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मा. श्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद पिछले तीन वर्षों में गुजरात की प्रगति कैसी रही और विभिन्न क्षेत्रों में उसने क्या मानक स्थापित किए इस पर मा. मुख्यमंत्री श्री विजय रुपाणी जी से हुई विस्तृत बातचीत के महत्वपूर्ण अंश यहां प्रस्तुत है। इस बातचीत का सार यह है कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूलमंत्र को गुजरात ने वाकई पूरी सफलता से अपनाया है। इसीलिए गुजरात का विकास अन्य राज्यों के लिए ‘रोल माडल’ बन गया है।

 

मोदी जी के बाद गुजरात सरकार को तीन वर्ष से अधिक समय हो गया है। इन तीन सालों के कामकाज को आप किस रूप में देखते हैं?
आदरणीय नरेंद्रभाई गुजरात को विकास के जिस मार्ग पर लेकर आए थे, गुजरात आज भी उतनी ही तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। पिछले डेढ़ दशक से अधिक समय में आर्थिक विकास के साथ-साथ सामाजिक विकास करना भी हमारी प्राथमिकता रही है। यदि आप गहराई से गुजरात के वर्तमान परिदृश्य की ओर नज़र डालेंगे तो आप पाएंगे कैसे हम ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूलमंत्र के साथ पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। एक बात और कि, बीते तीन सालों में किसी का भी नेतृत्व रहा हो लेकिन विजन सबका एक ही था और वह है गुजरात का सामाजिक और आर्थिक विकास। हम इसी के लिए जनसेवा के क्षेत्र में आए थे और हमेशा अपने गुजरात के नागरिकों की सेवा करते रहेंगे।

आपकी सरकार की कोई ऐसी तीन बड़ी उपलब्धियों के बारे में बताइए जो देश-विदेश में प्रसिद्ध हुई हो?
कुछ उपलब्धियों की बात क्यों करें, आज पूरा विश्व गुजरात के विकास और यहां की स्थानीय संस्कृति से परिचित है। वाइब्रेंट गुजरात, हाल ही में लागू फी रेगुलेशन एक्ट और गौ संरक्षण अधिनियम में संशोधन, नागरिकों के बीच सबसे प्रिय और हमारी सबसे सफल पहल- सेवा सेतु कार्यक्रम, सस्ती कीमत पर दवाएं उपलब्ध कराती प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना जैसी कई योजनाएं हैं, जो गुजरात की प्रसिद्धि का नेतृत्व कर रही हैं।

गुजरात में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है। ऐसे में सरकार ने युवाओं को बेराजगारी से निजात दिलाने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
यह पूरी तरह गलत धारणा है। जो प्रदेश विकास का नया पर्याय बन गया हो, जिस प्रदेश के डेवलपमेंट मॉडल की चर्चा देश-विदेश में होती हो, ऐसे प्रदेश में बेरोजगारी का सवाल उठाना, यह विरोधाभास प्रकट करता है। यदि गुजरात प्रगति की राह पर है तो निश्चित तौर पर यहां सबसे अधिक रोजगार के अवसर होंगे। आपको जानकर आश्चर्च होगा कि हमने पिछले तीन सालों में रोजगार मेलों और रोजगार कार्यालयों के द्वारा लगभग १३ लाख युवाओं को रोजगार देने का काम किया है। गुजरात एकमात्र ऐसा राज्य है जिसने रोजगार कार्यालयों के माध्यम से देश में सबसे अधिक रोजगार दिए हैं। हाल ही में हमनें १२ क्लस्टर्स के रूप में रोजगार मेलों का आयोजन कर लगभग १ लाख युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार दिया है। मैं यह पूरी जिम्मेदारी के साथ कह सकता हूं कि हमारी सरकार युवाओं के भविष्य और उनके करियर के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

