घुसपैठियों को लोकल नेताओं की तरफ से संरक्षण भी मिल रहा है। सीमा सुरक्षा बल की तरफ से कुछ घुसपैठियों को गिरफ्तार किया गया है जिन्होंने इस पूरे मामले पर से पर्दा उठाया है। गिरफ्तार किये गये घुसपैठिए ने बताया कि करीब हजार की संख्या में घुसपैठ करने वाले लोग कोलकाता पहुंचे हैं और यहां उन्हें कुछ नेताओं के द्वारा संरक्षण मिल रहा है। घुसपैठ करने वाले लोगों का वोटर कार्ड और आधार कार्ड भी बनाया जा रहा है जिससे उन्हें यहां नागरिक बनाया जा सके और उन्हें यहां पर काम मिल सके। पश्चिम बंगाल की विपक्षी पार्टियां टीएमसी पर यह आरोप भी लगाती रही है कि चुनाव में घुसपैठियों की मदद से ही ममता बनर्जी चुनाव जीतती है और राज्य में होने वाले दंगे में भी इन्ही बांग्लादेशी घुसपैठियों का सहारा लिया जाता है। 

बीते रविवार को बीएसएफ (BSF) ने 7 लोगों को गिरफ्तार किया जिन्होंने पूछताछ में बताया कि वह सभी रोजगार की तलाश में सीमा पार कर भारत में प्रवेश करते हैं और फिर यहीं पर बस जाते हैं। बांग्लादेश में दलाल 10 रुपये लेकर सीमा पार करवाने का काम करते हैं। बांग्लादेश से आए 7 लोगों में 4 पुरुष और 3 महिलाएं शामिल है जिनके नाम जहांगीर मल्लिक, नानू मुल्ला, बिलाल शेख, सोहन शेख, हीना बेगम, सुमी बेगम और संजीदा बेगम हैं। जहांगीर मल्लिक ने बताया कि वह करीब 7 साल पहले भी भारत आया था और यहां राजगीर का काम करता था लेकिन बाद में वह परिवार से मिलने के लिए बांग्लादेश चला गया। इस बार वह परिवार के साथ आ रहा था जहां उसे सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने गिरफ्तार कर लिया। 

 

बांग्लादेश से आए लोगों की बातों को सुनकर यह लगता है कि इनके लिए सीमा पार कर आना और जाना एक सामान्य बात है। इनका जब भी मन होता है यह आसानी से सीमा पार कर पश्चिम बंगाल आ जाते हैं क्योंकि इन्हें यहां पर पूरा संरक्षण मिला हुआ है। कोलकाता के खिदिरपुर इलाके में सबसे अधिक बांग्लादेशी घुसपैठिए रहते हैं और यह इलाका ममता बनर्जी के खास मंत्री फिरहाद हकीम का क्षेत्र है। विपक्षी दलों द्वारा यह आरोप लगाया जाता रहा है कि टीएमसी की देखरेख में ही सभी घुसपैठियों को रखा जाता है। एक इंटरव्यू में टीएमसी के मंत्री फिरहाद हकीम ने खिदिरपुर इलाके को मिनी पाकिस्तान बताया था। 

सभी आंकड़ों और खबरों पर नजर डालें तो यह पता चलता है कि घुसपैठियों को पश्चिम बंगाल सरकार से सहयोग मिलता रहा है और ममता सरकार अपने फायदे के लिए इन सभी को साथ लेकर चल रही है। गिरफ्तार किए गये घुसपैठिए ने बताया कि सभी का आधार कार्ड और वोटर कार्ड तैयार किया जा रहा है जिससे इन घुसपैठियों को वोट देने का अधिकार मिलेगा और यह टीएमसी सरकार को विजयी बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। केंद्र सरकार की तरफ से घुसपैठियों को लेकर कड़े कदम उठाए जाते रहे हैं लेकिन हर बार टीएमसी सरकार की तरफ से विरोध किया गया है। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा बीएसएफ के जांच का दायरा 15 किमी से बढ़ाकर 50 किमी तक कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले के बाद से सीमा सुरक्षा बल के जवान अधिक संख्या में घुसपैठियों को गिरफ्तार कर रहे हैं और सीमा पर होने वाली घुसपैठ को भी कम किया है।   

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