राज ठाकरे के वर्तमान तेवर के मायने

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राज ठाकरे अचानक इस ढंग से पूरे देश में कई दिनों तक चर्चा के विषय रहेंगे और उनके साथ भारी संख्या में जनशक्ति दिखाई देगी इसकी कल्पना शायद ही किसी ने की होगी। लंबे समय से ऐसा लग रहा था जैसे राज ठाकरे राजनीति में सक्रिय है ही नहीं। पिछले…

राजनीतिक उलझन में फंसा यूपी का मुसलमान

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हाल ही में हुए उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में मुसलमानों ने अखिलेश यादव को वोट किया, कभी कांग्रेस का वोटर माना जाने वाला मुस्लिम समुदाय अब सपा की साइकिल पर अपना भविष्य देख रहे हैं। मुलायम सिंह यादव ने जो कुछ अपनी राजनीति के दौरान किया उससे मुस्लिम वोटर…

भाजपा की ऐतिहासिक विकास यात्रा

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भारतीय जनता पार्टी 6 अप्रैल को अपना स्थापना दिवस मनाती है। राष्ट्रवादी दल के रूप में पूरे भारत में अपनी पहचान बना चुकी भाजपा का वर्तमान में अब तक का  सर्वश्रेष्ठ दौर चल रहा है। श्रीरामजन्मभूमि  मंदिर आन्दोलन को राजनैतिक समर्थन देने के साथ ही  भाजपा की उर्ध्वगामी यात्रा प्रारंभ…

अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक पर छिड़ी बहस

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  जब से कश्मीर फाइल्स फिल्म रिलीज हुई है तब से बहुत सारे प्रश्न सामाजिक विमर्श में उभर आए हैं तथा आम जनमानस उन प्रश्नों के उत्तर की तलाश कर रहा है । एक प्रश्न यह भी है कि अल्पसंख्यकों को विशेष अधिकार क्यों , भारत में अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक…

अस्सी बनाम बीस प्रतिशत

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 80% बनाम 20% का बयान जिस सघन बहस, विवाद और बवंडर का आधार बना है वह अस्वाभाविक नहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, योगी आदित्यनाथ और कुछ हद तक गृह मंत्री अमित शाह ऐसे नाम हैं, जिनके एक-एक शब्द का विशेष दृष्टिकोण और परिधि के…

संसद में ‘माननीय’ कहने योग्य बचे हैं नेता?

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भारत एक लोकतांत्रिक देश है जहां हर व्यक्ति अपनी पसंद से अपना प्रतिनिधि चुनता है और वह प्रतिनिधि अपने क्षेत्र की समस्या को लेकर संसद में सरकार के साथ या फिर विरोध में रहता है। संसद की कार्यप्रणाली के अनुसार सरकार और विपक्ष एक साथ आकर देश के विकास को लेकर…

ममता बनर्जी के लिए दूर है दिल्ली

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इसी साल के पूर्वार्द्ध में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा सभा के चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की शानदार विजय के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अंदर यह महत्वाकांक्षा जाग उठी है कि अगर वे देश के विपक्षी दलों को एकजुट करने में सफल हो जाएं तो उनके लिए  पश्चिम बंगाल से…

इस तस्वीर के मायने 

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एक मुख्यमंत्री अपने प्रधानमंत्री के साथ टहलते हुए बातचीत करे और उसकी तस्वीर देशव्यापी सघन बहस का मुद्दा बन जाए इसकी आसानी से कल्पना नहीं की जा सकती थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी का टहलते हुए बात करने का वीडियो शायद पिछले कुछ समय में राजनीति का…

देश के दो प्रधानमंत्री के अहम की कहानी

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नरेंद्र दामोदर दास मोदी देश के 15वें प्रधानमंत्री हैं जबकि इंदिरा गांधी देश की 4 चौथी प्रधानमंत्री थी। इन दोनों ही लोगों में एक समानता यह थी इन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान बड़े और साहसी फैसले लिए थे। हालांकि दोनों लोगों के कार्यकाल में यह फर्क हैं कि जब इंदिरा गांधी…

जनता ने किसे बताया उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री ?

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उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले है जिसे लेकर सभी पार्टियों ने अपनी अपनी कमर कस ली है। सभी नेता अपने कार्यों और बयानों के माध्यम से जनता को लुभाने की कोशिश में लगे हुए हैं लेकिन इस बीच सवाल यह है कि आखिर जनता किसे अपना…

हिमालय क्षेत्र में प्रकृति संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन

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पहाड़ी क्षेत्रों में बादल का फटना एवं भूस्खलन एक साधारण घटना है, लेकिन केदारनाथ क्षेत्र में इतनी बड़ी आपदा पहली बार हुई है। इसी तरह से बादल का फटना, भूस्खलन, नदी की धारा बाधित होना, अल्पकालिक झील का निर्माण, झील का ध्वस्त होना एवं त्वरित बाढ़ का आना एवं अवसाद के अपवहित होने की घटना पर गंगोत्री हिमनदीय क्षेत्र में शोध अध्ययन किए गए हैं।

अनुदान बहुत हुआ अब श्रमदान करें

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महाराष्ट्र के वर्तमान मा. राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी उत्तराखंड के पूर्व मुख्य मंत्री भी रह चुके हैं। उत्तराखंड के गठन से उनकी सक्रीय राजनीति में अहम भूमिका रही है। उन्होंने उत्तराखंड के विकास के लिए कई योजनाएं बनाईं थीं। अब 21 वर्षों के उपरांत प्रदेश की प्रगति के संदर्भ में उन्होंने हिंदी विवेक से विशेष बातचीत की। प्रस्तुत हैं उसके कुछ प्रमुख अंश-

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