सरकार पर आरोप लग रहे हैं कि शिक्षा का भगवाकरण हो रहा है। इसमें कितनी सच्चाई है?
यह तो बेबुनियाद आरोप है। बिना किसी आधार के ऐसी बातें करना, मैं समझता हूं कि आज के समाज के लिए ठीक नहीं है। आज की युवा पीढ़ी वैसी नहीं है जो सांप्रदायिकता के चंगुल में फंस जाए। वह दौर चला गया जब सांप्रदायिक बातों और बहस के बीच बच्चे बड़े हुआ करते थे। आज का युवा समझदार है और वह काम करना चाहता है। पिछले १५ वर्षों में गुजरात ने हर क्षेत्र में केवल एक भाषा सीखी है और वह है ‘सबका साथ, सबका विकास।’ ग़रीब, आदिवासी, शोषित एवं वंचित और छात्र-छात्राएं अच्छी से अच्छी शिक्षा ले सकें, हमारी सरकार केवल इसी पर ध्यान दे रही हैं। मुख्यमंत्री युवा स्वावलंबन योजना, फी रेगुलेशन एक्ट और हाल ही में छात्रों को टैबलेट्स बांटने का निर्णय जैसी पहल मेरे वक्तव्य की पुष्टि भी करते हैं। इसलिए शिक्षा के भगवाकरण के आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है।

“वाइब्रेंट गुजरात” ने गुजरात के विकास को दिशा दी है,‘वाइब्रेंट गुजरात’ की महत्वपूर्ण भूमिका स्पष्ट किजिए।
यह अपने पिछले संस्करणों की तरह ही बेहद सफल रहा है। माननीय श्री नरेंद्रभाई द्वारा शुरू किया गया यह महाआयोजन आज गुजरात की पहचान बन गई है। ‘वाइब्रेंट गुजरात’ ने गुजरात के विकास की दशा और दिशा बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह गुजरात सरकार के सबसे सफलतम उपक्रमों में से एक है। श्री मोदी का उद्देश्य था कि ‘वाइब्रेंट गुजरात’ जैसे बड़े आयोजनों से गुजरात को ग्लोबलाइज़ किया जाए और हम इसमें सफल भी रहे हैं। यहां मैं आपको एक उदाहरण ज़रूर देना चाहूंगा कि इस बार गुजरात सरकार के ट्राइबल डेवलपमेंट डिपार्टमेंट ने अमेज़न कंपनी के साथ एग्रीमेंट किया है जिसके अंतर्गत आदिवासी महिलाओं द्वारा बनाए गए वस्तुओं को अमेज़न कंपनी पूरे विश्व में बेचेगी और इससे आदिवासी महिलाओं का भी आर्थिक सशक्तिकरण हो सकेगा। आपको इसके बारे में बताने का तात्पर्य यह था कि गुजरात के विकास का अर्थ केवल औद्योगिक विकास नहीं है बल्कि संपूर्ण समाज का विकास हमारा मूल उद्देश्य है। इस साल के ‘वाइब्रेंट गुजरात’ समारोह में हमनें कई ऐसे अनुबंध किए हैं जो सामाजिक और आर्थिक दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे। इसके अलावा नोबल पुरस्कार विजेताओं का इस कार्यक्रम में आना भी हमारे लिए एक बड़ी उपलब्धि है। हमारे राज्य के युवाओं को जीवन के संघर्ष और सफलता को लेकर उनसे मार्गदर्शन और परामर्श मिला है। आपको जानकर यह आश्चर्य होगा कि सन २००३ से सन २०१५ तक हस्ताक्षर किए गए कुल एमओयू में ६७ प्रतिशत एमओयू कार्यान्वित भी हो चुके हैं।

गुजरात राज्य को पिछले कुछ सालों से लगातार राष्ट्रीय पुरस्कार मिल रहे है? पर्यटन क्षेत्र में गुजरात की कौनसी विशेष उपलब्धियां है?
पर्यटन तो गुजरात की दूसरी पहचान है। गत वर्षों में पर्यटन क्षेत्र में जो हमनें विकास कार्य किए हैं, यह इसी का परिणाम है कि आज गुजरात को पर्यटन के क्षेत्र में पिछले कुछ सालों से लगातार नेशनल अवॉर्ड्स मिल रहे हैं। पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने से भी काफी सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। हाल ही में २२ अप्रैल को हमने पर्यटन क्षेत्रों में २४ घंटे स्वच्छता बनाए रखने के लिए अभियान की शुरुआत सोमनाथ से की है। इसके अलावा पर्यटकों को अच्छी सुविधाएं मिले इसके लिए, सिंगल विंडो सिस्टम और बेहतर गाइड की व्यवस्था, हमारी लोक कलाकृतियों को बढ़ावा इसके लिए पर्यटन स्थलों में इनका प्रचार-प्रसार और इन्हें व्यवसाय करने के अवसर प्रदान करना और साथ ही पर्यटन के माध्यम से राजस्व प्राप्त करना हमारा उद्देश्य रहा है। यही कारण है कि आज पर्यटन गुजरात के लिए राजस्व दिलाने वाले प्रमुख क्षेत्रों में से एक है।

महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश मे किसान आंदोलन ने जोर पकड लिया है। क्या गुजरात का किसान भी उसी राह पर चलेगा?
ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। किसान और कृषि ही हमारी असली ताकत है। किसानों के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए हम पिछले १५ वर्षों से काम कर रहे हैं। आज हमारी कृषि विकास दर डबल डिजिट पर पहुंच गई है। आज गुजरात का किसान कॉमर्शियल एग्रीकल्चर की ओर बढ़ रहा है। हॉर्टिकल्चर और एडवांस्ड इरिगेशन टेक्नीक को गुजरात के किसान अपना रहे हैं। मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि गुजरात के किसान अपनी फसलों, अपनी आय और अपने भविष्य को लेकर पूरी तरह हमारी सरकार पर भरोसा करते हैं और मैं उनका यह विश्वास कभी टूटने नहीं दूंगा। इसके अलावा वर्ष २०२२ तक किसानों की आय को दोगुना करने के श्री नरेंद्रभाई के सपने को पूरा करने के लिए हम अलग-अलग योजनाएं और अवसर प्रदान कर रहे हैं। कृषि महोत्सव की सफलता, किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का पूरा लाभ और इस वर्ष सरकार द्वारा मूंगफली तथा अरहर दाल को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की गई खरीद इस बात के प्रमाण हैं कि हम किसानों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं। आंकड़ों की बात करूं तो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत इस साल हमने १९ लाख किसानों को १ प्रतिशत की ब्याज दर से ३५,००० करोड़ रुपए दिए हैं। इसके अलावा इसी वर्ष ८६,१०२ किसानों से ८३० करोड़ रुपए की १.६४ लाख मिट्रिक टन मूंगफली की खरीदी और १,०९,०५८ किसानों से ८९० करोड़ रुपए की २.१० लाख मिट्रिक टन अरहर दाल की खरीदी की है।

केंद्र सरकार का राज्य के विकास में किस प्रकार का योगदान मिल रहा है?
केंद्र सरकार का हमें पूरा सहयोग प्राप्त है। आदरणीय श्री नरेंद्रभाई का मानना है कि केंद्र और राज्य को कोऑपरेटिव फेडरलिज्म के साथ देश के विकास में सहयोग करना चाहिए। जब से श्री नरेंद्रभाई प्रधानमंत्री बने हैं गुजरात के कई रुके हुए प्रोजेक्ट्स को केंद्र सरकार ने पास किया है। नर्मदा डैम, मेट्रो परियोजना, अहमदाबाद-मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन जैसे कई परियोजनाएं जिन्हें केंद्र सरकार की अनुमति मिलने के बाद गुजरात इस पर तेजी से काम कर रहा है।

कोऑपरेटिव-फेडरलिज्म के सिद्धांत पर केंद्र और गुजरात सरकार के साझा कार्यों के बारे में बताना चाहेंगे?
मैं समझता हूं कि कोऑपरेटिव-फेडरलिज्म की भावना से काम करते हुए हमनें कई मानक स्थापित किए हैं। केंद्र सरकार की योजनाओं को गुजरात सरकार ने पूरी लगन और निष्ठा के साथ लागू किया है ताकि नागरिकों को चौतरफा लाभ प्राप्त हो सके। स्वच्छ भारत अभियान, उज्ज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ये कुछ ऐसे उदाहरण हैं जहां गुजरात की सफलता अन्य राज्यों से कहीं आगे है। मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ यह कह सकता हूं कि गुजरात ने यह दिखाया है कि यदि केंद्र और राज्य दोनों सरकारें साथ मिलकर चलें तो देश के विकास की गति को चार गुना किया जा सकता है।

२०२२ में भारत की स्वतंत्रता को ७५ साल पूरे हो रहे हैं। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने भारत को सामर्थ्यशाली देश बनाने का सपना देश के सामने रखा है। आपका राज्य इसके लिए किस प्रकार से योगदान दे रहा है?
इसमें कोई संशय नहीं है कि श्री मोदी जी जिस गति से देश के विकास के लिए आगे बढ़ रहे हैं वह निश्चित तौर पर भविष्य में एक सामर्थ्यवान न्यू इंडिया का निर्माण करेगा। इस दिशा में गुजरात इसका नेतृत्व कर रहा है। विकास के जिस मॉडल को पूरे देश ने स्वीकार किया है उसे बनाए रखना हमारे लिए चुनौती तो है लेकिन हम गुजराती चुनौतियों को पूरे दिल से स्वीकार करते हैं और इसे अंजाम तक पहुंचाने के लिए जुट जाते हैं। गुजरात सरकार भी कुछ ऐसा ही कर रही है। सामाजिक, शैक्षिक, खेलकूद, महिला सशक्तिकरण, उद्योग जगत, स्वास्थ्य, व्यवसाय, पर्यटन और हमारी संस्कृति, हर क्षेत्र में आज गुजरात देश का नेतृत्व कर रहा है और आगे भी करता रहेगा।

क्या आगामी विधान सभा चुनाव में आपकी सरकार एक बार फिर सत्ता में आएगी?
बिल्कुल। भारी बहुमत से हम एक बार फिर सरकार बनाएंगे, और यह जीत आदरणीय श्री नरेंद्रभाई और गुजरात सरकार की नीतियों की जीत होगी। पिछले १५ वर्षों से भी अधिक समय में हमारी सरकार ने जिस तरह से अपने नागरिकों के हितों का ध्यान रखा है, यह हमारी सत्ता वापसी का सबसे बड़ा कारक रहेगा। हमारी सरकार विभिन्न माध्यमों से जनता तक पहुंचने के प्रयास करती रही है। सेवा सेतु, गुणोत्सव, शाला प्रवेशोत्सव, कृषि महोत्सव जैसी कई पहल हैं जिसने सरकार और जनता के बीच एक संवाद पुल बनाने का काम किया है। मुझे पूरा विश्वास है कि सेवाभाव और हमारे प्रयासों को गुजरात की जनता हृदय से स्वीकार करेगी और आगामी चुनाव में हमें भारी मतों से अपनी सेवा का एक और अवसर देगी।

ऐसी कौन सी उपलब्धियां हैं, जिस वजह से जनता आपको एक बार फिर से सत्ता में लाएगी?
जनता के प्रति सेवा भावना और उनकी सुख-सुविधा का ध्यान रखना ही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है। मैं समझता हूं कि हर वर्ग के लोगों तक हमने अपनी पहुंच बनाई है। जनता सब देख रही और वह सब जानती है। आज वैश्विक पटल पर गुजरात की जो चर्चा हो रही है वह हमारी उपलब्धि ही तो है। आर्थिक विकास तो निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है लेकिन देश के समाज का विकास होना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसीलिए माननीय श्री नरेंद्रभाई विकास का गुजरात मॉडल लेकर आए, जिसमें आर्थिक और सामाजिक दोनों विकास समाहित हैं। कृषि, खेलकूद, व्यापार, पर्यटन, स्वच्छता, रोजगार, शिक्षा, महिलाओं, शोषित वर्गों का विकास एवं सशक्तिकरण, यही हमारा भाव है और हमारी नीयत है। मुझे पूरा विश्वास है कि गुजरात की जनता हमें ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूलमंत्र और हमारी साफ नीयत की वजह से एक बार अपनी सेवा का अवसर देगी। जनता केवल भ्रष्टाचारमुक्त प्रशासन और अवसरों में समानता चाहती है जिसे प्रदान करने में हम सफल रहे हैं और आगे भी निरंतर इसके लिए प्रयत्न जारी रहेंगे।

राज्य में आगामी चुनाव में नेतृत्व का चेहरा कौन होगा?
भारतीय जनता पार्टी कोई व्यक्ति विशेष पार्टी नहीं है। हमारे पार्टी के भीतर लोकतंत्र है और हम उसे ही फॉलो करते हैं। आगामी विधान सभा चुनाव में किसे कौन सी जिम्मेदारी दी जाती है यह संसदीय बोर्ड की बैठक में तय किया जाता है। और वैसे भी इन प्रश्नों के उत्तर देने के लिए यह उचित समय नहीं है, जब चुनाव का समय आएगा तब आपको इसका पता चल ही जाएगा।

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